PM Modi Independence Day Speech: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के युवाओं पर पूरा भरोसा है और युवा शक्ति विकसित भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। अपने भाषण में उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति की भूमिका को सबसे अहम बताया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें देश के युवाओं, माताओं-बहनों, किसानों और श्रमिकों पर पूरा भरोसा है कि वे भारत के सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने इस भरोसे को देश में सुधारों की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि अगर भारत को तेजी से आगे बढ़ना है और विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को हासिल करना है तो सुधारों की गति को और तेज करना होगा।
‘मुझे अपने देश के युवाओं पर भरोसा है’
स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें देश के युवा वर्ग पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि देश के युवा भारत के बड़े सपनों को साकार करने की क्षमता रखते हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “मुझे अपने देश के युवाओं, देश की माताओं-बहनों, किसानों और श्रमिकों पर भरोसा है कि हम इस सपने को हकीकत में बदल सकते हैं।”
प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब देश में युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक माना जा रहा है। शिक्षा, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार जैसे क्षेत्रों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
सुधारों की रफ्तार बढ़ाने पर भी जोर
युवाओं और देश के अलग-अलग वर्गों पर भरोसा जताने के बाद पीएम मोदी ने सुधारों की गति तेज करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के लिए लगातार और तेजी से सुधार किए जाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “और इसलिए, हमें सुधारों की रफ्तार भी बढ़ानी होगी। और जब मैं सुधारों की बात करता हूं…”
उनके भाषण में यह संदेश साफ दिखाई दिया कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिर्फ सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। इसके लिए युवाओं, उद्यमियों, किसानों, श्रमिकों और समाज के दूसरे वर्गों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी होगी।
‘विकसित भारत 2047’ के विजन के केंद्र में युवा शक्ति
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में भारत की यात्रा और युवा शक्ति की भूमिका पर खास जोर दिया गया। देश की युवा पीढ़ी को भविष्य के भारत की आधारशिला के रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी का लगातार यह जोर रहा है कि भारत को नई अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे ले जाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्टार्टअप से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी और रिसर्च तक कई नए क्षेत्रों में युवाओं के लिए अवसर बढ़ रहे हैं।
ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के मंच से युवाओं पर पीएम मोदी का भरोसा ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक विजन से जुड़ा हुआ दिखाई दिया।
लाल किले पर ‘वंदे मातरम’ की गूंज
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न भी मनाया गया। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन हुआ।
झंडा फहराने के बाद आर्मी बैंड ने ‘वंदे मातरम’ की धुन बजाई और समारोह में मौजूद लोगों ने इसके साथ गायन किया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ।
समारोह में युवाओं की बड़ी भागीदारी भी देखने को मिली। थल सेना, नौसेना और वायु सेना के कुल 2,500 कैडेट्स, जिनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल थे, समारोह का हिस्सा बने। इसके अलावा ‘मेरा भारत’ (My Bharat) के स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया। इन युवाओं ने ज्ञानपथ पर बैठकर ‘वंदे मातरम’ शब्द की आकृति बनाई।
देश के भविष्य को लेकर पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके सपने देश को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराया।
पीएम मोदी ने कहा, “140 करोड़ भारतीयों की ताकत से हमारा देश अलग-अलग क्षेत्रों में तरक्की की नई ऊंचाइयां छू रहा है। आने वाले समय में यह विकास यात्रा और तेज रफ्तार से आगे बढ़ती रहे।”
इस संदेश के जरिए प्रधानमंत्री ने देश की सामूहिक शक्ति को भारत की विकास यात्रा का आधार बताया।
5,000 विशेष अतिथियों में युवा भी शामिल
स्वतंत्रता दिवस समारोह में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया था। इनमें युवा इनोवेटर, वैज्ञानिक, स्टार्टअप संस्थापक, छात्र और महिला उद्यमी समेत कई वर्गों के लोग शामिल रहे।
इसके अलावा किसानों, सफाई कर्मचारियों, स्ट्रीट वेंडर्स और कारीगरों को भी समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया।
इस तरह समारोह में देश की विविध सामाजिक और आर्थिक ताकतों को प्रतिनिधित्व दिया गया। खास तौर पर युवाओं की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि भारत के भविष्य की विकास यात्रा में नई पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।
Gen Z से बड़ी उम्मीदें
पीएम मोदी का युवाओं को लेकर संदेश खास तौर पर Gen Z के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है। डिजिटल तकनीक के साथ बड़ी हुई यह पीढ़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, सोशल मीडिया, डिजिटल बिजनेस और नई तकनीकों के इस्तेमाल में आगे है।
भारत अगर 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ता है तो इस पीढ़ी की ऊर्जा, कौशल और इनोवेशन क्षमता अहम भूमिका निभा सकती है। प्रधानमंत्री का युवाओं पर भरोसा इसी क्षमता को सामने लाता है।
कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का संदेश साफ रहा कि विकसित भारत का सपना सिर्फ सरकारी नीतियों से नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति और समाज के हर वर्ग की भागीदारी से पूरा होगा।


