गर्मियों में AC चलाना आराम तो देता है, लेकिन हर महीने आने वाला बिजली का भारी बिल बजट बिगाड़ सकता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर का दावा चर्चा में है। उन्होंने बताया कि AC की सिर्फ तापमान सेटिंग बदलने से उनके बिजली बिल में करीब 60 फीसदी की कमी आई। खास बात यह है कि उन्होंने न तो AC बदला और न ही इसके इस्तेमाल का समय कम किया।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक व्यक्तिगत अनुभव है। हर घर में बिजली की दर, AC की क्षमता, कमरे का आकार, इंसुलेशन, बाहरी तापमान और इस्तेमाल के तरीके अलग होते हैं। इसलिए 22°C से 28°C करने पर हर व्यक्ति को इतनी ही बचत मिले, यह जरूरी नहीं है।
22°C पर ₹3,500, 28°C पर ₹1,292 का बिल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पूजा (@poojaofficial5) ने अपने AC इस्तेमाल का अनुभव शेयर किया। उनके मुताबिक, वह रोजाना करीब 5 से 7 घंटे AC को 22°C पर चलाती थीं। इस दौरान उनका मासिक बिजली बिल लगभग ₹3,500 तक पहुंच जाता था।
इसके बाद उन्होंने AC का तापमान बढ़ाकर 28°C कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इस्तेमाल का समय लगभग उतना ही रखा, लेकिन अगले दो महीनों में उनका बिजली बिल करीब ₹1,292 रहा।
यानी उनके बताए आंकड़ों के अनुसार करीब ₹2,208 प्रति महीने का अंतर आया। अगर इसी अंतर को 12 महीनों के लिए देखा जाए तो सालाना बचत लगभग ₹26,496 बैठती है। हालांकि, यह सिर्फ उनके बताए बिल के आंकड़ों पर आधारित गणना है और पूरे साल यही बचत बनी रहे, यह जरूरी नहीं है।
तापमान बढ़ाने से बिजली की खपत क्यों घट सकती है?
AC को कम तापमान पर सेट करने का मतलब यह नहीं है कि कम समय में बिजली की खपत हमेशा कम होगी। जब कमरे का निर्धारित तापमान और बाहर का तापमान बहुत ज्यादा अलग होता है, तो AC के कंप्रेसर को कमरे को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।
इसके विपरीत, तापमान सेटिंग बढ़ाने पर AC को कमरे को बहुत ज्यादा ठंडा करने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे कूलिंग की जरूरत और कुछ परिस्थितियों में कंप्रेसर के चलने का समय कम हो सकता है। यही वजह है कि अपेक्षाकृत ऊंची तापमान सेटिंग बिजली की खपत घटाने में मदद कर सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 28°C हर व्यक्ति के लिए सबसे बेहतर सेटिंग होगी। आरामदायक तापमान व्यक्ति और मौसम के हिसाब से अलग हो सकता है।
28°C पर शुरुआत में कम ठंडक महसूस हुई
पूजा के मुताबिक, 28°C पर AC चलाने के बाद शुरुआत में कमरे को आरामदायक महसूस होने में थोड़ा ज्यादा समय लगा। हालांकि, कुछ देर बाद उन्हें कमरे का तापमान ठीक लगा।
यह अनुभव भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि AC की तापमान सेटिंग बढ़ाने पर तुरंत मिलने वाली ठंडक कम महसूस हो सकती है। खासकर जब बाहर तापमान बहुत ज्यादा हो, तब कमरे को आरामदायक स्थिति में आने में समय लग सकता है।
AC बंद किए बिना भी कम किया जा सकता है बिजली बिल
बिजली बचाने के लिए AC को पूरी तरह बंद करना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। इस्तेमाल के तरीके में छोटे बदलाव भी बिजली की खपत को प्रभावित कर सकते हैं।
AC का तापमान बहुत कम न रखें
अगर आपको 22°C पर बहुत ज्यादा ठंडक की जरूरत नहीं है, तो तापमान को कुछ डिग्री बढ़ाकर देखा जा सकता है। इससे AC को कमरे को बेहद कम तापमान तक ठंडा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
AC फिल्टर साफ रखें
गंदे फिल्टर की वजह से एयरफ्लो प्रभावित हो सकता है और AC को वांछित कूलिंग देने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इसलिए निर्माता की सलाह के अनुसार फिल्टर की सफाई करना जरूरी है।
कमरे में ठंडी हवा बाहर न निकलने दें
दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद रखने से ठंडी हवा को कमरे में बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे AC पर अतिरिक्त लोड पड़ने की संभावना कम हो सकती है।
कमरे की धूप और गर्मी कम करें
दिन के समय सीधे कमरे में आने वाली धूप कमरे को गर्म कर सकती है। पर्दे या ब्लाइंड्स का इस्तेमाल करके कमरे में आने वाली गर्मी को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
क्या 28°C करने से हर किसी का बिल 60% कम होगा?
नहीं, ऐसा मानना सही नहीं होगा। पूजा का दावा उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। बिजली की बचत कई चीजों पर निर्भर करती है, जैसे AC का टन, स्टार रेटिंग, इन्वर्टर या नॉन-इन्वर्टर तकनीक, कमरे का आकार, बाहर का तापमान, कमरे की सीलिंग और इंसुलेशन, बिजली की यूनिट दर और AC रोज कितने घंटे चलता है।
इसलिए किसी दूसरे घर में 22°C से 28°C करने पर 60 फीसदी की बचत हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ घरों में बचत कम हो सकती है, जबकि कुछ परिस्थितियों में अंतर ज्यादा भी हो सकता है।
छोटी सेटिंग से मिल सकता है बड़ा फायदा
इस पूरे मामले की सबसे अहम बात यह है कि बिजली बचाने के लिए हमेशा नया AC या महंगा उपकरण खरीदना जरूरी नहीं होता। मौजूदा AC को समझदारी से इस्तेमाल करने, तापमान को जरूरत के मुताबिक रखने और उसकी नियमित सफाई करने से भी बिजली की खपत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए ₹3,500 से ₹1,292 के बिल के आंकड़ों को व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर ही देखना चाहिए। इसे हर घर में लागू होने वाला निश्चित नियम नहीं माना जा सकता।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा साझा किए गए अनुभव और दावे पर आधारित है। NewsJagran इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता और न ही इनके आधार पर किसी निश्चित बिजली बचत की गारंटी देता है। बिजली की वास्तविक खपत AC मॉडल, तापमान, मौसम, कमरे और इस्तेमाल के तरीके समेत कई कारकों पर निर्भर करती है।


