GACM Technologies AI आधारित इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी सुपर प्लेटफॉर्म विकसित करेगी। कंपनी ने Winfluential Private Limited के साथ करीब ₹25 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए MoU साइन किया है। इस प्लेटफॉर्म में AI, CRM, KYC, पॉलिसी मैनेजमेंट और क्लेम सपोर्ट समेत कई सुविधाएं शामिल होंगी।
टेक्नोलॉजी कंपनी GACM Technologies ने AI आधारित इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए Winfluential Private Limited के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹25 करोड़ बताई गई है। MoU के तहत GACM Technologies को इस प्रोजेक्ट के लिए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पार्टनर बनाया गया है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि MoU दो पक्षों के बीच किसी प्रस्तावित काम को लेकर बनी सहमति का दस्तावेज होता है। यह जरूरी नहीं कि हर स्थिति में अंतिम और बाध्यकारी कॉन्ट्रैक्ट हो। ऐसे में प्रोजेक्ट की वास्तविक प्रगति और कमाई कंपनी के आगे के निष्पादन पर निर्भर करेगी।
18 से 24 महीने में पूरा हो सकता है प्रोजेक्ट
GACM Technologies इस AI-पावर्ड इंश्योरेंस सुपर प्लेटफॉर्म के डिजाइन और डेवलपमेंट का काम करेगी। इसके अलावा कंपनी टेस्टिंग, इंप्लीमेंटेशन और डिप्लॉयमेंट की जिम्मेदारी भी संभालेगी।
कंपनी के मुताबिक, पूरे प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब 18 से 24 महीने का समय लग सकता है। प्रोजेक्ट को अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा और भुगतान भी तय माइलस्टोन के आधार पर मिलने की बात कही गई है।
AI टेक्नोलॉजी पर रहेगा खास फोकस
इस प्लेटफॉर्म में कई AI आधारित फीचर्स शामिल किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य इंश्योरेंस बिजनेस से जुड़े सेल्स, कस्टमर मैनेजमेंट और डेटा एनालिसिस जैसे कामों को टेक्नोलॉजी के जरिए बेहतर बनाना है।
प्लेटफॉर्म में AI लीड स्कोरिंग और AI सेल्स असिस्टेंट जैसे फीचर्स होंगे। इसके साथ ही AI रिकमेंडेशन इंजन, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और कन्वर्सेशनल AI को भी प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनाया जाएगा।
AI की मदद से संभावित ग्राहकों की पहचान, सेल्स प्रक्रिया, ग्राहक संवाद और डेटा के आधार पर अनुमान लगाने जैसे कामों को ऑटोमेट करने की कोशिश की जाएगी।
CRM, KYC और पॉलिसी मैनेजमेंट भी होगा
यह प्रोजेक्ट केवल AI फीचर्स तक सीमित नहीं है। GACM Technologies के अनुसार, प्रस्तावित प्लेटफॉर्म में एजेंट CRM, KYC और डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी।
इसके अलावा पॉलिसी मैनेजमेंट, कमीशन मैनेजमेंट, रिन्यूअल और क्लेम सपोर्ट जैसे इंश्योरेंस से जुड़े जरूरी कार्यों को भी एक ही टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है।
इससे इंश्योरेंस कंपनियों और एजेंट्स के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं को एकीकृत करने में मदद मिल सकती है।
मोबाइल ऐप और थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन
प्रोजेक्ट के तहत GACM Technologies मोबाइल एप्लीकेशन भी विकसित करेगी। मोबाइल ऐप के जरिए प्लेटफॉर्म की सेवाओं को मोबाइल डिवाइस पर इस्तेमाल करने की सुविधा देने की योजना है।
प्लेटफॉर्म में इंश्योरेंस कंपनियों और थर्ड-पार्टी सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ इंटीग्रेशन की सुविधा भी होगी। इसके साथ ही कंपनी ने एंटरप्राइज-लेवल साइबर सिक्योरिटी को भी प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा बताया है।
आठ माइलस्टोन में होगा काम
इस प्रोजेक्ट के लिए भुगतान आठ माइलस्टोन के आधार पर मिलने की बात कही गई है। शुरुआत प्लेटफॉर्म के आर्किटेक्चर से होगी। इसके बाद CRM, पॉलिसी सिस्टम और AI से जुड़े डेवलपमेंट का काम आगे बढ़ेगा।
इसके बाद मोबाइल ऐप, टेस्टिंग और सिक्योरिटी से जुड़े चरण पूरे किए जाएंगे। आखिरी चरण में गो-लाइव, हैंडओवर और डॉक्यूमेंटेशन का काम शामिल होगा।
इस तरह कंपनी को प्रोजेक्ट की प्रगति के साथ चरणबद्ध तरीके से भुगतान मिलने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भी रेवेन्यू का मौका
GACM Technologies के लिए इस समझौते की खास बात यह है कि कंपनी को प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भी अतिरिक्त रेवेन्यू का अवसर मिल सकता है।
गो-लाइव के बाद प्लेटफॉर्म के लिए 12 महीने की वारंटी का प्रावधान है। इसके बाद कंपनी और ग्राहक के बीच सालाना मेंटेनेंस और सपोर्ट एग्रीमेंट किया जा सकता है।
अगर आगे यह एग्रीमेंट होता है, तो GACM Technologies को प्रोजेक्ट के शुरुआती डेवलपमेंट रेवेन्यू के अलावा मेंटेनेंस और सपोर्ट से recurring revenue हासिल करने का मौका मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
करीब ₹25 करोड़ का प्रस्तावित प्रोजेक्ट GACM Technologies के लिए कारोबारी अवसर के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। AI और इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़ने वाला प्लेटफॉर्म कंपनी के टेक्नोलॉजी कारोबार को विस्तार देने में मदद कर सकता है।
हालांकि, निवेशकों को केवल MoU या प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू के आधार पर शेयर को लेकर फैसला नहीं करना चाहिए। MoU और वास्तविक ऑर्डर/रेवेन्यू में अंतर होता है, जबकि प्रोजेक्ट की समयसीमा, माइलस्टोन पूरा होना, भुगतान और अंतिम कमाई जैसे पहलू आगे महत्वपूर्ण रहेंगे।
इसलिए निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, ऑर्डर बुक, कैश फ्लो, वैल्यूएशन और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं का भी आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और खुद भी रिसर्च करें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता है।


