NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    sc-st-act-compensation-12-lakh-special-police-station-government-proposal
    SC/ST एक्ट के तहत 12 लाख रुपये तक मुआवजे का प्रस्ताव, स्पेशल पुलिस स्टेशन और कोर्ट भी बनेंगे; जानिए सरकार का पूरा प्लान
    12 अगस्त 2026
    jio-credit-bank-of-america-18268-crore-investment-49-9-percent-stake
    मुकेश अंबानी की Jio Credit में Bank of America का बड़ा दांव, ₹18,268 करोड़ लगाएगा BofA; मिलेगी 49.9% तक हिस्सेदारी
    12 अगस्त 2026
    pm-kisan-yojana-24th-installment-farmer-id-fertilizer-rule
    PM Kisan Yojana: 24वीं किस्त से पहले किसानों को झटका, Farmer ID नहीं तो खाद और नए लाभ में अड़चन; ₹2,000 के लिए भी जरूरी
    12 अगस्त 2026
    n-chandrasekaran-tata-sons-resignation-40-years-tata-group
    मैं एक वोट से हार गया! 40 साल बाद भारी मन से छोड़ा टाटा समूह का साथ, एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफे में क्या-क्या लिखा?
    12 अगस्त 2026
    dairy-business-murrah-buffalo-mini-dairy
    Dairy Business: ये है सबसे अधिक दूध देने वाली भैंस, सिर्फ 2 से शुरू कर सकते हैं मिनी डेयरी, मिलेगा 3 भैंसों जितना दूध!
    12 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-price-today-gold-silver-rate-10-cities-latest-price
    Gold Price Today: दो दिनों में ₹10,100 चढ़ी चांदी, सोना भी महंगा, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट के लेटेस्ट भाव
    12 अगस्त 2026
    oil-prices-surge-hormuz-strait-red-sea-attacks-india-impact
    Crude Oil Price: ट्रंप की कड़ी मांगों से डील की उम्मीदों को झटका, कच्चे तेल में 5% उछाल; ब्रेंट $90 के करीब
    11 अगस्त 2026
    gold-price-today-gold-silver-rate-10-cities-latest-price
    Gold Silver Price: सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी में तेजी; इस हफ्ते बुलियन की कीमतों पर इन फैक्टर्स का रहेगा असर
    10 अगस्त 2026
    oil-prices-surge-hormuz-strait-red-sea-attacks-india-impact
    Crude Oil Import: भारत का तेल आयात 18% गिरा, फिर भी जून तिमाही में 26% बढ़ा बिल; जानिए पूरी वजह
    8 अगस्त 2026
    gold-silver-prices-today-11-august-2026
    Gold Silver Price Today: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी 1.5% उछली, इन अहम आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
    7 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    chandrasekaran-tata-shares-10-stocks-returns-trent-tcs-titan
    चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा के 10 शेयरों ने दिया छप्परफाड़ रिटर्न, एक ने ₹1 लाख को बनाया ₹21 लाख; TCS भी लिस्ट में
    12 अगस्त 2026
    ircon-q1-results-profit-falls-44-percent-revenue-ebitda-rises
    IRCON Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी का मुनाफा 44% घटा, रेवेन्यू और EBITDA बढ़ा; ₹763 करोड़ का स्मार्ट-ग्रिड ऑर्डर भी मिला
    12 अगस्त 2026
    gland-pharma-share-price-nomura-target-3330-buy-rating
    Gland Pharma Share Price: शेयर बन सकते हैं रॉकेट, Nomura ने दिया ₹3,330 का टारगेट
    12 अगस्त 2026
    astral-q1-results-profit-revenue-growth-cpvc-paint-adhesive-business
    Astral Q1 Results: मुनाफा 52% बढ़कर ₹120 करोड़, रेवेन्यू में 16% उछाल; पेंट और एडहेसिव कारोबार ने दिखाया दम
    12 अगस्त 2026
    vande-bharat-parts-maker-nipha-1350-crore-ipo
    Vande Bharat IPO: वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1,350 करोड़ का IPO, जानिए पूरी डिटेल
    12 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: India Rice Exports: इधर भारत में कंटेनर की किल्लत, उधर दुनिया में मची हलचल, अटक गया है चावल एक्सपोर्ट
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

India Rice Exports: इधर भारत में कंटेनर की किल्लत, उधर दुनिया में मची हलचल, अटक गया है चावल एक्सपोर्ट

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/12 at 8:59 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
12 Min Read
india-rice-exports-container-shortage-kandla-port-congestion
SHARE

India Rice Exports: भारत के चावल निर्यातकों के सामने इन दिनों लॉजिस्टिक्स से जुड़ी एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कांडला और मुंद्रा जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर कंटेनरों की कमी और बढ़ते कंजेशन के कारण चावल की शिपमेंट में देरी हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कुछ कार्गो को क्लियर होने में 35 से 40 दिन तक का समय लग रहा है। इसका सीधा असर निर्यातकों के कारोबार के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भारतीय चावल की उपलब्धता और कीमतों पर भी पड़ने लगा है।

Contents
कांडला पोर्ट पर बढ़ा कंजेशन, 35-40 दिन लग रहा क्लियरेंसअंगोला जाने वाला 26,750 टन चावल भी फंसाइंपोर्ट परमिट की समयसीमा ने बढ़ाई चिंताकंटेनरों की कमी से बासमती और गैर-बासमती दोनों प्रभावितग्लोबल मार्केट में भारतीय चावल की कीमत 13% बढ़ीभारत का बासमती एक्सपोर्ट रिकॉर्ड स्तर परभारत के पास चावल का बड़ा स्टॉक, फिर भी लॉजिस्टिक्स बनी बाधाग्लोबल चावल उत्पादन में गिरावट का अनुमानअक्टूबर में नई फसल आने से पहले समाधान जरूरी

नई दिल्ली: भारत दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातक देशों में शामिल है। ऐसे में देश के प्रमुख बंदरगाहों पर शिपमेंट में रुकावट सिर्फ घरेलू कारोबार की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है। खासकर उस समय जब कई देशों की भारत के चावल पर निर्भरता बनी हुई है और वैश्विक स्तर पर सप्लाई को लेकर पहले से अनिश्चितता है।

कांडला पोर्ट पर बढ़ा कंजेशन, 35-40 दिन लग रहा क्लियरेंस

चावल निर्यातकों के मुताबिक, कांडला पोर्ट पर इन दिनों भारी कंजेशन देखने को मिल रहा है। कंटेनरों की उपलब्धता कम होने के कारण कार्गो को समय पर पोर्ट तक पहुंचाने और जहाजों पर लोड करने में परेशानी हो रही है। इसके चलते शिपमेंट का पूरा चक्र प्रभावित हो गया है।

समस्या इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कांडला पोर्ट पर केवल चावल ही नहीं, बल्कि स्टील, आयरन, कोयला और यूरिया जैसे भारी कार्गो की भी बड़ी मात्रा संभाली जाती है। ऐसे में पोर्ट की क्षमता और उपलब्ध संसाधनों पर दबाव बढ़ गया है।

निर्यातकों का कहना है कि कई मामलों में कार्गो क्लियरेंस में 35 से 40 दिन तक का समय लग रहा है। चावल जैसी कृषि उपज के लिए यह देरी कारोबारी लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ तय डिलीवरी शेड्यूल को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

अंगोला जाने वाला 26,750 टन चावल भी फंसा

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) ने इस समस्या को लेकर APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। फेडरेशन ने विशेष रूप से MV Orient Glory जहाज की प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग की मांग की है।

यह जहाज 6 अगस्त को कांडला पहुंचा था और इसमें अंगोला के लिए करीब 26,750 टन चावल लोड किया जाना था। मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अंगोला के इंपोर्ट परमिट की वैलिडिटी 31 अगस्त तक ही बताई गई है।

यदि जहाज की बर्थिंग, लोडिंग और रवानगी में ज्यादा देरी होती है तो निर्यातकों को कई तरह के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इनमें कमर्शियल नुकसान, कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी देनदारियां और कंसाइनमेंट के रिजेक्ट होने का जोखिम शामिल है।

इंपोर्ट परमिट की समयसीमा ने बढ़ाई चिंता

निर्यात कारोबार में समय पर डिलीवरी बेहद महत्वपूर्ण होती है। कई देशों में आयात परमिट और संबंधित दस्तावेजों की एक निश्चित वैधता अवधि होती है। यदि उस अवधि के भीतर माल नहीं पहुंचता है तो खरीदार और निर्यातक दोनों के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।

अंगोला के मामले में 31 अगस्त की समयसीमा ने चिंता और बढ़ा दी है। निर्यातकों को आशंका है कि यदि पोर्ट पर मौजूदा स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो शिपमेंट प्रभावित हो सकती है।

IREF के वाइस-प्रेसिडेंट देव गर्ग के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच कांडला और मुंद्रा पोर्ट पर कंटेनरों की भारी कमी ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है। उनके अनुसार, इन दोनों बंदरगाहों के आसपास के गोदामों में करीब 50,000 से 80,000 टन चावल जमा होने की बात सामने आई है।

कंटेनरों की कमी से बासमती और गैर-बासमती दोनों प्रभावित

लॉजिस्टिक्स की समस्या का असर केवल किसी एक किस्म के चावल तक सीमित नहीं है। उत्तर भारत से कंटेनर के जरिए होने वाले बासमती और गैर-बासमती चावल के निर्यात पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है।

भारत के लिए उत्तर भारत एक प्रमुख बासमती चावल उत्पादन क्षेत्र है। यहां से निकलने वाले चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए बंदरगाहों और कंटेनर नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि कंटेनरों की उपलब्धता कम रहती है तो किसानों, मिलर्स, निर्यातकों और विदेशी खरीदारों की पूरी सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।

देव गर्ग के अनुसार, यह समस्या मार्च से बनी हुई है। यदि अक्टूबर में नई फसल आने के समय तक लॉजिस्टिक्स की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। नई फसल आने पर स्टॉक बढ़ेगा और उसे घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात बाजार में भी भेजने की जरूरत होगी।

ग्लोबल मार्केट में भारतीय चावल की कीमत 13% बढ़ी

लॉजिस्टिक्स से जुड़ी रुकावट का असर अब अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बीवी कृष्णा राव के अनुसार, सप्लाई में कमी के कारण पिछले एक महीने में ग्लोबल मार्केट में भारतीय गैर-बासमती चावल की कीमत करीब 13 फीसदी बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि गैर-बासमती चावल की कीमत लगभग एक महीने पहले 340 डॉलर प्रति टन थी, जो अब बढ़कर करीब 385 डॉलर प्रति टन हो गई है।

इसका मतलब है कि भारतीय चावल की उपलब्धता में कमी की आशंका ने विदेशी खरीदारों और बाजार को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। यदि पोर्ट पर कंजेशन लंबे समय तक जारी रहता है तो कीमतों पर आगे भी दबाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी निर्यातकों के लिए पहली नजर में सकारात्मक लग सकती है, लेकिन अगर माल समय पर विदेशी खरीदारों तक नहीं पहुंचता है तो ऊंची कीमत का फायदा भी सीमित हो सकता है। निर्यात कारोबार में केवल कीमत ही नहीं, बल्कि समय पर डिलीवरी और भरोसेमंद सप्लाई भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।

भारत का बासमती एक्सपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर

लॉजिस्टिक्स की मौजूदा चुनौती ऐसे समय आई है जब भारत का बासमती चावल निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। APEDA के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने करीब 65.2 लाख टन बासमती चावल का निर्यात किया। इसकी कीमत करीब 50,138 करोड़ रुपये रही।

इसी अवधि में भारत ने करीब 1.50 करोड़ टन गैर-बासमती चावल का भी निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत लगभग 51,892 करोड़ रुपये बताई गई है।

ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय चावल की ग्लोबल डिमांड कितनी महत्वपूर्ण है। भारत के चावल की मांग एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया समेत कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी हुई है। इसलिए बंदरगाहों पर लंबे समय तक रहने वाली कोई भी लॉजिस्टिक्स समस्या वैश्विक सप्लाई पर असर डाल सकती है।

भारत के पास चावल का बड़ा स्टॉक, फिर भी लॉजिस्टिक्स बनी बाधा

मौजूदा स्थिति का एक दिलचस्प पहलू यह है कि भारत के पास चावल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यानी समस्या उत्पादन की कमी नहीं, बल्कि माल को समय पर बाजार तक पहुंचाने की है।

अल नीनो की परिस्थितियों के बावजूद भारत का चावल उत्पादन करीब 15.1 करोड़ टन से बढ़कर 15.3 करोड़ टन होने का अनुमान है। इससे करीब 20 लाख टन अतिरिक्त सरप्लस बनने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा, भारत का चावल स्टॉक बफर जरूरतों से करीब 2.7 करोड़ टन अधिक रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि देश के पास घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बाद निर्यात के लिए भी पर्याप्त मात्रा उपलब्ध हो सकती है।

यही वजह है कि निर्यातक मौजूदा लॉजिस्टिक्स समस्या को बड़ी चुनौती मान रहे हैं। अगर पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में देरी होती है तो भारत संभावित ग्लोबल डिमांड का पूरा फायदा नहीं उठा पाएगा।

ग्लोबल चावल उत्पादन में गिरावट का अनुमान

वैश्विक स्तर पर भी चावल बाजार के लिए आने वाला समय महत्वपूर्ण हो सकता है। अनुमान के मुताबिक, ग्लोबल चावल उत्पादन में करीब 90 लाख टन की गिरावट हो सकती है। दूसरी ओर, ग्लोबल इंपोर्ट डिमांड में करीब 40 लाख टन की बढ़ोतरी की संभावना है।

अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई और डिमांड के बीच अंतर बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में भारत के पास अपनी बड़ी उत्पादन क्षमता और पर्याप्त स्टॉक के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका होगा।

लेकिन इसके लिए जरूरी है कि देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था भी उसी गति से काम करे। यदि बंदरगाहों पर कंटेनरों की कमी और कंजेशन जारी रहा तो भारत के पास मौजूद अतिरिक्त स्टॉक का बड़ा हिस्सा समय पर विदेशी बाजारों तक नहीं पहुंच पाएगा।

अक्टूबर में नई फसल आने से पहले समाधान जरूरी

निर्यातकों के लिए अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि अक्टूबर में नई फसल आने से पहले मौजूदा लॉजिस्टिक्स समस्या का समाधान हो। नई फसल के साथ चावल की उपलब्धता और बढ़ेगी। यदि पुराने स्टॉक की निकासी समय पर नहीं हुई और नए उत्पादन का दबाव भी बाजार में आ गया तो सप्लाई चेन पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय चावल की मांग बढ़ती है तो भारत के पास निर्यात बढ़ाने का अवसर भी होगा। ऐसे में कंटेनर उपलब्धता, पोर्ट कंजेशन और तेज कार्गो क्लियरेंस निर्यातकों के लिए सबसे अहम मुद्दे बने रहेंगे।

फिलहाल भारत के चावल निर्यात की चुनौती उत्पादन की नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स की है। देश के पास पर्याप्त स्टॉक और उत्पादन क्षमता होने के बावजूद यदि कंटेनरों की कमी और बंदरगाहों पर कंजेशन बना रहता है तो इसका असर निर्यातकों के कारोबार के साथ-साथ वैश्विक चावल कीमतों पर भी पड़ सकता है। आने वाले कुछ सप्ताह इस लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

You Might Also Like

SC/ST एक्ट के तहत 12 लाख रुपये तक मुआवजे का प्रस्ताव, स्पेशल पुलिस स्टेशन और कोर्ट भी बनेंगे; जानिए सरकार का पूरा प्लान

मुकेश अंबानी की Jio Credit में Bank of America का बड़ा दांव, ₹18,268 करोड़ लगाएगा BofA; मिलेगी 49.9% तक हिस्सेदारी

PM Kisan Yojana: 24वीं किस्त से पहले किसानों को झटका, Farmer ID नहीं तो खाद और नए लाभ में अड़चन; ₹2,000 के लिए भी जरूरी

मैं एक वोट से हार गया! 40 साल बाद भारी मन से छोड़ा टाटा समूह का साथ, एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफे में क्या-क्या लिखा?

Dairy Business: ये है सबसे अधिक दूध देने वाली भैंस, सिर्फ 2 से शुरू कर सकते हैं मिनी डेयरी, मिलेगा 3 भैंसों जितना दूध!

TAGGED: India Rice Export, India Rice Exports, Indian Rice Exporters, Kandla Port, Rice Export, Rice Exporters, चावल निर्यात, भारत चावल निर्यात
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article oil-prices-surge-hormuz-strait-red-sea-attacks-india-impact Oil Prices Surge: ‘अगले कुछ दिन अहम होंगे’, अचानक इसलिए सताने लगा है डर, भारत पर सीधा पड़ेगा असर
Next Article gautam-adani-us-criminal-case-dismissed-statement-adani-shares ‘सत्य के लिए लड़ना पड़ता है’, अमेरिका में क्रिमिनल केस खारिज होने से गदगद हुए गौतम अदाणी, अब दौड़ेंगे शेयर?

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: 12 अगस्त 2026 को इन IPOs का GMP सबसे ज्यादा, Dhoot Transmission और Shiprocket पर नजर
शेयर बाज़ार फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?