MBBS Seats: दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत राजधानी में एमबीबीएस, पीजी, डीएनबी और फेलोशिप की कुल 408 नई सीटें जोड़ने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इस विस्तार से न सिर्फ मेडिकल छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे, बल्कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी।
दिल्ली सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, इसका उद्देश्य राजधानी की बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए एक मजबूत और पर्याप्त मेडिकल वर्कफोर्स तैयार करना है। प्रस्ताव के अनुसार, नए और मौजूदा मेडिकल संस्थानों में 300 एमबीबीएस सीटें, 103 पीजी/डीएनबी सीटें और 5 फेलोशिप सीटें जोड़ी जाएंगी।
इस तरह मेडिकल शिक्षा के अलग-अलग स्तरों पर कुल 408 नई सीटें उपलब्ध कराने की योजना है।
किन मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी एमबीबीएस सीटें?
दिल्ली सरकार के प्रस्ताव में नए मेडिकल कॉलेजों को भी शामिल किया गया है। ग्रीनफील्ड मॉडल के तहत इंदिरा गांधी अस्पताल (IGH) और द्वारका स्थित गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल में विकसित किए जा रहे मेडिकल कॉलेजों में 150-150 एमबीबीएस सीटों का प्रस्ताव है।
इस तरह इन दोनों नए संस्थानों से ही कुल 300 एमबीबीएस सीटें बढ़ाने की योजना है। इससे दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई के लिए सरकारी संस्थानों में यूजी स्तर पर सीटों की संख्या बढ़ेगी और अधिक छात्रों को एमबीबीएस में प्रवेश का अवसर मिल सकेगा।
पीजी सीटों में भी होगा बड़ा इजाफा
सरकार ने केवल एमबीबीएस सीटें बढ़ाने पर ही फोकस नहीं किया है। पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने के लिए भी कई संस्थानों में सीटों के विस्तार का प्रस्ताव रखा गया है।
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में पीजी सीटों की संख्या 260 से बढ़ाकर 295 करने का प्रस्ताव है। यानी यहां 35 अतिरिक्त पीजी सीटें जुड़ सकती हैं।
इसी तरह MAIDS में पीजी सीटों को 22 से बढ़ाकर 42 करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा बीएसए मेडिकल कॉलेज में 24 सीटों के साथ नए पीजी कोर्स शुरू किए जाने की उम्मीद है।
सरकार के रोडमैप के मुताबिक, अलग-अलग सरकारी मेडिकल संस्थानों में कुल 103 नई पीजी/डीएनबी सीटें जोड़ी जाएंगी। इनमें 67 एमडी/एमएस सीटें और 36 डीएनबी सीटें शामिल हैं।
फेलोशिप की 5 नई सीटों का भी प्रस्ताव
विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने के लिए फेलोशिप स्तर पर भी सीटें बढ़ाने की योजना है। इसके तहत कुल 5 नई फेलोशिप सीटों का प्रस्ताव है।
इनमें:
- 3 फेलोशिप सीटें जीटीबी अस्पताल में
- 2 फेलोशिप सीटें दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में
शामिल हैं।
इस तरह पीजी, डीएनबी और फेलोशिप स्तर पर कुल 108 नई सीटें प्रस्तावित हैं।
MAIDS में बीडीएस सीटें भी बढ़ाने की तैयारी
मेडिकल शिक्षा के साथ डेंटल एजुकेशन की क्षमता बढ़ाने पर भी सरकार का ध्यान है। मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (MAIDS) में बीडीएस सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 70 करने का प्रस्ताव है।
इस विस्तार से डेंटल एजुकेशन में भी छात्रों के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
सरकार का क्या है लक्ष्य?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के अनुसार, सीटों की संख्या बढ़ाना इस योजना का सिर्फ एक हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य अधिक संख्या में ट्रेंड डॉक्टर, विशेषज्ञ और सुपर-स्पेशलिस्ट तैयार करना है, ताकि दिल्ली के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
सरकार का फोकस मेडिकल सीटों के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और मरीजों की देखभाल से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी है। इसके अलावा डीएम/एमसीएच और स्ट्रक्चर्ड पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप जैसे सुपर-स्पेशियलिटी कार्यक्रमों का विस्तार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
अभी जरूरी मंजूरियों का इंतजार
इन प्रस्तावों को लागू करने से पहले संबंधित सक्षम संस्थाओं से जरूरी मंजूरी लेनी होगी। सरकार की ओर से नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) समेत संबंधित अथॉरिटी से आवश्यक अनुमतियां लेने की प्रक्रिया चल रही है।
मंजूरियां मिलने और प्रस्ताव लागू होने के बाद दिल्ली के सरकारी मेडिकल संस्थानों में यूजी, पीजी, डीएनबी और फेलोशिप स्तर पर सीटों का विस्तार होगा। इससे एक तरफ मेडिकल छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे, वहीं दूसरी तरफ राजधानी के सरकारी अस्पतालों को भविष्य में ज्यादा डॉक्टर और विशेषज्ञ उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
नोट: ऊपर दी गई सीटें प्रस्तावित विस्तार का हिस्सा हैं। अंतिम सीट संख्या संबंधित नियामक और सक्षम प्राधिकरणों की मंजूरी के बाद तय होगी।


