IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र का असर मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
देश के कई हिस्सों में इस समय मानसून की गतिविधियां तेज हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में बारिश का असर और बढ़ सकता है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों, नदियों के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बीते 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बेहद भारी बारिश दर्ज की गई। यहां 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हुई।
इसके अलावा पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई।
इससे साफ है कि मानसून की सक्रियता फिलहाल कई राज्यों में बनी हुई है और आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य भारत में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक खराब रहने वाला है। 27 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश होने की संभावना है। वहीं राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 से 29 अगस्त के बीच बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इसके बाद 1 और 2 सितंबर को भी यहां व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है। 28 और 29 अगस्त तथा 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी 27 अगस्त से 2 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ मौसम अचानक बदल सकता है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 से 31 अगस्त के दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर जाने से बचने और बिजली चमकने के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी जाती है।
यूपी और उत्तराखंड में भी मौसम बिगड़ेगा
उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 27 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।
इसके बाद 28 अगस्त तथा 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है। 2 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है।
उत्तराखंड के लिए भी मौसम विभाग ने खास अलर्ट जारी किया है। राज्य में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में आकाशीय बिजली और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश
हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है। 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब होने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी होगा।
ओडिशा में 31 अगस्त तक बहुत भारी बारिश का खतरा
पूर्वी भारत में भी आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। 29 अगस्त के आसपास बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण बारिश का असर और बढ़ सकता है।
ओडिशा में 27 से 31 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। 1 और 2 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है।
गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 27 से 31 अगस्त के दौरान भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
झारखंड में 27 अगस्त को मध्यम से गंभीर स्तर की बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं बिहार में 28 और 29 अगस्त को व्यापक बारिश होने का अनुमान है। राज्य में 27 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है।
बिहार में 28 और 29 अगस्त को आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। इसलिए बारिश और बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत और जलाशयों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी तेज बारिश
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में 27 से 29 अगस्त और फिर 31 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है।
30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 31 अगस्त तथा 2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में 31 अगस्त तक गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा।
कोंकण-गोवा में 2 सितंबर तक बारिश
पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
वहीं गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश अपेक्षाकृत सीमित रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियों में अपेक्षाकृत सुस्ती रहने की संभावना है। हालांकि तटीय क्षेत्रों में मौसम अलग रह सकता है।
तटीय कर्नाटक और केरल में भी बारिश
तटीय कर्नाटक में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 27 से 30 अगस्त के बीच व्यापक बारिश हो सकती है।
27 अगस्त को केरल और माहे में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
अंडमान-निकोबार में तेज हवाओं का अलर्ट
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। 27 और 28 अगस्त को यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।
समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
अगले 5 दिनों में किन राज्यों पर ज्यादा असर?
IMD के पूर्वानुमान को देखें तो अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
इनमें कुछ राज्यों में बहुत भारी बारिश का खतरा है, जबकि कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ अचानक तेज बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
भारी बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
बारिश और आकाशीय बिजली के अलर्ट के बीच लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
- आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें।
- पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े न हों।
- पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदियों, नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास न जाएं।
- तेज बारिश के दौरान वाहन चलाते समय गति कम रखें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
- घर से बाहर निकलने से पहले अपने क्षेत्र का मौसम अपडेट जरूर जांचें।
निष्कर्ष
देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के चलते अगले कुछ दिनों तक मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का खतरा भी बना हुआ है।
ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेना चाहिए और खासकर पहाड़ी तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाली ताजा चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।


