महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शेयर बाजार में निवेश कर ज्यादा मुनाफा कमाने की उम्मीद एक 42 वर्षीय व्यक्ति और उसकी पत्नी को भारी पड़ गई। साइबर ठगों ने निवेश पर शानदार रिटर्न का लालच देकर दंपति को अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल ₹20,31,047 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का पता तब चला जब निवेश की रकम और कथित मुनाफा वापस नहीं मिला। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र के ठाणे में ऑनलाइन शेयर बाजार निवेश के नाम पर साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस मामले में ठगों ने पहले शेयर बाजार से कम समय में ज्यादा कमाई का लालच दिया और फिर पीड़ित को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर कथित निवेश प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए कहा।
पुलिस के मुताबिक, ठगी का शिकार हुआ 42 वर्षीय व्यक्ति अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे सुरक्षित करने और निवेश के जरिए रकम बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह एक ऐसे लिंक के संपर्क में आया, जिसमें शेयर बाजार में निवेश से ज्यादा मुनाफे का दावा किया गया था।
इसके बाद बातचीत आगे बढ़ी और साइबर ठगों ने उसे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया। कथित निवेश के लिए एक ऐप डाउनलोड करने को कहा गया। शुरुआत में पूरा तरीका सामान्य निवेश प्रक्रिया जैसा दिखाया गया, लेकिन बाद में पीड़ित और उसकी पत्नी से बड़ी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली गई।
लिंक पर क्लिक करने के बाद शुरू हुआ ठगी का खेल
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित शेयर बाजार में निवेश करना चाहता था। उसका उद्देश्य अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए रखी रकम को निवेश के जरिए बढ़ाना था। इसी दौरान उसने ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले एक लिंक पर क्लिक किया।
यहीं से साइबर ठगी का पूरा सिलसिला शुरू हुआ।
लिंक के जरिए संपर्क में आने के बाद ठगों ने पीड़ित को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल किया। ऐसे मामलों में साइबर अपराधी अक्सर ग्रुप में निवेश से जुड़े मैसेज, कथित एक्सपर्ट की सलाह और मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
इसके बाद पीड़ित को निवेश के लिए एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। ऐप को इस तरह पेश किया गया कि वह शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला वैध प्लेटफॉर्म लगे।
पति-पत्नी ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन में भेजे ₹20.31 लाख
पुलिस के अनुसार, पीड़ित और उसकी पत्नी ने 15 मई से 30 जुलाई के बीच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों को कुल ₹20,31,047 भेजे।
ठगी की रकम एक ही बार में ट्रांसफर नहीं की गई। अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे भेजे जाने से पीड़ित को यह महसूस होता रहा कि उसकी रकम किसी निवेश योजना में लग रही है।
साइबर ठगी के ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर पीड़ित को बार-बार पैसे लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। निवेश पर कथित मुनाफा दिखाकर भरोसा कायम किया जाता है और इसके बाद और ज्यादा रकम जमा कराने के लिए कहा जाता है।
हालांकि, ठाणे के इस मामले में भी जब निवेश की रकम वापस लेने या कथित मुनाफा प्राप्त करने का समय आया, तब पीड़ित को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुनाफा नहीं मिला तो खुली ठगी की पोल
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित को उस समय ठगी का एहसास हुआ जब उसे निवेश पर वादा किया गया मुनाफा नहीं मिला। इतना ही नहीं, वह अपनी मूल निवेश राशि भी वापस नहीं निकाल सका।
इसके बाद उसे समझ आया कि जिस निवेश प्लेटफॉर्म और लोगों के जरिए वह शेयर बाजार में पैसा लगा रहा था, वह संभवतः साइबर ठगों का बनाया हुआ जाल था।
पीड़ित ने पहले साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस से संपर्क किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
शेयर बाजार के नाम पर कैसे होती है ऐसी साइबर ठगी?
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी में अपराधी कई तरीके अपनाते हैं। सोशल मीडिया विज्ञापन, अनजान लिंक, व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी निवेश ऐप इसके प्रमुख माध्यम बन गए हैं।
अक्सर लोगों को यह बताया जाता है कि किसी खास शेयर या ट्रेडिंग रणनीति से बहुत कम समय में बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। इसके बाद उन्हें किसी ग्रुप में जोड़कर लगातार निवेश संबंधी सलाह दी जाती है।
कई मामलों में फर्जी ऐप में निवेश की गई रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता है। इससे निवेशक को लगता है कि उसका पैसा वास्तव में शेयर बाजार में लगा हुआ है और उसे फायदा हो रहा है।
लेकिन जब निवेशक पैसे निकालने की कोशिश करता है तो उससे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी चार्ज या अन्य किसी कारण से और पैसे जमा करने को कहा जा सकता है। रकम जमा करने के बाद भी पैसा वापस नहीं मिलता।
निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
शेयर बाजार में निवेश करने से पहले कुछ बुनियादी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। खासकर अगर किसी अनजान व्यक्ति, सोशल मीडिया अकाउंट या व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए निवेश का ऑफर मिला है तो अतिरिक्त सतर्क रहें।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करके निवेश शुरू न करें। केवल विज्ञापन या मैसेज में दिए गए लिंक के आधार पर किसी निवेश प्लेटफॉर्म पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
इसी तरह, किसी ऐसे ऐप को डाउनलोड करने से बचें जिसकी विश्वसनीयता और आधिकारिक स्रोत से पुष्टि न हुई हो। शेयर बाजार में निवेश के लिए इस्तेमाल किए जा रहे प्लेटफॉर्म की जानकारी स्वतंत्र रूप से जांचना जरूरी है।
ज्यादा रिटर्न के वादे से रहें सावधान
निवेश में बहुत कम समय में असाधारण रिटर्न का वादा एक बड़ा खतरे का संकेत हो सकता है। कोई भी व्यक्ति या प्लेटफॉर्म अगर निश्चित या बहुत ज्यादा मुनाफे का दावा करता है, तो निवेश करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।
खास तौर पर ‘गारंटीड रिटर्न’, ‘डबल पैसा’, ‘पक्का मुनाफा’ या ‘इनसाइडर टिप’ जैसे दावों से सावधान रहना चाहिए।
व्हाट्सऐप ग्रुप पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
सिर्फ इसलिए किसी निवेश ग्रुप पर भरोसा न करें क्योंकि उसमें बड़ी संख्या में सदस्य हैं या लोग मुनाफे के स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं। ऐसे स्क्रीनशॉट और ट्रेडिंग रिजल्ट नकली भी हो सकते हैं।
किसी ग्रुप में मौजूद कथित एक्सपर्ट या एडमिन के कहने पर सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करना भी जोखिम भरा है।
बच्चों की पढ़ाई के पैसे को लेकर भी रहें सतर्क
इस मामले में पीड़ित का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे सुरक्षित करना था। यही वजह है कि यह घटना निवेश के साथ-साथ वित्तीय योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण सबक देती है।
जिस पैसे की जरूरत निकट भविष्य में किसी जरूरी काम के लिए होने वाली है, उसे केवल ज्यादा रिटर्न के लालच में जोखिम भरे या संदिग्ध प्लेटफॉर्म पर नहीं लगाना चाहिए।
निवेश का फैसला हमेशा अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखकर लेना चाहिए।
ठगी होने पर तुरंत क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी हो जाती है तो उसे मामले को छिपाने या आरोपी से लंबे समय तक बातचीत करने के बजाय तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए।
बैंक ट्रांजैक्शन, स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट, फोन नंबर, ऐप की जानकारी, भुगतान की रसीद और अन्य डिजिटल सबूत सुरक्षित रखना जांच में मदद कर सकता है।
जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, उतनी जल्दी संबंधित लेनदेन की जांच और रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
ठाणे की घटना से क्या सीख मिलती है?
ठाणे का यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग अब केवल बैंकिंग या OTP फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं। वे लोगों की निवेश और ज्यादा कमाई की इच्छा को निशाना बनाकर भी बड़ी रकम ठग रहे हैं।
शेयर बाजार में निवेश करना अपने आप में ठगी नहीं है, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसा भेजना, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करना या असामान्य रिटर्न के लालच में निवेश करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
इसलिए किसी भी निवेश से पहले प्लेटफॉर्म और संबंधित संस्था की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है। ज्यादा मुनाफे का लालच अगर आपको जल्दबाजी में पैसा ट्रांसफर करने के लिए मजबूर कर रहा है, तो वहीं रुककर पूरे ऑफर की जांच करें।
ठाणे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी में किन लोगों और खातों का इस्तेमाल किया गया तथा दंपति से ठगी गई रकम कहां ट्रांसफर की गई।


