Toxic Review: यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ 26 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। रिलीज से पहले फिल्म को लेकर जबरदस्त बज था, लेकिन शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाओं ने इसकी तस्वीर मिली-जुली कर दी है। सोशल मीडिया पर जहां यश की स्क्रीन प्रेजेंस, एक्शन और विजुअल ट्रीटमेंट की तारीफ हो रही है, वहीं कहानी, स्क्रीनप्ले, एडिटिंग और फिल्म की लंबी अवधि को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की अवधि करीब 3 घंटे 14 मिनट है और इसे ‘A’ सर्टिफिकेट मिला है।
कहानी और स्क्रीनप्ले ने किया सबसे ज्यादा निराश
#ToxicReview
In the recent past, we’ve seen so many talented filmmakers tell stories around toxic, problematic protagonists…and audiences have happily turned up for them.
After watching #Toxic, I genuinely felt the director had a much bigger ambition:
Make a film so…
— Thyview (@Thyview) August 26, 2026 ‘टॉक्सिक’ को लेकर सामने आ रही शुरुआती प्रतिक्रियाओं में सबसे ज्यादा आलोचना इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले की हो रही है। कई दर्शकों को लगा कि फिल्म का आइडिया और स्केल बड़ा है, लेकिन कहानी को जिस तरह आगे बढ़ाया गया है, वह उतना प्रभावी नहीं बन पाया।
कुछ प्रतिक्रियाओं में किरदारों को पर्याप्त तरीके से स्थापित नहीं करने और कहानी के फ्लो के कमजोर पड़ने की बात कही गई है। नतीजा यह है कि फिल्म के कई हिस्से दर्शकों को कहानी से जोड़ने के बजाय उन्हें भ्रमित करते हुए नजर आते हैं।
1.5 स्टार देकर रिव्यूअर ने उठाए सवाल
फिल्म को लेकर कुछ शुरुआती रिव्यू काफी सख्त रहे हैं। BINGED ने इसे 1.5/5 स्टार दिए और खासतौर पर इसकी लंबाई को लेकर निराशा जाहिर की। करीब साढ़े तीन घंटे के करीब पहुंचती फिल्म में अगर कहानी लगातार पकड़ बनाए न रखे, तो दर्शकों के लिए अनुभव लंबा महसूस होना स्वाभाविक है।
यही वजह है कि कुछ शुरुआती प्रतिक्रियाओं में फिल्म की लंबाई को उसकी कमजोरियों में गिना गया है। हालांकि, आधिकारिक लिस्टिंग के मुताबिक फिल्म की अवधि 3 घंटे 14 मिनट है।
यश की स्क्रीन प्रेजेंस बनी सबसे बड़ी ताकत
#Toxic A Fairy Tale That Turns Into a Complete Nightmare for Everyone!
A technically sound film buried under chaotic writing and exhausting execution. There are barely any proper character introductions, the narrative has no clear flow, and the screenplay gets confusing enough…
— Venky Reviews (@venkyreviews) August 26, 2026 जहां कहानी को लेकर शिकायतें हैं, वहीं यश की स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर शुरुआती प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक है। अभिनेता जब स्क्रीन पर आते हैं तो फिल्म में एक अलग ऊर्जा महसूस होती है।
बड़े स्तर पर फिल्माए गए एक्शन सीन्स, स्टाइलिश फ्रेमिंग और प्रोडक्शन डिजाइन भी दर्शकों का ध्यान खींचते हैं। शुरुआती थिएटर रिएक्शन में भी यश के प्रदर्शन और फिल्म के विजुअल ट्रीटमेंट की तारीफ देखने को मिली है।
विजुअल्स और एक्शन ने संभाली फिल्म की कमान
‘टॉक्सिक’ की सबसे बड़ी खासियत इसका विजुअल स्केल दिखाई देता है। फिल्म को एक खास सिनेमाई अंदाज में पेश करने की कोशिश की गई है और एक्शन सीन्स में इसका असर नजर आता है।
यश के फैंस के लिए बड़े पर्दे पर उनका एक्शन और स्टाइल फिल्म देखने की बड़ी वजह बन सकता है। लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब शानदार विजुअल्स के बावजूद कहानी उतना मजबूत इमोशनल कनेक्शन बनाने में सफल नहीं होती।
पहले हाफ की रफ्तार पर भी उठे सवाल
#Toxic Review: Three Hours of Toxic Torture!
BINGED RATING: 1.5/5
By the time #TOXIC ends, if you manage to sit through the entire three-hour runtime, you will not only feel bad for #Yash but also question why you gave this film three hours of your life.
It also makes you…
— BINGED (@Binged_) August 26, 2026 कुछ सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं में फिल्म के पहले हाफ को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली है। दर्शकों का एक वर्ग मानता है कि एडिटिंग और कहानी की गति कई जगह असमान हो जाती है।
कुछ सीन्स के ज्यादा लंबा खिंचने और कहानी को तेजी से आगे न बढ़ाने की शिकायत भी सामने आई है। ऐसे में फिल्म का लंबा रनटाइम और ज्यादा महसूस होने लगता है।
हर किसी को फिल्म खराब नहीं लगी
हालांकि ‘टॉक्सिक’ को पूरी तरह खारिज करने वाली प्रतिक्रियाएं ही सामने नहीं आई हैं। कुछ दर्शकों ने फिल्म के विजुअल्स, एक्शन, यश के प्रदर्शन और बड़े प्रोडक्शन स्केल को पसंद किया है।
यानी फिल्म का अनुभव काफी हद तक इस बात पर निर्भर कर सकता है कि दर्शक उससे क्या उम्मीद लेकर थिएटर पहुंच रहा है। अगर किसी को यश का स्टारडम, स्टाइलिश एक्शन और भव्य विजुअल्स पसंद हैं, तो फिल्म उसे आकर्षित कर सकती है। वहीं मजबूत कहानी और लगातार तेज नैरेटिव की उम्मीद रखने वाले दर्शक निराश हो सकते हैं।
क्या सिर्फ यश के स्टारडम पर चलेगी ‘टॉक्सिक’?
शुरुआती रिएक्शन से फिलहाल यही संकेत मिल रहा है कि ‘टॉक्सिक’ में पैकेजिंग और स्टार पावर मजबूत है, लेकिन कहानी उसकी सबसे कमजोर कड़ी बनती दिखाई दे रही है। यश की स्क्रीन प्रेजेंस, एक्शन और विजुअल्स को तारीफ मिल रही है, जबकि स्क्रीनप्ले, एडिटिंग, रफ्तार और इमोशनल कनेक्शन पर सवाल उठ रहे हैं।
फिल्म की असली परीक्षा अब बॉक्स ऑफिस और आने वाले दिनों की दर्शक प्रतिक्रिया में होगी। एडवांस बुकिंग से रिलीज से पहले ही फिल्म को मजबूत दिलचस्पी मिली थी, इसलिए अब देखना होगा कि यश का स्टारडम और फिल्म का विजुअल स्केल कहानी की कमियों पर कितना भारी पड़ता है।


