Asian Market Today: एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार, 11 अगस्त को मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निवेशकों का फोकस एक ओर जहां अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऊर्जा आपूर्ति पर बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर बाजार में AI और टेक्नोलॉजी शेयरों से कुछ हद तक दूरी बनाकर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों की तरफ रुख करने का ट्रेंड दिखाई दे रहा है।
दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स इंट्राडे कारोबार में 1.11% तक चढ़ा, जबकि हांगकांग के हैंगसेंग फ्यूचर्स में भी तेजी दिखाई दी। दूसरी तरफ जापान का शेयर बाजार ‘माउंटेन डे’ के राष्ट्रीय अवकाश के कारण बंद रहा।
एशियाई बाजारों में बैंकिंग शेयरों की मजबूत तेजी इस समय निवेशकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आकर्षक डिविडेंड यील्ड, अपेक्षाकृत स्थिर कमाई और घरेलू अर्थव्यवस्थाओं से मजबूत संबंधों के कारण बैंकिंग स्टॉक्स को डिफेंसिव निवेश के तौर पर देखा जा रहा है।
एशियाई बाजारों का आज का हाल
मंगलवार के कारोबार में अलग-अलग एशियाई बाजारों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला। सिंगापुर का Straits Times करीब 1.21% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
वहीं ताइवान के बाजार में कमजोरी रही और इंडेक्स करीब 0.38% गिरकर 44,760.12 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। हांगकांग का Hang Seng करीब 0.29% बढ़कर 26,014.00 के आसपास रहा। दूसरी ओर चीन का Shanghai Composite करीब 0.29% की गिरावट के साथ 3,955.02 के स्तर पर दिखाई दिया।
दक्षिण कोरिया का Kospi इस बीच बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख बाजारों में शामिल रहा और इंट्राडे कारोबार में इसमें 1% से अधिक की तेजी देखने को मिली।
जापान का बाजार मंगलवार को बंद रहा। देश में अगस्त के दूसरे सोमवार को ‘Mountain Day’ के तौर पर राष्ट्रीय अवकाश मनाया जाता है।
AI ट्रेड से बैंकिंग शेयरों की ओर निवेशकों का रुख
हाल के महीनों में AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े शेयरों ने वैश्विक बाजारों में निवेशकों का बड़ा ध्यान खींचा है। हालांकि, अब निवेशकों के एक हिस्से ने महंगे और अस्थिर टेक्नोलॉजी ट्रेड से हटकर वित्तीय और बैंकिंग शेयरों की तरफ रुख करना शुरू किया है।
इस बदलाव के पीछे बैंकिंग शेयरों की आकर्षक डिविडेंड यील्ड, स्थिर कमाई और घरेलू अर्थव्यवस्था से सीधा जुड़ाव अहम वजह माने जा रहे हैं।
MSCI Asia Pacific Financials Index में जुलाई के दौरान 8.6% की तेजी आई। यह टेक्नोलॉजी इंडेक्स की तुलना में इसका अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटपरफॉर्मेंस रहा। वित्तीय क्षेत्र के इंडेक्स ने अक्टूबर 1998 के बाद अपनी सबसे मजबूत मासिक बढ़त भी दर्ज की। उस समय एशियाई वित्तीय संकट के बाद जापान ने बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ा बचाव पैकेज पेश किया था।
इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अब सिर्फ ग्रोथ और AI थीम पर निर्भर रहने के बजाय ऐसे सेक्टर की तलाश कर रहे हैं, जहां वैल्यूएशन, डिविडेंड और कमाई का बेहतर संतुलन मिल सके।
जापानी और हांगकांग के बैंक शेयरों में भी मजबूती
एशिया के कई प्रमुख बाजारों में वित्तीय शेयरों का प्रदर्शन व्यापक बाजार से बेहतर रहा है। हांगकांग के वित्तीय शेयरों ने लगभग चार वर्षों में अपना सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन दर्ज किया है।
जापान में भी बैंकिंग शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स को काफी पीछे छोड़ा है। Topix Bank Sub-index में इस साल अब तक 40% से अधिक की बढ़त दर्ज हुई है, जबकि व्यापक Topix इंडेक्स की बढ़त लगभग 20% रही है।
यानी जापानी बैंकिंग इंडेक्स ने बेंचमार्क की तुलना में दोगुने से अधिक प्रदर्शन किया है। यह बताता है कि वैश्विक निवेशकों के बीच बैंकिंग शेयरों को लेकर धारणा किस तरह मजबूत हुई है।
अमेरिका में भी कुछ इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है, जहां S&P 500 का वित्तीय सेक्टर इस साल कई बार रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचा है।
वॉल स्ट्रीट में भी सतर्क कारोबार
अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में सोमवार रात कारोबार के दौरान कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। निवेशक मध्य पूर्व की स्थिति और विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में करीब 37 अंकों की गिरावट रही। S&P 500 फ्यूचर्स भी मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए, जबकि Nasdaq 100 फ्यूचर्स लगभग सपाट रहे।
यह सतर्कता ऐसे समय में दिखाई दे रही है जब निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत तथा संघर्ष को समाप्त करने के किसी व्यापक समझौते के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
सोमवार को S&P 500 में कारोबार लगभग सपाट रहा था। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया।
क्रूड ऑयल की कीमतों पर भी दबाव और नजर
मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें एक सप्ताह से अधिक समय के उच्च स्तर के आसपास बनी रहीं। बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की उम्मीदों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
Brent Crude Futures करीब $87.81 प्रति बैरल पर स्थिर रहे, जबकि WTI Crude Futures लगभग $82.20 प्रति बैरल पर कारोबार करते रहे।
इससे पहले सोमवार को दोनों प्रमुख तेल बेंचमार्क में 5% से अधिक की तेजी आई थी और वे 31 जुलाई के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे।
तेल बाजार के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बेहद महत्वपूर्ण है। युद्ध से पहले इस रणनीतिक जलमार्ग के जरिए दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा वैश्विक बाजार तक पहुंचता था। ऐसे में लंबे समय तक इसकी सप्लाई बाधित होने की स्थिति में वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने मंगलवार को भी बाजार की दिशा को प्रभावित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से संघर्ष में अमेरिका को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।
यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब तेहरान की ओर से भी संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत के दौरान मुआवजे की मांग दोहराई गई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए संकेत दिया कि इन नई मांगों को भविष्य की बातचीत में मजबूती से शामिल किया जाएगा। इससे अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल समझौते की उम्मीदों को झटका लग सकता है।
ईरान और ओमान रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, तेहरान का कहना है कि किसी भी समझौते के लिए अमेरिका को अपनी नाकेबंदी हटाने और हुए नुकसान का मुआवजा देने की जरूरत होगी।
इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ तेल पर नहीं बल्कि वैश्विक महंगाई, शिपिंग लागत और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति पर भी पड़ सकता है।
सोना $4,400 के ऊपर, निवेशकों की नजर महंगाई आंकड़ों पर
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। स्पॉट गोल्ड $4,400 प्रति औंस के ऊपर पहुंचकर दो महीने के उच्चतम स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
शुरुआती कारोबार में स्पॉट गोल्ड करीब 0.5% बढ़कर $4,410.92 प्रति औंस तक पहुंचा। इससे पहले पिछले दो कारोबारी सत्रों में सोने में कुल करीब 3.6% की तेजी दर्ज की गई थी।
सोने में तेजी के पीछे निवेशकों की नई खरीदारी और केंद्रीय बैंकों की ओर से जारी खरीदारी को प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है। कीमती धातु ने हाल में $4,000 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर को पार किया है।
हालांकि, हालिया तेजी के बावजूद सोने की कीमत फरवरी के अंत में ईरान युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर की तुलना में अभी भी करीब 17% नीचे बताई जा रही है।
अब बाजार की नजर अमेरिका के आगामी महंगाई आंकड़ों पर है। इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर भविष्य की रणनीति के बारे में संकेत मिल सकते हैं। यदि महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं तो सोने और अन्य ब्याज-संवेदनशील एसेट्स पर उसका असर देखने को मिल सकता है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए क्या हैं संकेत?
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख भारतीय शेयर बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है। एक ओर दक्षिण कोरिया और कुछ अन्य एशियाई बाजारों में मजबूती दिख रही है, वहीं चीन और ताइवान जैसे बाजारों में दबाव बना हुआ है।
इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर क्रूड लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो इससे आयात बिल, महंगाई और रुपये पर दबाव की संभावना बढ़ सकती है।
दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में मजबूत निवेश रुचि भारतीय बैंकिंग शेयरों के लिए भी सकारात्मक संकेत दे सकती है। हालांकि, घरेलू बाजार की दिशा तय करने में विदेशी निवेशकों की गतिविधि, रुपये की चाल, क्रूड की कीमत और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम अहम भूमिका निभाएंगे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर मंगलवार को एशियाई बाजारों में तस्वीर मिश्रित है। Kospi और कुछ अन्य बाजारों में तेजी, जबकि Shanghai Composite और Taiwan में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान का बाजार छुट्टी के कारण बंद है।
वैश्विक निवेशकों के रडार पर इस समय तीन बड़े मुद्दे हैं—AI और टेक शेयरों से बैंकिंग शेयरों की ओर रुख, अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति। इसके साथ ही तेल और सोने की कीमतों में तेजी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रही है।
भारत के नजरिए से कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक जोखिम धारणा पर नजर रखना खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा। आने वाले सत्रों में अमेरिका के महंगाई आंकड़े और मध्य पूर्व से जुड़े किसी भी नए घटनाक्रम से बाजार की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: newsjagran.in पर दिए गए विचार और बाजार संबंधी जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से हैं। इन्हें निवेश सलाह न माना जाए। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


