Gold Silver Prices Today: घरेलू सर्राफा बाजार में बुधवार, 12 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी और घरेलू स्तर पर मजबूत खरीदारी से बुलियन मार्केट को सपोर्ट मिला। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़ी। वहीं, चांदी के भाव में भी एक दिन में ₹4,000 प्रति किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई।
सोने की कीमत बुधवार को ₹2,600 बढ़कर ₹1,59,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इस तरह पिछले सात कारोबारी सत्रों में सोने के भाव में करीब ₹12,400 यानी 8.4 फीसदी की तेजी आ चुकी है। दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹4,000 उछलकर ₹2,46,000 प्रति किलोग्राम हो गई।
7 सत्र में ₹12,400 महंगा हुआ सोना
सोने की कीमतों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार तेजी बनी हुई है। बुधवार को इसमें ₹2,600 की बढ़ोतरी ने निवेशकों और ग्राहकों का ध्यान एक बार फिर बुलियन मार्केट की ओर खींचा है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव अब ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुका है। महज सात कारोबारी सत्रों में इसकी कीमत करीब ₹12,400 बढ़ी है। यानी इस छोटी अवधि में सोने ने करीब 8.4 फीसदी का रिटर्न दिया है।
जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में भी कीमतों को सहारा मिला है।
चांदी भी चमकी, ₹4,000 का उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी में भी बुधवार को जबरदस्त तेजी रही। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव ₹4,000 बढ़कर ₹2,46,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
चांदी की कीमतों में तेजी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूत चाल से भी सपोर्ट मिला। चांदी केवल निवेश कीमती धातु नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में मांग और निवेश सेंटीमेंट में बदलाव का असर इसकी कीमत पर तेजी से देखने को मिलता है।
क्रूड ऑयल महंगा, फिर भी बुलियन में तेजी
बुलियन मार्केट की मौजूदा तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड का भाव अभी भी 88 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है।
लेमन मार्केट डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई के आंकड़े जारी होने से पहले निवेशकों की दिलचस्पी सोने में बढ़ी है। सोने को लंबे समय से सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच निवेशक बुलियन की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में मजबूती के बावजूद सोने और चांदी में तेजी यह संकेत देती है कि फिलहाल निवेशकों का फोकस महंगाई, ब्याज दरों और वैश्विक जोखिमों से जुड़े संकेतकों पर अधिक है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने को सपोर्ट
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से बुलियन की कीमतों को सपोर्ट मिला है। वहीं, डॉलर में भी स्थिरता देखने को मिली है।
आमतौर पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की चाल का सोने की कीमतों पर महत्वपूर्ण असर पड़ता है। जब बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो बिना ब्याज देने वाले सोने को रखने की अवसर लागत कम हो सकती है। इससे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती है।
फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हुई है। इन आंकड़ों से आगे अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को दिशा मिल सकती है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़े पर बाजार की नजर
निवेशकों के लिए अमेरिका का महंगाई डेटा इस समय सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक है। महंगाई के आंकड़े ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति पर असर डाल सकते हैं।
अगर महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं तो बाजार में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत हो सकती है। ऐसी स्थिति में सोने को सपोर्ट मिलने की संभावना रहती है। इसके विपरीत महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहने पर ब्याज दरों को लेकर रुख सख्त रह सकता है, जिससे बुलियन पर दबाव भी बन सकता है।
इसी वजह से निवेशक अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी तेज
घरेलू बाजार में तेजी के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
बुधवार को स्पॉट गोल्ड 1.19 फीसदी की तेजी के साथ 4,422.14 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, स्पॉट सिल्वर 2.19 फीसदी चढ़कर 66.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की यह तेजी घरेलू कीमतों के लिए भी सकारात्मक संकेत बनी। भारत में सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय भाव के अलावा डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात लागत और स्थानीय मांग जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
तेज गिरावट के बाद बुलियन में रिकवरी
जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी की मौजूदा तेजी को तेज गिरावट के बाद होने वाली रिकवरी के तौर पर भी देखा जा रहा है। साल की शुरुआत में बुलियन की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास पहुंची थीं। इसके बाद इसमें तेज गिरावट देखने को मिली थी।
अब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच सोने और चांदी में दोबारा खरीदारी बढ़ी है।
सोने में लगातार सात कारोबारी सत्रों की तेजी और चांदी में एक दिन में ₹4,000 का उछाल बाजार में मजबूत बुलिश सेंटीमेंट को दर्शाता है। हालांकि, कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव तेज रहता है और आगे की दिशा वैश्विक संकेतकों पर निर्भर करेगी।
आज दिल्ली में सोने और चांदी का भाव
| कीमती धातु | आज का भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| सोना | ₹1,59,800 प्रति 10 ग्राम | ₹2,600 तेजी |
| चांदी | ₹2,46,000 प्रति किलोग्राम | ₹4,000 तेजी |
नोट: ऊपर दिए गए भाव आपके उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित हैं। स्थानीय बाजार, ज्वेलरी की शुद्धता, मेकिंग चार्ज और टैक्स के कारण ग्राहकों को मिलने वाली अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
आगे क्या रहेगा सोने-चांदी का रुख?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा तय करने में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स, फेड की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अगर अमेरिकी महंगाई में नरमी आती है और बॉन्ड यील्ड में दबाव बना रहता है, तो सोने को आगे भी सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, वैश्विक तनाव बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से भी बुलियन को फायदा हो सकता है।
हालांकि, इतने कम समय में सोने की कीमत में करीब ₹12,400 की तेजी के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। इसलिए निवेशकों को केवल हालिया तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार के प्रमुख संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख बाजार में उपलब्ध कीमतों और विशेषज्ञों के बयानों पर आधारित है। सोने-चांदी में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


