Shankesh Jewellers IPO Listing: पीएन गाडगिल (PN Gadgil) और कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers) जैसी बड़ी ज्वैलरी कंपनियों के लिए गहने बनाने वाली शंकेश ज्वैलर्स के शेयरों ने शेयर बाजार में मजबूत एंट्री की है। ₹93 के इश्यू प्राइस के मुकाबले कंपनी के शेयर BSE पर ₹102.20 और NSE पर ₹103.30 पर लिस्ट हुए। यानी आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 10-11 फीसदी का फायदा मिला। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली और BSE पर यह ₹99.30 तक फिसल गया।
Shankesh Jewellers IPO को मिला था कैसा रिस्पॉन्स?
शंकेश ज्वैलर्स का ₹367 करोड़ का आईपीओ 18 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और यह कुल 2.80 गुना सब्सक्राइब हुआ।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 2.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 5.68 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.42 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने आईपीओ के तहत ₹93 प्रति शेयर के भाव पर शेयर जारी किए।
आईपीओ से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
शंकेश ज्वैलर्स के आईपीओ में करीब ₹274 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा ₹5 फेस वैल्यू वाले 1 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए हैं।
OFS से मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाती है। वहीं, नए शेयरों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार को मजबूत करने में करेगी।
कंपनी के मुताबिक, करीब ₹158 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज कम करने, ₹38 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए किया जाएगा। बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
क्या करती है Shankesh Jewellers?
शंकेश ज्वैलर्स मुख्य रूप से B2B ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग कारोबार में है। कंपनी दूसरी बड़ी ज्वैलरी कंपनियों के लिए हैंडीक्राफ्टेड गोल्ड ज्वैलरी तैयार करती है। इसके प्रमुख ग्राहकों में पीएन गाडगिल और कल्याण ज्वैलर्स जैसी कंपनियां शामिल हैं।
कंपनी 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने से कई तरह के ज्वैलरी प्रोडक्ट बनाती है। इनमें चूड़ियां, झुमके, मंगलसूत्र, हार और अंगूठियां शामिल हैं। कंपनी को अपने ग्राहकों की तरफ से गोल्ड और डिजाइन उपलब्ध कराया जाता है और इसके आधार पर वह तैयार ज्वैलरी बनाती है।
कंपनी का कारोबार मॉडल अपेक्षाकृत एसेट-लाइट है। इसके अलावा शंकेश ज्वैलर्स खुद भी सीधे ग्राहकों को ज्वैलरी बेचती है।
लगातार मजबूत हुई कंपनी की वित्तीय स्थिति
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी बीते वर्षों में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 188 फीसदी से अधिक के CAGR से बढ़कर ₹106.68 करोड़ हो गया।
इसी अवधि में कंपनी की कुल आय करीब 24 फीसदी के CAGR से बढ़कर ₹1,630.93 करोड़ पहुंच गई। इससे कंपनी के कारोबार में लगातार विस्तार का संकेत मिलता है।
हालांकि, निवेशकों के लिए कंपनी के कर्ज की स्थिति को देखना भी जरूरी है। मार्च 2026 के अंत तक कंपनी पर करीब ₹167.30 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं, कंपनी के रिजर्व और सरप्लस करीब ₹150.65 करोड़ थे। आईपीओ से मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा कर्ज घटाने में इस्तेमाल किया जाना कंपनी के लिए सकारात्मक कदम माना जा सकता है।
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
शंकेश ज्वैलर्स के शेयर की आईपीओ प्राइस से करीब 11 फीसदी प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई है। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में कुछ गिरावट भी आई। ऐसे में सिर्फ लिस्टिंग गेन देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
कंपनी की कमाई में मजबूत वृद्धि, बड़े ज्वैलरी ब्रांड्स के साथ कारोबार और कर्ज कम करने की योजना इसके सकारात्मक पहलू हैं। दूसरी ओर, ज्वैलरी कारोबार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ग्राहकों पर निर्भरता और बाजार में प्रतिस्पर्धा जैसे जोखिम भी हैं। इसलिए नई खरीदारी से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, तिमाही नतीजों, कर्ज और भविष्य की ग्रोथ को ध्यान से देखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी निवेश या खरीद-बिक्री की सलाह नहीं देता।


