NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    railway-project-4-multitracking-projects-13-crore-liter-oil-import-carbon-emission
    Rail Project: 2.60 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर… रेलवे के ये 4 प्रोजेक्ट बचाएंगे 13 करोड़ लीटर तेल आयात, कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा
    21 अगस्त 2026
    china-against-india-business-visa-russian-oil-challenge
    भारत के खिलाफ चीन का कारोबारी चक्रव्यूह! बिजनेस वीजा पर सख्ती से बढ़ी परेशानी, रूसी तेल पर भी बढ़ा दबाव
    21 अगस्त 2026
    henry-ford-business-quote-money-losing-money-quote
    Quote of the Day By Henry Ford: ‘दो तरह के लोग अपना पैसा गंवाते हैं, संभालने में लापरवाही दिखाने वाले और धोखे से कमाने वाले’
    21 अगस्त 2026
    chini-ki-keemat-production-15-20-din-pahle-isma-tax-chhoot-sarkar-shart
    चीनी की कीमतों पर सरकार को राहत की उम्मीद, 15-20 दिन पहले शुरू हो सकता है नया उत्पादन; ISMA ने रखी टैक्स छूट की शर्त
    21 अगस्त 2026
    tata-group-news-noel-tata-deepak-parekh-tata-sons-next-chairman
    Tata Group News: टाटा संस में कौन लेगा एन चंद्रशेखरन की जगह? दीपक पारेख से मिले नोएल टाटा
    21 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-price-today-america-treasury-decision-gold-4500-dollar-cross
    Gold Price Today: अमेरिका के एक फैसले से रॉकेट बना सोना! $4,500 के पार पहुंची कीमत, क्या अब और बढ़ेगा भाव?
    20 अगस्त 2026
    gold-price-today-19-august-2026-10-cities-gold-rate
    Gold Price Today: महंगा होता जा रहा गोल्ड, लगातार तीसरे दिन बढ़ी चमक, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट का भाव
    19 अगस्त 2026
    gold-silver-price-india-mcx-gold-silver-rate-fall
    Gold Price Today: लगातार दूसरे दिन चमका गोल्ड, दिल्ली से पटना तक 10 शहरों में सबसे सस्ता बिक रहा यहां
    18 अगस्त 2026
    gold-silver-price-fed-interest-rate-expectations-dollar-weakness
    Gold Silver Price: सोने-चांदी में तेजी कायम, जानिए ग्लोबल संकेत क्यों हैं अहम?
    17 अगस्त 2026
    aditya-birla-capital-gold-loan-business-share-price
    Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3490 तक महंगा, वैश्विक कीमत 0.9% बढ़ी
    16 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    market-cues-nifty-24300-24400-resistance-24150-support-trade-setup
    Market Cues: 24,300-24,400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24,150 पर तत्काल सपोर्ट
    21 अगस्त 2026
    share-market-today-gift-nifty-global-market-nifty-outlook
    आज बाजार में क्या होगा? गुड फ्राइडे या मिलेगी निराशा, GIFT Nifty और ग्लोबल मार्केट से जानें संकेत
    21 अगस्त 2026
    stocks-to-watch-21-august-amagi-media-labs-railtel-hal-lic-housing-finance
    Stocks to Watch: आज 21 अगस्त को Amagi Media Labs, RailTel, HAL, LIC Housing Finance समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक
    21 अगस्त 2026
    asian-market-today-21-august-nikkei-kospi-wall-street-selloff
    Asian Market Today: एशियाई बाजारों में दबाव, वॉल स्ट्रीट की बिकवाली का दिखा असर, निक्केई और टोपिक्स में गिरावट
    21 अगस्त 2026
    stocks-to-watch-21-august-railtel-hal-manipal-health-13-stocks
    Stocks to Watch 21 August: रेलटेल, HAL से मणिपाल हेल्थ तक, इन 13 शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर
    20 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: India Sugar Import: 10 साल बाद विदेश से मंगाई जाएगी 10 लाख टन चीनी, बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का बड़ा फैसला
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

India Sugar Import: 10 साल बाद विदेश से मंगाई जाएगी 10 लाख टन चीनी, बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का बड़ा फैसला

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/21 at 9:23 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
11 Min Read
india-sugar-import-10-lakh-tonne-duty-free-sugar-import-2026
SHARE

Sugar Supply Crisis: देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और आने वाले त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की संभावना के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों में आगे होने वाली तेजी को रोकना है।

Contents
10 साल बाद क्यों पड़ी चीनी आयात की जरूरत?10 लाख टन कच्ची चीनी का होगा शुल्क-मुक्त आयातत्योहारों में क्यों बढ़ जाती है चीनी की मांग?सरकार ने स्टॉक लिमिट भी की सख्तकमजोर बारिश से गन्ने की फसल पर चिंताचीनी की कीमतों पर क्या होगा असर?चीनी उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण फैसलाआगे किन बातों पर रहेगी नजर?

पिछले करीब दो महीनों में चीनी की कीमतों में लगभग 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कीमतों में इस तेजी के बीच भारत को करीब एक दशक बाद बड़े पैमाने पर चीनी आयात करने का फैसला लेना पड़ा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक और उपभोक्ता देशों में शामिल है, लेकिन घरेलू उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक पर दबाव बढ़ने के कारण इस बार सरकार ने आयात का रास्ता चुना है।

10 साल बाद क्यों पड़ी चीनी आयात की जरूरत?

भारत आमतौर पर अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए चीनी के आयात पर निर्भर नहीं रहता। देश में गन्ने की पर्याप्त खेती और बड़ी संख्या में चीनी मिलें होने के कारण घरेलू उत्पादन से खपत की जरूरत पूरी हो जाती है। हालांकि, इस साल स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है।

घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में लगातार तेजी आई है। इसके साथ ही आने वाले महीनों में खपत बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सरकार को आशंका है कि अगर बाजार में पर्याप्त स्टॉक नहीं रहा तो कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।

उद्योग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने आखिरी बार बड़ी मात्रा में चीनी का आयात 2017-18 में किया था। इसके बाद घरेलू उत्पादन और उपलब्धता के कारण देश को बड़े पैमाने पर आयात की जरूरत नहीं पड़ी। अब करीब 10 साल बाद एक बार फिर सरकार ने आयात की अनुमति दी है।

10 लाख टन कच्ची चीनी का होगा शुल्क-मुक्त आयात

सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी है। इस आयात पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा। शुल्क-मुक्त आयात से घरेलू बाजार में अतिरिक्त सप्लाई पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

सरकार का उद्देश्य केवल चीनी की कमी को दूर करना ही नहीं है, बल्कि बाजार में कीमतों को भी नियंत्रित रखना है। अगर घरेलू सप्लाई के मुकाबले मांग तेजी से बढ़ती है तो कीमतों पर दबाव आना स्वाभाविक है। ऐसे में विदेश से अतिरिक्त चीनी मंगाकर बाजार में उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

यह फैसला खास तौर पर ऐसे समय आया है जब चीनी की कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी हैं और त्योहारी सीजन नजदीक है।

त्योहारों में क्यों बढ़ जाती है चीनी की मांग?

भारत में अगस्त से नवंबर के बीच चीनी की खपत में तेजी आने की संभावना रहती है। इस अवधि में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आते हैं।

त्योहारी सीजन के दौरान घरों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती है। मिठाई की दुकानों के अलावा बेकरी, पेय पदार्थ, बिस्किट और कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियां भी बड़ी मात्रा में चीनी का इस्तेमाल करती हैं।

दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले कंपनियां और कारोबारी अपने स्टॉक को बढ़ाना शुरू कर देते हैं। इससे बाजार में चीनी की मांग अचानक बढ़ सकती है। सरकार इसी संभावित मांग को ध्यान में रखते हुए पहले से सप्लाई सुनिश्चित करना चाहती है।

अगर त्योहारों के दौरान मांग बढ़ती है और उसके मुकाबले बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध नहीं रहती, तो थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर कीमतें बढ़ने का खतरा रहता है। आयात के जरिए सरकार इस संभावित स्थिति से निपटने की कोशिश कर रही है।

सरकार ने स्टॉक लिमिट भी की सख्त

चीनी की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार ने सिर्फ आयात का फैसला नहीं किया है। बड़े खरीदारों और डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा भी सख्त की गई है।

नए नियम के मुताबिक, हर महीने 10 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करने वाले डीलर अब अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। यह व्यवस्था 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।

इससे पहले जुलाई में सरकार ने थोक खरीदारों के लिए 30 दिनों की खपत के बराबर स्टॉक रखने की सीमा तय की थी। अब इसे घटाकर 15 दिनों की खपत तक किया गया है।

स्टॉक लिमिट का उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की संभावनाओं को कम करना है। अगर कारोबारी बड़ी मात्रा में स्टॉक जमा करते हैं तो बाजार में कृत्रिम कमी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है और कीमतों में तेजी आ सकती है। सरकार की कोशिश है कि चीनी की सप्लाई बाजार में लगातार बनी रहे।

कमजोर बारिश से गन्ने की फसल पर चिंता

चीनी की सप्लाई को लेकर सिर्फ मौजूदा स्टॉक ही चिंता का कारण नहीं है। मौसम की स्थिति ने भी सरकार और उद्योग की चिंता बढ़ाई है।

गन्ना ऐसी फसल है जिसमें पानी की काफी जरूरत होती है। इसकी पैदावार मानसून और सिंचाई की उपलब्धता पर काफी निर्भर करती है। इस साल बारिश का वितरण कई क्षेत्रों में सामान्य नहीं रहा है, जिससे गन्ने की फसल पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मुताबिक, इस साल मानसूनी बारिश सामान्य स्तर से करीब 13 फीसदी कम रही है। जून के अंत में बारिश की कमी 40 फीसदी से भी ज्यादा थी। हालांकि बाद में स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन बारिश की कमी और उसके वितरण को लेकर चिंता बनी हुई है।

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 14 अगस्त तक देश में गन्ने का रकबा करीब 58.3 लाख हेक्टेयर था। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में थोड़ा कम है।

गन्ने के रकबे में कमी और बारिश की स्थिति का असर आने वाले समय में उत्पादन पर पड़ सकता है। यही वजह है कि सरकार मौजूदा सीजन में चीनी की उपलब्धता को लेकर सतर्क नजर आ रही है।

चीनी की कीमतों पर क्या होगा असर?

सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा असर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर पड़ सकता है। अगर 10 लाख टन अतिरिक्त कच्ची चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है तो सप्लाई का दबाव कम हो सकता है।

मांग बढ़ने के बावजूद अगर बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहता है तो कीमतों में अचानक तेजी आने की संभावना कम हो सकती है। हालांकि इसका असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि आयातित चीनी कितनी तेजी से भारत पहुंचती है और घरेलू उत्पादन की स्थिति कैसी रहती है।

पिछले दो महीनों में करीब 40 फीसदी की कीमत वृद्धि के बाद सरकार के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर त्योहारी सीजन में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए चीनी की सप्लाई को पर्याप्त रखना जरूरी है।

चीनी उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला

भारत का चीनी उद्योग देश की कृषि अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है। गन्ना किसानों से लेकर चीनी मिलों, थोक कारोबारियों और खाद्य कंपनियों तक इसकी पूरी सप्लाई चेन पर चीनी बाजार की स्थिति का असर पड़ता है।

एक तरफ सरकार को किसानों और चीनी मिलों के हितों का ध्यान रखना होता है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं के लिए चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखना भी जरूरी है। ऐसे में आयात और स्टॉक लिमिट जैसे कदमों के जरिए सरकार दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

अगर घरेलू उत्पादन उम्मीद के मुताबिक रहता है और आयातित चीनी भी समय पर उपलब्ध हो जाती है, तो त्योहारी सीजन में सप्लाई की स्थिति बेहतर रह सकती है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

अब बाजार की नजर मुख्य रूप से तीन चीजों पर रहेगी। पहली, 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की रफ्तार कैसी रहती है। दूसरी, आने वाले हफ्तों में चीनी की घरेलू कीमतों में क्या बदलाव आता है। तीसरी, गन्ने की फसल और मानसून की स्थिति कैसी रहती है।

त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की मांग बढ़ना तय माना जा रहा है। ऐसे में पर्याप्त स्टॉक और लगातार सप्लाई बनाए रखना सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

कुल मिलाकर, करीब एक दशक बाद चीनी आयात की मंजूरी यह बताती है कि इस समय सरकार घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों और संभावित सप्लाई संकट को लेकर कितनी सतर्क है। 10 लाख टन शुल्क-मुक्त आयात और सख्त स्टॉक लिमिट के जरिए सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराना और त्योहारी सीजन में कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखना है।

You Might Also Like

Rail Project: 2.60 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर… रेलवे के ये 4 प्रोजेक्ट बचाएंगे 13 करोड़ लीटर तेल आयात, कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा

भारत के खिलाफ चीन का कारोबारी चक्रव्यूह! बिजनेस वीजा पर सख्ती से बढ़ी परेशानी, रूसी तेल पर भी बढ़ा दबाव

Quote of the Day By Henry Ford: ‘दो तरह के लोग अपना पैसा गंवाते हैं, संभालने में लापरवाही दिखाने वाले और धोखे से कमाने वाले’

चीनी की कीमतों पर सरकार को राहत की उम्मीद, 15-20 दिन पहले शुरू हो सकता है नया उत्पादन; ISMA ने रखी टैक्स छूट की शर्त

Tata Group News: टाटा संस में कौन लेगा एन चंद्रशेखरन की जगह? दीपक पारेख से मिले नोएल टाटा

TAGGED: 10 Lakh Tonne Sugar Import, Duty Free Sugar Import, India Sugar Import, Sugar Import 2026, Sugar Import India, Sugar Price, Sugar Price Hike, Sugar Supply Crisis
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article henry-ford-business-quote-money-losing-money-quote Quote of the Day By Henry Ford: ‘दो तरह के लोग अपना पैसा गंवाते हैं, संभालने में लापरवाही दिखाने वाले और धोखे से कमाने वाले’
Next Article china-against-india-business-visa-russian-oil-challenge भारत के खिलाफ चीन का कारोबारी चक्रव्यूह! बिजनेस वीजा पर सख्ती से बढ़ी परेशानी, रूसी तेल पर भी बढ़ा दबाव

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
ipo-gmp-today-mainboard-sme
Current IPO GMP Today: इन IPOs का GMP ₹320 तक पहुंचा, जानें 21 अगस्त की पूरी लिस्ट
शेयर बाज़ार फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?