Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी 11 अगस्त का कारोबारी सत्र काफी अहम रहने वाला है। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन घरेलू बाजार को ग्लोबल संकेतों से लेकर FII-DII फ्लो, कंपनियों के तिमाही नतीजों और इंडेक्स में होने वाले बदलावों तक कई अहम खबरों से दिशा मिल सकती है। शुरुआती संकेतों की बात करें तो GIFT Nifty में हल्की कमजोरी नजर आ रही है, जबकि एशियाई बाजारों में मामूली बढ़त देखने को मिल रही है। दूसरी ओर अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में हल्की गिरावट के साथ बंद हुए।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की कैश मार्केट में खरीदारी बाजार के लिए कुछ राहत देने वाली है। हालांकि वायदा कारोबार में FIIs की बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का 4.7 फीसदी के ऊपर जाना बाजार के लिए चिंता का संकेत बना हुआ है। ऐसे में आज कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
GIFT Nifty से सपाट से कमजोर शुरुआत के संकेत
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज निगेटिव से सपाट रहने के संकेत मिल रहे हैं। सुबह करीब 7:10 बजे GIFT Nifty 17.50 अंक यानी 0.07 फीसदी की मामूली कमजोरी के साथ 24,615.50 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
इससे संकेत मिलता है कि घरेलू बाजार के लिए आज की शुरुआत बहुत बड़ी तेजी या गिरावट वाली नहीं हो सकती। हालांकि निफ्टी की वीकली एक्सपायरी होने के कारण दिन के दौरान बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
ग्लोबल स्तर पर भी संकेत पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। एशियाई बाजारों में हल्की बढ़त है, जबकि अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के दौरान मामूली कमजोरी रही। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का फिर से 4.7 फीसदी के ऊपर जाना इक्विटी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
10 अगस्त को सपाट बंद हुआ बाजार
10 अगस्त के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बीच लगभग सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 फीसदी की बढ़त के साथ 78,542.44 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 13.15 अंक यानी 0.05 फीसदी चढ़कर 24,583.80 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी50 के शेयरों में टाइटन कंपनी सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रही और इसमें करीब 3 फीसदी की तेजी आई। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में 2.4 फीसदी, बजाज फाइनेंस में 2.2 फीसदी, श्रीराम फाइनेंस में 2 फीसदी और ग्रासिम में करीब 1.7 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
दूसरी ओर SBI के शेयर में करीब 2.39 फीसदी की गिरावट रही। ITC 1.2 फीसदी, एटरनल 1.5 फीसदी, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज 1.13 फीसदी और TCS करीब 1 फीसदी नीचे बंद हुए।
इन सेक्टरों में दिखी तेजी और गिरावट
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो बाजार में कुछ चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 1.3 फीसदी चढ़ा, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 0.4 फीसदी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 0.5 फीसदी की तेजी रही।
इसके उलट निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में करीब 1.6 फीसदी की गिरावट आई। निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.3 फीसदी और निफ्टी इंफ्रा इंडेक्स करीब 0.4 फीसदी नीचे रहा।
ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.6 फीसदी ऊपर रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.3 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली। इससे पता चलता है कि बाजार में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बनी रही, लेकिन व्यापक बाजार में पूरी तरह मजबूत तेजी नहीं थी।
Nifty 50 में बड़ा बदलाव, Wipro की जगह BSE की एंट्री
आज बाजार में इंडेक्स से जुड़ी एक बड़ी खबर भी चर्चा में रहेगी। 30 सितंबर से NSE इंडेक्स में महत्वपूर्ण बदलाव होने वाला है। करीब तीन दशक बाद Wipro को Nifty 50 इंडेक्स से बाहर किया जाएगा और उसकी जगह BSE को शामिल किया जाएगा।
Nifty 50 में किसी कंपनी का शामिल होना या बाहर होना संबंधित शेयर में इंडेक्स फंड और ETF से जुड़ी खरीद-बिकवाली को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इस बदलाव से जुड़े शेयरों पर निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर रह सकती है।
इसके अलावा Nifty Next 50 और Nifty 500 में भी बदलाव किए जाएंगे। Hitachi, Polycab, Vedanta Aluminium और Vodafone Idea जैसे नाम Nifty Next 50 में शामिल किए जाने की खबर है। इंडेक्स में होने वाले इन बदलावों के कारण संबंधित शेयरों में ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ सकती है।
अदाणी ग्रुप के शेयर आज रहेंगे फोकस में
आज अदाणी ग्रुप के शेयरों पर भी बाजार की नजर रहने की संभावना है। गौतम अदाणी और सागर अदाणी को अमेरिका में चल रहे कानूनी मामले में बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है।
अदाणी ग्रुप की ओर से अमेरिकी अदालत के फैसले का स्वागत किया गया है। गौतम अदाणी ने कहा कि उन्हें सच्चाई, निष्पक्षता और कानून में पूरा भरोसा है।
अदाणी ग्रुप से जुड़ी अमेरिकी कानूनी खबरों पर पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार के निवेशकों की नजर रही है। ऐसे में इस घटनाक्रम के बाद अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में कारोबारी गतिविधि बढ़ सकती है। हालांकि ट्रेडर्स को खबर के साथ-साथ शेयरों के तकनीकी स्तर और बाजार के व्यापक रुझान को भी ध्यान में रखना चाहिए।
Vodafone Idea को पहली तिमाही में ₹3,700 करोड़ का घाटा
टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea (Vi) के तिमाही नतीजे भी आज बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। कंपनी को पहली तिमाही में करीब ₹3,700 करोड़ का घाटा हुआ है। कंपनी को करीब ₹1,600 करोड़ की एकमुश्त आय का फायदा मिलने के बावजूद वह नुकसान में रही।
हालांकि बाजार के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी का घाटा अनुमान से कम रहा। कंपनी के रेवेन्यू में भी 3 फीसदी से अधिक की बढ़त देखने को मिली।
Vi का Average Revenue Per User (ARPU) भी बढ़कर ₹195 हो गया, जबकि इससे पहले यह करीब ₹177 था। ARPU में सुधार कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, क्योंकि टेलीकॉम कंपनियों की कमाई में प्रति ग्राहक औसत राजस्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Vodafone Idea के शेयर पर आज इन नतीजों और कंपनी की आगे की वित्तीय स्थिति का असर देखने को मिल सकता है।
Bosch India का मुनाफा करीब 37% घटा
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की कंपनी Bosch India के नतीजों में मुनाफे पर दबाव दिखाई दिया है। कंपनी का प्रॉफिट करीब 37 फीसदी घटा है। हालांकि कंपनी के मार्जिन में सुधार देखने को मिला है।
निवेशक आमतौर पर किसी कंपनी के नतीजों को केवल मुनाफे के आधार पर नहीं देखते। बिक्री, ऑपरेटिंग मार्जिन, लागत, कैश फ्लो और आगे के मैनेजमेंट कमेंट्री जैसे संकेत भी शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए Bosch India के शेयर में आज नतीजों के बाद प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
वायदा बाजार की 6 कंपनियों के नतीजों पर नजर
आज F&O सेगमेंट में शामिल कई कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी। इनमें Siemens, PI Industries, Manappuram Finance और Zydus Lifesciences समेत करीब छह कंपनियां शामिल हैं।
Siemens और PI Industries के मामले में मुनाफे और मार्जिन पर दबाव रहने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर Manappuram Finance के लिए ब्याज से होने वाली कमाई में करीब 18 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद बताई जा रही है।
इन कंपनियों के नतीजे आने के बाद उनके शेयरों में तेज मूवमेंट देखने को मिल सकता है। खासकर F&O में कारोबार करने वाले ट्रेडर्स के लिए नतीजों से पहले और बाद की अस्थिरता महत्वपूर्ण होगी।
FII-DII फंड फ्लो से क्या संकेत मिल रहे हैं?
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक 10 अगस्त को FIIs/FPIs ने भारतीय शेयर बाजार में ₹1,974.76 करोड़ की खरीदारी की। इस तरह विदेशी निवेशक कैश सेगमेंट में नेट बायर रहे।
हालांकि दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने ₹1,290.29 करोड़ की बिकवाली की और वे नेट सेलर रहे।
FIIs की कैश मार्केट में खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत देती है, लेकिन केवल एक दिन के आंकड़े के आधार पर बाजार की दिशा का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। निवेशकों को लगातार कई सत्रों के FII-DII फ्लो, इंडेक्स के तकनीकी स्तर और ग्लोबल संकेतों को साथ में देखना चाहिए।
US बॉन्ड यील्ड और ग्लोबल मार्केट भी अहम
भारतीय बाजार के लिए आज अमेरिकी बाजार और बॉन्ड यील्ड भी महत्वपूर्ण रहेंगे। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का 4.7 फीसदी के ऊपर जाना इक्विटी बाजारों के लिए दबाव बढ़ा सकता है, क्योंकि बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों के लिए सुरक्षित आय वाले एसेट अधिक आकर्षक हो सकते हैं।
वहीं एशियाई बाजारों में हल्की मजबूती भारतीय बाजार के लिए कुछ राहत दे सकती है। लेकिन अमेरिका में पिछले सत्र की कमजोरी और ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बाजार की तेजी को सीमित कर सकती है।
आज किन खबरों पर रखें नजर?
आज ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए कई घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे। इनमें Nifty की weekly expiry, GIFT Nifty की दिशा, FII-DII activity, US bond yield, एशियाई बाजारों की चाल, Vodafone Idea और Bosch India के नतीजे, अदाणी ग्रुप से जुड़ी खबर और Nifty 50 में होने वाले बदलाव प्रमुख हैं।
इन सभी संकेतों को देखते हुए आज बाजार में किसी एक दिशा में तेज ट्रेंड के बजाय उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। खासकर वीकली एक्सपायरी के कारण इंडेक्स और ऑप्शन सेगमेंट में तेजी से मूवमेंट संभव है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
आज के बाजार में ट्रेड लेने से पहले केवल GIFT Nifty या किसी एक खबर को आधार बनाना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार की शुरुआती चाल के साथ-साथ निफ्टी के महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर, बैंकिंग शेयरों की चाल, FII गतिविधि और ग्लोबल संकेतों पर नजर रखना जरूरी होगा।
कंपनियों के तिमाही नतीजों वाले शेयरों में भी अस्थिरता बढ़ सकती है। इसलिए ट्रेडर्स को पोजीशन साइज और स्टॉप लॉस का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
कुल मिलाकर, आज भारतीय शेयर बाजार के लिए संकेत मिले-जुले हैं। GIFT Nifty में हल्की कमजोरी जहां सतर्कता का संकेत दे रही है, वहीं FIIs की कैश मार्केट में करीब ₹1,975 करोड़ की खरीदारी कुछ राहत देती है। एशियाई बाजारों की हल्की बढ़त भी सकारात्मक संकेत है। लेकिन US बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और वायदा में विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है। ऐसे में आज कारोबार के दौरान खबरों के साथ-साथ बाजार की वास्तविक दिशा और वॉल्यूम को देखकर ही ट्रेडिंग फैसला लेना बेहतर होगा।


