Western Railway Viral Video: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने रेलवे की संपत्ति और उसके इस्तेमाल को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। वीडियो में तीन लोग बाजार में सफेद चादर को शॉल की तरह ओढ़े नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि चादर पर साफ-साफ “WESTERN RAILWAY” लिखा दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने जहां रेलवे की संपत्ति के इस्तेमाल पर सवाल उठाए, वहीं कई लोगों ने इसे लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं भी दीं।
वीडियो को देखकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि रेलवे की पहचान वाली ये चादरें आखिर बाजार तक कैसे पहुंचीं? सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि ये चादरें रेलवे से चोरी की गई थीं। हालांकि, इस चोरी के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों पर चोरी का आरोप तथ्य के तौर पर नहीं लगाया जा सकता।
कैमरा घूमते ही दिखी ‘Western Railway’ की चादर
Three men spotted in a market openly wearing Indian Railways bedsheets as shawls.
The white linen clearly bears the “WESTERN RAILWAY” marking. these bedsheets were stolen from a Western Railway train.
According to RTI data compiled across railway divisions, from January 2022 to… pic.twitter.com/IsEKca87v8
— Gems Of Railway (@GemsOfRailway) August 22, 2026 वायरल वीडियो को X पर @GemsOfRailway नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। फुटेज में तीन लोग एक दुकान के बाहर दिखाई देते हैं। तीनों के शरीर पर सफेद कपड़ा लिपटा हुआ है और उस पर WESTERN RAILWAY की मार्किंग साफ नजर आती है।
वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति इन चादरों को रेलवे से चोरी किए जाने का दावा करता सुनाई देता है। इसी दावे ने वीडियो को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया। हालांकि, उपलब्ध वीडियो से यह निश्चित तौर पर साबित नहीं होता कि चादरें चोरी की गई थीं या किसी अन्य तरीके से वहां पहुंची थीं।
रेलवे की चादर बनी सोशल मीडिया का ‘फैशन ब्रांड’
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई, तो कुछ ने पूरे मामले को मजाकिया अंदाज में लिया।
कई यूजर्स ने इस बात पर चुटकी ली कि “WESTERN RAILWAY” को लोग किसी महंगे फैशन ब्रांड के लोगो की तरह पहनकर घूम रहे हैं। कुछ प्रतिक्रियाओं में रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा और यात्रियों की जिम्मेदारी का मुद्दा भी उठाया गया।
पोस्ट में RTI के आंकड़ों का भी दावा
वायरल पोस्ट के साथ रेलवे के लिनेन से जुड़े कुछ आंकड़ों का भी जिक्र किया गया है। पोस्ट में RTI के हवाले से दावा किया गया कि जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच AC कोचों से बड़ी संख्या में बेडरोल आइटम गायब हुए।
पोस्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में अलग-अलग रेलवे डिवीजनों से 1.27 करोड़ से अधिक बेडरोल आइटम गायब होने का दावा किया गया है। इनमें करीब 46.54 लाख फेस टॉवल, 41.13 लाख बेडशीट, 23.59 लाख पिलो कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए शामिल बताए गए हैं।
वायरल पोस्ट में इन सामानों की कुल कीमत ₹104.51 करोड़ से ज्यादा होने का भी दावा किया गया है। हालांकि, ये आंकड़े वायरल पोस्ट में RTI डेटा के हवाले से पेश किए गए हैं और इस वीडियो में दिख रही चादरों के साथ इनका सीधा संबंध स्थापित नहीं होता।
सार्वजनिक संपत्ति को लेकर उठे सवाल
वायरल वीडियो ने एक गंभीर सवाल भी खड़ा किया है—अगर रेलवे का सामान यात्रियों या अन्य लोगों के निजी इस्तेमाल तक पहुंच रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
ट्रेन में यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली बेडशीट, कंबल और अन्य लिनेन रेलवे की सेवा का हिस्सा हैं। इनके गायब होने की स्थिति में रेलवे को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है और इसका असर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल वीडियो में दिख रहे तीन लोगों के बारे में यह स्पष्ट नहीं है कि वे चादरें कहां से लेकर आए थे। इसलिए सोशल मीडिया पर किए गए चोरी के दावे को आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य नहीं माना जा सकता।
वायरल वीडियो ने खूब बटोरी सुर्खियां
वीडियो की सबसे खास बात यही है कि चादर पर लिखे “WESTERN RAILWAY” ने लोगों का ध्यान तुरंत खींच लिया। इसी वजह से छोटी-सी क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और लोगों को इस पर मजेदार कमेंट करने का मौका भी मिल गया।
हालांकि, मजाक और मीम्स से अलग यह मामला सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और जिम्मेदार इस्तेमाल का सवाल जरूर उठाता है। जब तक रेलवे या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावों को सावधानी से देखना जरूरी है।


