Trade Setup for Today: भारतीय शेयर बाजार में लगातार छह कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद आज निफ्टी में रिकवरी की कोशिश देखने को मिल सकती है। हालांकि, बाजार का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है। मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,200-24,300 का जोन बेहद अहम रहेगा। इस स्तर के ऊपर टिकाऊ मजबूती आने पर बाजार में राहत की तेजी बढ़ सकती है, जबकि 24,192 के नीचे बने रहने पर बिकवाली का दबाव और बढ़ने का जोखिम है।
18 अगस्त को निफ्टी में करीब 0.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इंडेक्स लगातार छठे कारोबारी सत्र में लाल निशान पर बंद हुआ। लगातार कमजोरी के कारण निफ्टी अब अपने कई अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है। इसके अलावा RSI और MACD जैसे मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी कमजोरी दिखाई दे रही है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में मंदड़िए धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
हालांकि, लगातार छह सत्रों की गिरावट के बाद इंडेक्स में तकनीकी आधार पर रिबाउंड की कोशिश से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में आज के कारोबार में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निफ्टी 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन को पार कर पाता है या नहीं।
निफ्टी के लिए 24,192 का स्तर क्यों अहम?
मार्केट एनालिस्ट्स के अनुसार, निफ्टी हाल की तेज रैली के 24,192 के 50 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे आ चुका है। यह स्तर पहले सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा था, लेकिन इसके नीचे टिके रहने से बाजार की कमजोरी बढ़ सकती है।
अगर निफ्टी 24,192 के नीचे बना रहता है तो अगला दबाव 24,050 और उसके बाद 24,000 के स्तर की तरफ दिखाई दे सकता है। दूसरी तरफ, अगर इंडेक्स 24,200-24,300 के जोन को पार करके इसके ऊपर टिकने में कामयाब रहता है तो शॉर्ट-टर्म में सेंटीमेंट में सुधार हो सकता है।
इसलिए आज कारोबारियों के लिए 24,192 और 24,200-24,300 का जोन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
निफ्टी 50 के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
18 अगस्त के बंद स्तर 24,155 के आधार पर निफ्टी 50 के लिए प्रमुख स्तर इस प्रकार हैं:
पिवट प्वाइंट आधारित सपोर्ट:
- 24,149
- 24,122
- 24,078
पिवट प्वाइंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 24,237
- 24,264
- 24,308
इन स्तरों के बीच आज निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 24,237-24,308 के ऊपर मजबूती बाजार में सकारात्मक संकेत दे सकती है, जबकि नीचे की तरफ 24,078 के आसपास सपोर्ट महत्वपूर्ण रहेगा।
निफ्टी का टेक्निकल सेटअप क्या कहता है?
डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने छोटी अपर शैडो वाली बेयरिश कैंडल बनाई और पिछले कारोबारी दिन के निचले स्तर से नीचे बंद हुआ। तकनीकी नजरिए से यह बाजार में कमजोरी का संकेत माना जाता है।
मंगलवार की गिरावट के बाद इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है। शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज भी नीचे की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे निकट अवधि में दबाव बने रहने का संकेत मिल रहा है।
RSI 44.67 तक गिर गया है। वहीं MACD में बेयरिश क्रॉसओवर बना हुआ है और लगातार चौथे सत्र में रेड हिस्टोग्राम बार बढ़े हैं। इन संकेतकों को एक साथ देखें तो निफ्टी का नियर-टर्म ट्रेंड फिलहाल कमजोर नजर आ रहा है।
हालांकि, बाजार में लगातार गिरावट के बाद तकनीकी रिबाउंड की संभावना बनी रहती है। इसलिए सिर्फ एक कारोबारी सत्र की तेजी को ट्रेंड बदलने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। 24,200-24,300 के ऊपर टिकाऊ क्लोजिंग आने के बाद ही तेजी की मजबूती को बेहतर तरीके से आंका जा सकेगा।
बैंक निफ्टी के लिए 57,495-57,722 का जोन अहम
बैंक निफ्टी भी शॉर्ट-टर्म में दबाव में नजर आ रहा है। 18 अगस्त को बैंक निफ्टी 57,262 के स्तर पर रहा।
पिवट प्वाइंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 57,495
- 57,582
- 57,722
पिवट प्वाइंट आधारित सपोर्ट:
- 57,215
- 57,128
- 56,988
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 57,685
- 58,137
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट आधारित सपोर्ट:
- 57,135
- 56,870
बैंक निफ्टी के लिए 57,495-57,722 का जोन ऊपर की तरफ महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं 57,215 और 57,128 शुरुआती सपोर्ट के तौर पर काम कर सकते हैं। कमजोरी बढ़ने पर 56,988 का स्तर भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।
बैंक निफ्टी का टेक्निकल सेटअप
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने पिछले दिन की ट्रेडिंग रेंज के भीतर छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई, जिसकी अपर शैडो लंबी थी। इससे संकेत मिलता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव मौजूद है।
इंडेक्स लगातार तीसरे सत्र में अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे रहा है। हालांकि, यह अभी भी मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर है। यही वजह है कि बैंक निफ्टी में शॉर्ट-टर्म कमजोरी के बावजूद व्यापक ट्रेंड को पूरी तरह कमजोर नहीं कहा जा सकता।
RSI 47.36 तक गिर गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया। MACD में भी बेयरिश क्रॉसओवर बना हुआ है और रेड हिस्टोग्राम लगातार चौथे सत्र में बढ़ा है।
हालांकि, दोनों इंडिकेटर्स अभी किसी बहुत मजबूत एकतरफा ट्रेंड का संकेत नहीं दे रहे हैं। इसलिए बैंक निफ्टी फिलहाल एक दायरे में कारोबार करता नजर आ सकता है।
FII और DII की खरीदारी से मिला सपोर्ट
18 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII नेट खरीदार रहे। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹1,651 करोड़ की खरीदारी की।
दूसरी तरफ, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने भी खरीदारी जारी रखी। उन्होंने भारतीय शेयरों में करीब ₹2,579 करोड़ का निवेश किया।
ऐसे समय में जब बाजार लगातार छह सत्रों से गिर रहा है, DII और FII की खरीदारी बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकती है। हालांकि, सिर्फ एक दिन के फंड फ्लो के आधार पर बाजार में स्थायी ट्रेंड की पुष्टि करना उचित नहीं होगा।
India VIX में मामूली बढ़त
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX 18 अगस्त को 11.38 पर बंद हुआ। इसमें करीब 0.55 फीसदी की मामूली बढ़त रही।
हालांकि VIX अभी भी अपेक्षाकृत निचले स्तर पर है और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। इसका मतलब है कि बाजार में फिलहाल बहुत ज्यादा घबराहट दिखाई नहीं दे रही है।
निफ्टी में लगातार गिरावट के बावजूद VIX का निचले स्तर पर बने रहना यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर अत्यधिक डर की स्थिति अभी नहीं बनी है।
निफ्टी Put-Call Ratio में गिरावट
18 अगस्त को निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) 0.93 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 0.99 था।
आम तौर पर 0.7 से ऊपर या 1 के आसपास/ऊपर PCR को बाजार में अपेक्षाकृत सकारात्मक भावना से जोड़ा जाता है। वहीं 0.7 से नीचे जाने पर सेंटीमेंट में कमजोरी का संकेत माना जाता है।
मौजूदा स्तर पर PCR न तो बहुत ज्यादा बुलिश और न ही बेहद कमजोर संकेत दे रहा है। इसलिए इसे बाजार की मौजूदा रेंज-बाउंड स्थिति के साथ देखा जाना चाहिए।
F&O Ban में कौन-कौन से शेयर?
F&O सेगमेंट में किसी शेयर पर प्रतिबंध तब लगाया जाता है जब उसके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की पोजीशन मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती है।
नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
पहले से F&O बैन में शामिल स्टॉक:
- बंधन बैंक
- लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC)
- मनप्पुरम फाइनेंस
- SAIL
F&O बैन से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
आज ट्रेडर्स को किन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए?
आज के कारोबार में निफ्टी के लिए 24,192 सबसे अहम ट्रिगर लेवल में से एक रहेगा। इसके नीचे कमजोरी कायम रहने पर 24,050 और 24,000 की तरफ दबाव बढ़ सकता है।
वहीं ऊपर की तरफ 24,200-24,300 का जोन निर्णायक हो सकता है। इस क्षेत्र के ऊपर मजबूत टिकाव आने पर बाजार में शॉर्ट-कवरिंग और रिबाउंड की संभावना बढ़ सकती है।
बैंक निफ्टी में 57,495 और 57,722 के स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस रहेंगे, जबकि 57,215, 57,128 और 56,988 अहम सपोर्ट जोन हैं।
कुल मिलाकर, लगातार छह कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद बाजार में आज तकनीकी रिबाउंड की कोशिश संभव है, लेकिन जब तक निफ्टी 24,200-24,300 के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक तेजी को सावधानी के साथ देखना बेहतर होगा। दूसरी तरफ 24,192 के नीचे बने रहने पर 24,050-24,000 की ओर नई बिकवाली का जोखिम बना रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए बाजार स्तर और विश्लेषण केवल सूचना के उद्देश्य से हैं। शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग जोखिम के अधीन हैं। निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


