Onion Price Today: देशभर में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। कई जगह खुदरा बाजार में प्याज ₹70 से ₹80 प्रति किलो तक बिक रही है। इसी बीच सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज को कम कीमत पर बेचने की शुरुआत की है। दिल्ली-NCR में सरकारी एजेंसियों के जरिए प्याज सिर्फ ₹35 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब बाजार में प्याज की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। साथ ही सरकारी स्टॉक को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। अब उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने साफ किया है कि आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता है।
दिल्ली-NCR में ₹35 किलो बिक रही प्याज
देश के कई हिस्सों में प्याज की खुदरा कीमतें औसतन ₹70 प्रति किलो के आसपास पहुंच गई हैं। कुछ बाजारों में इसकी कीमत ₹80 प्रति किलो तक भी देखी जा रही है। बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने अपने प्राइस स्टेबिलाइजेशन बफर में रखे प्याज को खुदरा बाजार में उतारना शुरू किया है।
दिल्ली-NCR में बफर स्टॉक की प्याज ₹35 प्रति किलो की दर से बेची जा रही है। इसके लिए मोबाइल वैन और खुदरा वितरण केंद्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए प्याज की खुदरा बिक्री शुरू करने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित कृषि भवन से मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कौन खरीद सकता है सस्ती प्याज?
सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही यह प्याज आम उपभोक्ताओं के लिए है। दिल्ली-NCR में ग्राहक सरकारी बिक्री केंद्रों और मोबाइल वितरण वैन के माध्यम से ₹35 प्रति किलो की दर से प्याज खरीद सकते हैं।
इस बिक्री में सरकारी एजेंसियां NCCF, NAFED और केंद्रीय भंडार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से बफर स्टॉक की प्याज को सीधे खुदरा बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य है कि महंगी प्याज से परेशान उपभोक्ताओं को बाजार कीमत की तुलना में कम दर पर प्याज मिल सके और बढ़ती कीमतों पर भी नियंत्रण रखा जा सके।
सरकारी स्टॉक को लेकर क्यों उठे सवाल?
प्याज की कीमत बढ़ने के साथ ही सरकारी स्टॉक को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। दरअसल, इस साल सरकारी एजेंसियों ने बफर स्टॉक तैयार करने के लिए 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा था।
हालांकि, किसानों ने सरकारी एजेंसियों को प्याज बेचने के बजाय स्थानीय मंडियों में बिक्री को प्राथमिकता दी। इसकी वजह यह बताई गई कि मंडियों में उन्हें बेहतर कीमत मिल रही थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, तय लक्ष्य 2 लाख टन के मुकाबले इस साल करीब 1.20 लाख टन प्याज की ही सरकारी खरीद हो पाई। इसके बाद बाजार में यह चिंता सामने आई कि कम सरकारी स्टॉक की वजह से आने वाले महीनों में प्याज की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
मंत्रालय ने स्टॉक की कमी पर क्या कहा?
सरकारी खरीद लक्ष्य पूरा नहीं होने के बाद पैदा हुई चिंताओं पर उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के मुताबिक, देश में प्याज का उत्पादन पर्याप्त है और आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए उपलब्धता बनी रहेगी।
मंत्रालय ने बताया कि 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन 307 लाख मीट्रिक टन से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे में घरेलू खपत की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त प्याज उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि मजबूत उत्पादन, उपलब्ध स्टॉक और बाजार में समय-समय पर किए जा रहे सरकारी हस्तक्षेप से आने वाले महीनों में सप्लाई को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकार क्यों बेच रही है सस्ती प्याज?
सरकार समय-समय पर जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक का इस्तेमाल करती है। प्याज के मामले में भी यही रणनीति अपनाई जा रही है।
जब बाजार में प्याज की कीमत तेजी से बढ़ती है, तो सरकारी स्टॉक को बाजार में उतारकर अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ाई जाती है। इससे मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाने तथा कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
इस बार भी सरकार ने दिल्ली-NCR में ₹35 प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराकर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की है।
क्या आगे भी सस्ती प्याज मिलेगी?
फिलहाल सरकार ने दिल्ली-NCR में बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री शुरू की है। आने वाले समय में बाजार की कीमतों और उपलब्धता को देखते हुए सरकारी हस्तक्षेप जारी रहने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने भी पर्याप्त उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक का हवाला देते हुए आने वाले महीनों में प्याज की सप्लाई को लेकर भरोसा दिलाया है। हालांकि, स्थानीय बाजारों में कीमतें मंडी आवक, मांग और सप्लाई जैसे कई कारकों पर निर्भर करेंगी।
आम लोगों के लिए राहत की खबर
प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच दिल्ली-NCR के उपभोक्ताओं के लिए ₹35 प्रति किलो की सरकारी प्याज बड़ी राहत हो सकती है। बाजार में जहां प्याज करीब ₹70 या उससे अधिक कीमत पर मिल रही है, वहीं सरकारी बफर स्टॉक से इसकी बिक्री लगभग आधी कीमत पर की जा रही है।
सरकार का कहना है कि पर्याप्त उत्पादन और बाजार में हस्तक्षेप के जरिए आने वाले महीनों में प्याज की उपलब्धता बनाए रखने की कोशिश जारी रहेगी।


