Asian Market Today: शुक्रवार, 21 अगस्त को एशियाई शेयर बाजारों में दबाव देखने को मिला। अमेरिकी शेयर बाजार में हुई बिकवाली का असर एशिया के प्रमुख बाजारों पर भी दिखाई दिया। गुरुवार को वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स बॉन्ड यील्ड में तेजी के बीच गिरावट के साथ बंद हुए थे। इसका असर शुक्रवार को एशियाई बाजारों की शुरुआत पर पड़ा।
MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज करीब 0.2% नीचे रहा। हालांकि, दक्षिण कोरिया का Kospi 0.87% चढ़ा, जबकि जापान का Nikkei 225 करीब 0.90% और Topix 0.31% गिरा। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला।
वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का दबाव
अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबार के दौरान निवेशकों की चिंता बढ़ी। S&P 500 में 0.9% की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट के कमजोर बिक्री आंकड़ों के बाद उसके शेयरों में 2022 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, जिसका असर व्यापक बाजार पर भी पड़ा।
टेक्नोलॉजी शेयरों वाले Nasdaq 100 में 0.7% की गिरावट आई। यह इसकी लगातार पांचवीं गिरावट रही। बढ़ती बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में जोखिम से बचने का रुख मजबूत हुआ।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में फिर तेजी
शुरुआती तेजी के बाद एशियाई बॉन्ड बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। अमेरिका में 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड करीब 6 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.25% पहुंच गई। इससे पहले अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक से यील्ड में आई गिरावट का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की ओर से भविष्य में बड़े बॉन्ड बायबैक और नए फिस्कल प्लान के संकेत दिए जाने के बावजूद निवेशकों की चिंता पूरी तरह कम नहीं हुई। बाजार यह आंकने की कोशिश कर रहा है कि लंबे समय के कर्ज की बायबैक प्रक्रिया से उधारी की लागत में राहत कितने समय तक बनी रह सकती है।
जापानी येन पर भी बाजार की नजर
जापानी येन शुक्रवार को काफी हद तक स्थिर रहा। जापान के मुख्य महंगाई सूचकांक में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी ने बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की चर्चा को फिर तेज कर दिया है।
येन करीब 158.96 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। पिछले सत्र में यह 159 के स्तर को पार कर गया था। अब निवेशकों की नजर सितंबर में बैंक ऑफ जापान की संभावित नीति कार्रवाई पर बनी हुई है।
वहीं, ऑफशोर युआन करीब 6.7238 प्रति डॉलर पर लगभग स्थिर रहा।
Samsung Electronics पर निवेशकों की नजर
टेक्नोलॉजी शेयरों में दक्षिण कोरिया की Samsung Electronics चर्चा में रही। रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी शुक्रवार को करीब 110 ट्रिलियन वॉन यानी लगभग 79 अरब डॉलर का शेयरधारक रिटर्न पैकेज पेश कर सकती है।
अगर कंपनी की ओर से ऐसा कदम उठाया जाता है, तो इससे निवेशकों का ध्यान शेयर बायबैक और डिविडेंड जैसे रिटर्न उपायों पर बढ़ सकता है। ऐसे में Samsung के शेयरों की चाल का असर दक्षिण कोरियाई बाजार के सेंटीमेंट पर भी पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट
ईरान को लेकर अमेरिका की सख्त बयानबाजी के बीच पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। हालांकि शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी आई।
Brent Crude करीब 0.7% गिरकर 93.10 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। गुरुवार के कारोबार में यह करीब 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। वहीं, WTI Crude भी 0.7% गिरकर 86.19 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने की चेतावनी के बाद निवेशक आगे की भू-राजनीतिक स्थिति पर नजर रख रहे हैं। तेल की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण यही घटनाक्रम रह सकता है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए क्या संकेत?
एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी बाजार की बिकवाली भारतीय शेयर बाजार के लिए भी शुरुआती संकेतों को प्रभावित कर सकती है। खासतौर पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर, कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर रहेगी।
हालांकि, किसी एक वैश्विक संकेत के आधार पर भारतीय बाजार की पूरी दिशा तय नहीं होती। घरेलू आर्थिक आंकड़े, कंपनियों के नतीजे, विदेशी निवेश और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी बाजार से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों और रिपोर्टों पर आधारित है। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


