Independence Day 2026: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। ध्वजारोहण के दौरान भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले के ऊपर से पुष्पवर्षा की। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के इस भव्य आयोजन के बीच प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प, आत्मनिर्भरता, बड़े सपनों और देश की आर्थिक प्रगति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देकर की। उन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे लक्ष्यों तक सीमित रहने के बजाय बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए बड़े संकल्प लेने की जरूरत है।
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा होना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की मेहनत, क्षमता और संकल्प के दम पर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनके मुताबिक, जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित बनने का संकल्प लेता है, तो इससे पूरी दुनिया में भारत के प्रति नजरिया बदलता है।
उन्होंने कहा कि देशवासियों की सामूहिक शक्ति और पुरुषार्थ भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम है।
‘बड़े सपने देखिए, बड़े संकल्प लीजिए’
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बड़े सपने देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहिए। बड़े सपने सोचने से सोच का दायरा बढ़ता है और मुश्किल परिस्थितियों में भी रास्ते तलाशने की क्षमता विकसित होती है।
पीएम मोदी के भाषण का यह संदेश विकसित भारत के लक्ष्य से सीधे जुड़ा रहा। उन्होंने कहा कि अगर देश बड़े लक्ष्य निर्धारित करता है और उन्हें हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम करता है, तो बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
12 वर्षों में भारत ने पकड़ी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले 12 वर्षों में देश में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अब नई रफ्तार पकड़ी है और 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों ने देश की प्रगति में योगदान दिया है। इनमें गरीब, मध्यम वर्ग, गांवों में रहने वाले लोग, शहरों के नागरिक, दलित, आदिवासी और वंचित वर्ग समेत समाज के विभिन्न हिस्से शामिल हैं।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, इन सामूहिक प्रयासों का परिणाम यह है कि करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
‘फ्रैजाइल फाइव’ से तेज गति वाली अर्थव्यवस्था तक
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय भारत को दुनिया के ‘फ्रैजाइल फाइव’ देशों में गिना जाता था। हालांकि, पिछले 12 वर्षों में देश ने आर्थिक मोर्चे पर महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं और भारत दुनिया की तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
उन्होंने कहा कि आजादी के समय देशवासियों ने अनेक बड़े सपने देखे थे, लेकिन देश अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका। अब भारत ने अपनी रफ्तार बढ़ाई है और तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस बदलाव को देशवासियों की मेहनत और सामूहिक संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि भारत के पास आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है।
आत्मनिर्भर भारत पर पीएम मोदी का जोर
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर पूरी तरह निर्भर होकर नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन अगर देश हर चीज के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहेगा तो उसकी अपनी क्षमता विकसित नहीं होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी। इसी सोच के तहत ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को भारत की आत्मनिर्भरता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में बड़े स्तर पर सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
अब देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन शुरू हो चुका है और वहां बने सेमीकंडक्टर का निर्यात भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्षों में कई और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर निर्माण को विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके मुताबिक, यह क्षेत्र भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ देश को वैश्विक सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगा।
देश की अपनी क्षमता विकसित करने पर जोर
प्रधानमंत्री के भाषण में आत्मनिर्भरता का मुद्दा सिर्फ उद्योग तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अपनी क्षमताओं का निर्माण खुद करना होगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसकी अपनी उत्पादन क्षमता, तकनीक, प्रतिभा और संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल में होती है। इसलिए भारत को ऐसे क्षेत्रों में आगे बढ़ना होगा, जिनमें आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर बड़ी संभावनाएं हैं।
यही वजह है कि सरकार की नीतियों में स्थानीय उत्पादन, तकनीक और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण
80वें स्वतंत्रता दिवस के समारोह में ‘वंदे मातरम्’ भी खास आकर्षण का केंद्र रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त के लाल किले के समारोह में ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है और इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह महत्वपूर्ण क्षण है।
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण का गायन भी ऐतिहासिक महत्व रखता है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर को देश के स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ते हुए याद किया।
स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी सहित देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि आज देश जिस स्वतंत्रता का उत्सव मना रहा है, उसके पीछे लाखों लोगों का त्याग, संघर्ष और बलिदान है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस सिर्फ उत्सव का दिन नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी और भविष्य के संकल्प को दोहराने का अवसर भी है।
140 करोड़ भारतीयों की ताकत का किया जिक्र
पीएम मोदी ने अपने भाषण में बार-बार देश की 140 करोड़ आबादी की सामूहिक शक्ति का उल्लेख किया। उनका कहना था कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके नागरिक हैं और जब सभी भारतीय एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं तो देश की प्रगति को रोकना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं बल्कि हर भारतीय के सामूहिक संकल्प के रूप में पेश किया।
पीएम मोदी के भाषण का बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कई मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। इनमें 2047 तक विकसित भारत, बड़े सपने और बड़े संकल्प, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल, सेमीकंडक्टर निर्माण और आर्थिक प्रगति प्रमुख रहे।
भाषण का मूल संदेश यही रहा कि भारत को आने वाले वर्षों में अपनी क्षमताओं पर भरोसा करते हुए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने होंगे। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया।
Independence Day 2026 के मौके पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए प्रधानमंत्री के संबोधन ने एक तरफ देश की अब तक की यात्रा का उल्लेख किया, वहीं दूसरी तरफ अगले दो दशकों के लिए भारत के विकास का विजन भी सामने रखा। 2047 का विकसित भारत लक्ष्य, आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता बढ़ाना इस विजन के प्रमुख स्तंभ के रूप में सामने आए।


