Trade Setup for Today: भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच खींचतान देखने को मिल रही है। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। 10 अगस्त को निफ्टी 0.05 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इंडेक्स भले ही अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है और इसका बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव नजर आ रहा है, लेकिन मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रहने के संकेत दे रहे हैं।
ऐसे में आज के कारोबार में 24,500-24,700 का दायरा बेहद अहम रहने वाला है। जब तक निफ्टी इस रेंज को किसी एक दिशा में मजबूती से नहीं तोड़ता, तब तक बाजार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
24,500-24,700 की रेंज पर नजर
तकनीकी संकेतों के मुताबिक निफ्टी पिछले चार कारोबारी सत्रों से लगभग 24,500 से 24,700 के दायरे में घूम रहा है। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है। यह पैटर्न आमतौर पर बाजार में खरीदारों और बिकवालों के बीच अनिश्चितता को दर्शाता है।
हालांकि, मौजूदा स्थिति में इस पैटर्न का असर सीमित माना जा रहा है, क्योंकि निफ्टी पहले से ही रेंज-बाउंड मूवमेंट में कारोबार कर रहा है। खास बात यह है कि इंडेक्स सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा निफ्टी हाल की तेजी के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर और डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन के भी ऊपर है।
इससे बाजार का व्यापक स्ट्रक्चर अभी भी मजबूत नजर आता है। दूसरी ओर, मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर किसी मजबूत दिशात्मक तेजी का संकेत नहीं दे रहे हैं। इसलिए निकट अवधि में कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
24,700 के ऊपर निकलने पर 25,000 तक जा सकता है Nifty
अगर निफ्टी 24,700 के ऊपर मजबूती से टिकने में कामयाब होता है, तो बाजार में नया पॉजिटिव मोमेंटम बन सकता है। इसके बाद इंडेक्स के लिए 24,800 और 25,000 अगले अहम स्तर हो सकते हैं।
वहीं दूसरी तरफ 24,500 के नीचे कमजोरी आने पर 24,400 और 24,300 के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकते हैं। यानी फिलहाल बाजार की अगली बड़ी दिशा इसी रेंज के ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन से तय होने की संभावना है।
Hitesh Tailor ने बताए Nifty के सपोर्ट और रेजिस्टेंस
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के मुताबिक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,450-24,400 के जोन में है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट क्षेत्र 24,300-24,250 के आसपास दिखाई देता है।
उनका कहना है कि जब तक निफ्टी अपने तत्काल सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार का स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहने की संभावना है। हालांकि, ट्रेडर्स को बाजार में उतार-चढ़ाव और चुनिंदा शेयरों में तेज हलचल के लिए तैयार रहना चाहिए।
ऊपर की तरफ 24,650-24,700 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 24,800-25,000 अगला बड़ा रेजिस्टेंस जोन होगा। 24,700 के ऊपर टिकने से निफ्टी का मोमेंटम और मजबूत हो सकता है।
इसके विपरीत, 24,400 के नीचे फिसलने पर शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग बढ़ सकती है और निचले सपोर्ट जोन पर दबाव बन सकता है।
Nifty के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
| स्तर | लेवल |
|---|---|
| पिवट आधारित सपोर्ट 1 | 24,530 |
| पिवट आधारित सपोर्ट 2 | 24,504 |
| पिवट आधारित सपोर्ट 3 | 24,462 |
| पिवट आधारित रेजिस्टेंस 1 | 24,614 |
| पिवट आधारित रेजिस्टेंस 2 | 24,640 |
| पिवट आधारित रेजिस्टेंस 3 | 24,682 |
इन स्तरों पर ट्रेडर्स को खास नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनके आसपास खरीदारी या बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
Bank Nifty में भी कंसोलिडेशन जारी
बैंक निफ्टी में भी फिलहाल किसी बड़ी दिशात्मक तेजी के स्पष्ट संकेत नहीं हैं। SBI Securities में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार बैंक निफ्टी पिछले चार ट्रेडिंग सेशन से एक ही दायरे में कारोबार कर रहा है।
बैंक निफ्टी करीब 621 अंकों के छोटे दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है और इस दौरान कई ऐसी कैंडलस्टिक बनी हैं, जिनसे किसी स्पष्ट दिशा का संकेत नहीं मिलता। इसके अलावा मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल बने हुए हैं।
इससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में बैंक निफ्टी में भी सीमित दायरे में कारोबार जारी रह सकता है।
58,100 के ऊपर निकला Bank Nifty तो 59,200 तक रैली संभव
तकनीकी नजरिए से बैंक निफ्टी के लिए 58,000-58,100 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स 58,100 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो तेजी दोबारा शुरू होने का संकेत मिल सकता है।
ऐसी स्थिति में शॉर्ट टर्म में 58,600 और उसके बाद 59,200 तक की रैली की गुंजाइश बन सकती है।
वहीं नीचे की तरफ 50-डे EMA करीब 57,100-57,000 के आसपास है। इस क्षेत्र से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। जब तक बैंक निफ्टी इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है, तब तक कंसोलिडेशन के बावजूद इसका बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव रहने की संभावना है।
Bank Nifty के अहम टेक्निकल लेवल
Bank Nifty: 57,687
| आधार | सपोर्ट | रेजिस्टेंस |
|---|---|---|
| पिवट प्वाइंट | 57,557 | 57,930 |
| पिवट प्वाइंट | 57,442 | 58,045 |
| पिवट प्वाइंट | 57,255 | 58,232 |
| फिबोनाची रिट्रेसमेंट | 57,305 | 59,247 |
| फिबोनाची रिट्रेसमेंट | 56,441 | 61,787 |
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपर और नीचे दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बेयरिश कैंडल बनाई है। यह बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच मामूली करेक्शन का संकेत देती है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर है, इसलिए बड़े ट्रेंड को फिलहाल पॉजिटिव माना जा सकता है।
FII-DII Fund Flow: विदेशी निवेशक बने नेट बायर
10 अगस्त के एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI ने भारतीय इक्विटी में ₹1,974.76 करोड़ की खरीदारी की। इस तरह वे नेट बायर रहे।
दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।
FII और DII का यह फंड फ्लो बाजार की दिशा समझने के लिए महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। हालांकि किसी एक दिन का फंड फ्लो बाजार की अगली दिशा तय करने के लिए पर्याप्त नहीं होता।
India VIX में मामूली बढ़त
बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 0.72 फीसदी बढ़कर 12.24 पर पहुंच गया। हालांकि यह स्तर अभी भी बहुत ज्यादा चिंताजनक नहीं माना जा रहा है।
तकनीकी नजरिए से जब तक India VIX करीब 14-15 के स्तर से नीचे रहता है, तब तक बाजार में बहुत ज्यादा अनिश्चितता की संभावना कम मानी जाती है। कम VIX आमतौर पर बाजार में अपेक्षाकृत नियंत्रित उतार-चढ़ाव का संकेत देता है।
Nifty Put-Call Ratio में सुधार
निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) 10 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.89 था।
PCR का इस्तेमाल बाजार में तेजी या मंदी की भावना को समझने के लिए किया जाता है। आम तौर पर 0.7 से ऊपर या 1 के आसपास पहुंचता PCR अपेक्षाकृत पॉजिटिव सेंटीमेंट की ओर संकेत कर सकता है, जबकि 0.7 से नीचे गिरता अनुपात कमजोर या मंदी की भावना को दर्शा सकता है।
मौजूदा स्तर से संकेत मिलता है कि डेरिवेटिव्स बाजार में सेंटीमेंट में कुछ सुधार हुआ है, हालांकि इसे अकेले बाजार की दिशा का निर्णायक संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
F&O Ban में कौन-कौन से स्टॉक?
F&O सेगमेंट में किसी स्टॉक को तब प्रतिबंधित सूची में रखा जाता है, जब उसके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट का इस्तेमाल 95 फीसदी से ज्यादा हो जाता है।
10 अगस्त के अपडेट के अनुसार:
- F&O Ban में नया शामिल: SAIL
- पहले से F&O Ban में: Bandhan Bank
- F&O Ban से बाहर: Kaynes Technology India और Life Insurance Corporation of India
F&O ट्रेडर्स के लिए इन स्टॉक्स की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि प्रतिबंध लगने या हटने से ट्रेडिंग रणनीति और पोजीशन मैनेजमेंट प्रभावित हो सकता है।
आज के बाजार के लिए क्या है संकेत?
कुल मिलाकर तकनीकी तस्वीर फिलहाल सावधानी के साथ पॉजिटिव दिखाई दे रही है। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ही अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर हैं, जिससे बड़े ट्रेंड में कमजोरी के संकेत नहीं हैं। लेकिन मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर किसी मजबूत दिशात्मक तेजी की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
इसलिए बाजार में फिलहाल रेंज-बाउंड कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,500-24,700 का दायरा निर्णायक रहेगा। 24,700 के ऊपर मजबूती से टिकने पर 24,800-25,000 की तरफ तेजी बढ़ सकती है। वहीं 24,400 के नीचे कमजोरी आने पर 24,300-24,250 तक दबाव देखने को मिल सकता है।
इसके साथ ही ट्रेडर्स को मिडिल ईस्ट की गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनमें तेज बदलाव भारतीय बाजार के सेंटीमेंट और व्यापक जोखिम धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
Disclaimer
यह लेख बाजार विशेषज्ञों और उपलब्ध तकनीकी आंकड़ों पर आधारित है। NewsJagran.in पर दिए गए विचार संबंधित एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। वेबसाइट या इसकी मैनेजमेंट किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखते हुए प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।


