Lumino Industries IPO: कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर बनाने वाली कंपनी Lumino Industries का IPO 27 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। IPO का प्राइस बैंड ₹78 से ₹82 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशकों के बीच इस IPO को लेकर खास चर्चा इसलिए है क्योंकि ग्रे मार्केट में इसका GMP ₹48 के आसपास बताया जा रहा है।
₹82 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹48 का GMP करीब 58.54% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम सिर्फ बाजार की धारणा को दर्शाता है और इससे वास्तविक लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती।
Lumino Industries IPO की जरूरी जानकारी
| पैमाना | डिटेल |
|---|---|
| IPO खुलने की तारीख | 27 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 31 अगस्त 2026 |
| फेस वैल्यू | ₹5 प्रति शेयर |
| प्राइस बैंड | ₹78 से ₹82 प्रति शेयर |
| इश्यू साइज | करीब ₹700 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | करीब ₹500 करोड़ |
| OFS | करीब 2.44 करोड़ शेयर |
| संभावित GMP | ₹48 |
₹48 का GMP दे रहा 58% मुनाफे का संकेत
Lumino Industries IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम फिलहाल निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। उपलब्ध GMP आंकड़ों के मुताबिक, IPO का प्रीमियम करीब ₹48 है। अगर यह GMP लिस्टिंग तक बना रहता है और ₹82 का अपर प्राइस बैंड आधार माना जाए, तो शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹130 हो सकती है।
इस हिसाब से ₹82 के इश्यू प्राइस पर लगभग ₹48 यानी करीब 58.54% संभावित लिस्टिंग गेन बनता है।
हालांकि, GMP अनऑफिशियल मार्केट का संकेतक है। इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है और यह जरूरी नहीं कि शेयर की लिस्टिंग इसी अनुमानित कीमत पर हो।
प्रमोटर भी बेचेंगे करीब ₹200 करोड़ के शेयर
Lumino Industries IPO में करीब ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है। इसके अलावा प्रमोटर देवेंद्र गोयल और उनके बेटे जय गोयल करीब ₹200 करोड़ तक के शेयर ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचेंगे।
कंपनी ने पहले इससे बड़ा IPO लाने की योजना बनाई थी। शुरुआती प्रस्ताव में करीब ₹1,000 करोड़ का इश्यू शामिल था, जिसमें ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का OFS प्रस्तावित था। बाद में कंपनी ने इश्यू का आकार घटाकर करीब ₹700 करोड़ कर दिया।
IPO से जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनी?
Lumino Industries फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपने कर्ज को कम करने में इस्तेमाल करेगी। कंपनी करीब ₹337 करोड़ कर्ज के भुगतान के लिए खर्च करने की योजना बना रही है।
जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज करीब ₹1,856.7 करोड़ था। ऐसे में IPO से जुटाई गई रकम का कर्ज घटाने में इस्तेमाल कंपनी के वित्तीय बोझ को कम करने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा करीब ₹15 करोड़ मशीनरी और उपकरणों की खरीद, सिविल वर्क और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विकास पर खर्च किए जाने हैं।
क्या कारोबार करती है Lumino Industries?
Lumino Industries कंडक्टर, पावर केबल और अन्य स्पेशलाइज्ड इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स का निर्माण करती है। कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल पावर ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में किया जाता है।
कंपनी के ग्राहकों में Kalpataru Projects International, Jackson और R S Infraprojects जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी भारत के बाहर भी अपने उत्पादों की बिक्री करती है।
Lumino Industries अमेरिका, माली, बुर्किना फासो, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या, घाना, रवांडा और इथियोपिया जैसे बाजारों में भी कारोबार करती है।
FY26 में मुनाफे और रेवेन्यू में बढ़ोतरी
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 में Lumino Industries का मुनाफा करीब ₹160 करोड़ रहा। FY25 में कंपनी का मुनाफा ₹124.6 करोड़ था। यानी एक साल में मुनाफे में करीब 28.4% की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी के रेवेन्यू में भी सुधार देखने को मिला। FY26 में रेवेन्यू करीब ₹2,041 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹1,918 करोड़ था। इस तरह रेवेन्यू में लगभग 6.4% की वृद्धि हुई।
FY26 के अंत में कंपनी की कुल बिक्री में घरेलू कारोबार की हिस्सेदारी करीब 98% थी।
₹3,149 करोड़ की ऑर्डर बुक भी अहम
Lumino Industries IPO में निवेशकों के लिए कंपनी की ऑर्डर बुक भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक करीब ₹3,149.8 करोड़ थी।
मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य में कंपनी के रेवेन्यू विजिबिलिटी को सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, ऑर्डर बुक का वास्तविक फायदा कंपनी की समय पर डिलीवरी, मार्जिन और नए ऑर्डर हासिल करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
Lumino Industries IPO में एक तरफ मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ता मुनाफा और इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कारोबार की संभावनाएं सकारात्मक पहलू हैं। दूसरी तरफ कंपनी पर मौजूद कर्ज भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम है।
IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होना कंपनी के लिए सकारात्मक हो सकता है, लेकिन निवेशकों को सिर्फ GMP देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी का वैल्यूएशन, कर्ज, कैश फ्लो, मार्जिन, ऑर्डर बुक और IPO के बाद की ग्रोथ संभावनाओं को भी देखना जरूरी है।
निष्कर्ष: Lumino Industries IPO 27 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक खुलने वाला है। ₹78-82 के प्राइस बैंड और करीब ₹48 के GMP ने इसे निवेशकों के रडार पर ला दिया है। GMP के आधार पर करीब 58% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत जरूर मिल रहा है, लेकिन वास्तविक रिटर्न बाजार की स्थिति और लिस्टिंग के समय मांग पर निर्भर करेगा।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। IPO और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट, वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं देता।


