ताइवान में पत्नी पर शक होने के बाद एक पति ने घर के Robot Vacuum के लाइव कैमरे और ऑडियो फीचर का इस्तेमाल किया। उसे पत्नी के साथ एक अन्य व्यक्ति दिखाई दिया और उसने रिकॉर्डिंग को कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया। सिविल केस में उसे मुआवजा भी मिला, लेकिन बाद में यही रिकॉर्डिंग उसकी मुश्किल का कारण बन गई। अदालत ने निजता भंग करने के मामले में उसे पांच महीने की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई।
टेक्नोलॉजी ने घर के काम आसान करने से लेकर सुरक्षा तक कई चीजों को बेहद सुविधाजनक बना दिया है। लेकिन ताइवान से सामने आया एक मामला यह भी दिखाता है कि किसी स्मार्ट डिवाइस का इस्तेमाल निजी जिंदगी में किस हद तक किया जा सकता है, इसे लेकर सावधानी कितनी जरूरी है।
मामला एक ऐसे पति से जुड़ा है, जिसे अपनी पत्नी पर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था। सच्चाई पता लगाने के लिए उसने घर में मौजूद Robot Vacuum Cleaner का इस्तेमाल किया। इस डिवाइस में लाइव कैमरा और ऑडियो फीचर मौजूद था। पति ने दूर से डिवाइस को सक्रिय किया और उसके लाइव फीड के जरिए घर के अंदर की गतिविधियों को देखा।
लाइव फीड में उसे पत्नी एक दूसरे व्यक्ति के साथ दिखाई दी। पति ने इस घटना की रिकॉर्डिंग कर ली और बाद में इसे पत्नी तथा उस व्यक्ति के खिलाफ दायर सिविल केस में सबूत के तौर पर पेश किया।
शुरुआत में यह रिकॉर्डिंग उसके लिए फायदेमंद साबित हुई। अदालत ने दोनों के रिश्ते को सामान्य दोस्ती से आगे माना और पति को मुआवजा भी दिलाया। लेकिन इसके बाद मामला पूरी तरह पलट गया।
इस्तेमाल किया Robot Vacuum, सामने आया बड़ा राज
यह मामला ताइवान का है और संबंधित व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी शादी 2021 में हुई थी। पति-पत्नी अपने माता-पिता के साथ रहते थे और छुट्टियों के दौरान अपने दूसरे घर पर भी जाते थे।
सितंबर 2023 में पति को उस घर में एक इस्तेमाल किया हुआ टूथब्रश मिला। उसे शक हुआ कि यह किसी दूसरे पुरुष का हो सकता है। इसके बाद उसने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि उसकी गैरमौजूदगी में घर पर कौन आ रहा है।
CCTV फुटेज ने बढ़ाया शक
शक की पुष्टि के लिए पति ने आसपास के पार्किंग गैराज की CCTV फुटेज भी देखी। फुटेज में उसे एक अनजान व्यक्ति दिखाई दिया, जो पहले उसकी पत्नी को घर छोड़ चुका था।
इस घटना के बाद उसका संदेह और गहरा गया। हालांकि, उसने सीधे कार्रवाई करने के बजाय और ठोस सबूत जुटाने का फैसला किया।
दिसंबर 2023 में Robot Vacuum से रिकॉर्डिंग
करीब तीन महीने बाद दिसंबर 2023 में पति ने अपने मोबाइल ऐप के जरिए घर में मौजूद Robot Vacuum को दूर से चालू किया।
इस डिवाइस में कैमरे के अलावा ऑडियो फीचर भी था, जिसकी मदद से वह घर में मौजूद व्यक्ति से बात कर सकता था। लेकिन जब उसने लाइव फीड देखा, तो उसे पत्नी एक दूसरे व्यक्ति के साथ दिखाई दी।
पति ने पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया। बाद में उसने इस वीडियो को अपनी पत्नी और उस व्यक्ति के खिलाफ दायर सिविल केस में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया।
₹60 लाख से ज्यादा के मुआवजे की मांग
पति ने पत्नी और दूसरे व्यक्ति से NT$2 मिलियन यानी करीब ₹60 लाख से ज्यादा के मुआवजे की मांग की।
सिविल कोर्ट ने मामले में माना कि दोनों के बीच का रिश्ता सामान्य दोस्ती की सीमा से आगे बढ़ चुका था। अदालत ने दोनों को मिलकर पति को NT$500,000 यानी करीब ₹15 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया।
यहां तक कहानी पति के पक्ष में जाती दिखाई दी। लेकिन इसके बाद वही वीडियो उसके लिए कानूनी परेशानी की वजह बन गया।
पत्नी ने पति के खिलाफ ही दर्ज कराया मामला
जिस रिकॉर्डिंग को पति ने अपने पक्ष में सबूत के तौर पर पेश किया था, उसी को लेकर पत्नी ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।
पत्नी का आरोप था कि पति ने उसकी अनुमति के बिना उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। पति ने अपने बचाव में कहा कि रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल अदालत में सबूत के तौर पर किया गया था और सिविल केस में इसे स्वीकार भी किया जा चुका था।
उसका तर्क था कि इसलिए रिकॉर्डिंग करना कानूनी रूप से गलत नहीं माना जाना चाहिए।
कोर्ट ने कहा- शादी का मतलब निजता खत्म होना नहीं
क्रिमिनल कोर्ट ने पति की दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि पति-पत्नी का रिश्ता होने का मतलब यह नहीं है कि एक व्यक्ति दूसरे की निजता के अधिकार को नजरअंदाज कर सकता है।
अदालत ने यह भी माना कि पति ने रिकॉर्डिंग जानबूझकर की थी। इसलिए केवल यह तथ्य कि वीडियो बाद में कोर्ट में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया गया, रिकॉर्डिंग करने की वैधता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
Robot Vacuum की आवाज से भी नहीं मिली राहत
पति ने एक और तर्क दिया। उसका कहना था कि Robot Vacuum के सक्रिय होने पर लाइट या आवाज के जरिए संकेत मिलता था। ऐसे में पत्नी को संभवतः पता चल सकता था कि डिवाइस चालू है और रिकॉर्डिंग कर रहा है।
लेकिन कोर्ट ने इसे पत्नी की सहमति का पर्याप्त प्रमाण नहीं माना। अदालत के सामने ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं था, जिससे यह साबित हो सके कि पत्नी को वास्तव में रिकॉर्डिंग की जानकारी थी या उसने इसके लिए अनुमति दी थी।
यानी डिवाइस का दिखाई देना या उसके चालू होने के संकेत मिलना अपने आप में रिकॉर्डिंग के लिए सहमति नहीं माना गया।
आखिरकार पति को हुई पांच महीने की जेल
मामले में क्रिमिनल कोर्ट ने पति को बिना अनुमति निजी तस्वीरें रिकॉर्ड करने के मामले में पांच महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर NT$150,000 यानी करीब ₹4.5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया।
इस तरह पत्नी पर शक दूर करने के लिए इस्तेमाल की गई टेक्नोलॉजी पति के लिए दोधारी तलवार साबित हुई। Robot Vacuum से मिली रिकॉर्डिंग ने उसे सिविल केस में मुआवजा दिलाने में मदद की, लेकिन निजी रिकॉर्डिंग के मामले में वही वीडियो उसके खिलाफ इस्तेमाल हुआ और आखिरकार उसे जेल की सजा भुगतनी पड़ी।
क्या सीख मिलती है?
यह मामला स्मार्ट होम डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर एक अहम सवाल भी खड़ा करता है। कैमरा, माइक्रोफोन और लाइव स्ट्रीमिंग जैसी सुविधाओं वाले घरेलू गैजेट अब सिर्फ सफाई या सुविधा तक सीमित नहीं हैं। इनका इस्तेमाल किसी व्यक्ति की निजी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए भी किया जा सकता है।
इसलिए किसी भी स्मार्ट डिवाइस से किसी व्यक्ति की रिकॉर्डिंग करने से पहले स्थानीय कानून और निजता से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है। खासकर निजी जगहों पर बिना अनुमति की गई रिकॉर्डिंग कानूनी जोखिम पैदा कर सकती है।


