Behari Lal Engineering IPO: बिहारी लाल इंजीनियरिंग का ₹301.62 करोड़ का IPO 12 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने IPO के लिए ₹271 से ₹285 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इश्यू 14 अगस्त को बंद होगा और शेयरों की संभावित लिस्टिंग 19 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर हो सकती है।
IPO से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और ग्रे मार्केट प्रीमियम पर भी निवेशकों की नजर है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 22 फीसदी बढ़कर ₹64.64 करोड़ हो गया। वहीं, 31 मई 2026 तक कंपनी के पास ₹1,785.69 लाख यानी करीब ₹17.86 करोड़ का ऑर्डर बुक था।
₹301.62 करोड़ का Behari Lal Engineering IPO
बिहारी लाल इंजीनियरिंग का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू नहीं है। यह फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल यानी OFS का मिश्रण है। कंपनी IPO के जरिए कुल ₹301.62 करोड़ जुटाने की योजना लेकर बाजार में आ रही है।
इश्यू में करीब 0.33 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिससे लगभग ₹93 करोड़ जुटाए जाएंगे। इसके अलावा करीब 0.73 करोड़ शेयर OFS के तहत पेश किए जाएंगे, जिनकी कीमत लगभग ₹208.62 करोड़ है।
इसका मतलब है कि IPO से जुटाई जाने वाली पूरी रकम कंपनी के कारोबार में नहीं जाएगी। OFS के जरिए बेचे जाने वाले शेयर मौजूदा शेयरधारकों के हैं और उस हिस्से की रकम संबंधित शेयरधारकों को मिलेगी।
12 अगस्त को खुलेगा IPO, 19 अगस्त को लिस्टिंग
Behari Lal Engineering IPO की सब्सक्रिप्शन विंडो 12 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक खुली रहेगी। शेयर अलॉटमेंट को 17 अगस्त को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 19 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर हो सकती है।
IPO का प्राइस बैंड ₹271 से ₹285 प्रति शेयर है। एक लॉट में 52 शेयर होंगे। अपर प्राइस बैंड ₹285 के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए कम से कम ₹14,820 लगाने होंगे।
इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड हैं, जबकि IPO के रजिस्ट्रार MUFG Intime India Private Limited हैं।
क्या करती है Behari Lal Engineering?
बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी। कंपनी इंटीग्रेटेड आयरन और स्टील मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी है और औद्योगिक ग्राहकों के लिए कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।
कंपनी के प्रमुख उत्पादों में मेटल रोल्स, इंजीनियरिंग कास्टिंग्स, एलॉय स्टील प्रोडक्ट्स, फोर्जिंग इंगॉट्स, फोर्ज्ड शाफ्ट्स और ब्लॉक्स शामिल हैं। इन उत्पादों का इस्तेमाल स्टील, आयरन, माइनिंग, पावर, शुगर और एग्रीगेट क्रशिंग जैसे अलग-अलग उद्योगों में किया जाता है।
कंपनी अलग-अलग ग्रेड के मेटल रोल्स का निर्माण करती है। इसके इंजीनियरिंग कास्टिंग्स का वजन करीब 500 किलोग्राम से लेकर 20 टन तक हो सकता है। इससे कंपनी बड़े औद्योगिक ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करती है।
1,825 से ज्यादा ग्राहक, कई बड़े नाम शामिल
31 मार्च 2026 तक कंपनी के ग्राहक आधार में 1,825 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहक शामिल थे। इनमें Ambа Shakti Industries, BMW Industries, Shyam Metalics & Energy, Laxcon Steels, MSP Steel & Power, Jai Balaji Industries, Propel Industries और Metso India जैसे नाम शामिल हैं।
कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में स्थित दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से संचालित होती हैं।
31 मई 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹1,785.69 लाख यानी करीब ₹17.86 करोड़ था। ऑर्डर बुक किसी कंपनी के भविष्य के कारोबार का एक संकेत माना जाता है, हालांकि यह भविष्य की बिक्री या मुनाफे की गारंटी नहीं है।
FY26 में मुनाफा 22% बढ़ा
Behari Lal Engineering के वित्तीय प्रदर्शन में वित्त वर्ष 2026 के दौरान सुधार देखने को मिला। कंपनी की कुल आय FY25 के ₹516.30 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹546.52 करोड़ हो गई।
इसी अवधि में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स यानी PAT ₹52.95 करोड़ से बढ़कर ₹64.64 करोड़ हो गया। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी का EBITDA भी FY25 के ₹81.31 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹101.32 करोड़ हो गया। वहीं कंपनी की नेटवर्थ ₹241.62 करोड़ से बढ़कर ₹306.10 करोड़ हो गई।
हालांकि, कंपनी की उधारी FY25 के ₹7.58 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹17.78 करोड़ हो गई। इससे पहले FY24 में कुल उधारी ₹41.21 करोड़ थी।
IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?
IPO से मिलने वाली फ्रेश इश्यू की रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी।
कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी-1 में नए उपकरण और मशीनरी खरीदने, उनकी स्थापना तथा संबंधित सिविल वर्क के लिए करीब ₹19.59 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसी यूनिट में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए करीब ₹3.40 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी-2 में उपकरण और मशीनरी की खरीद, स्थापना तथा संबंधित सिविल वर्क के लिए करीब ₹36.65 करोड़ खर्च किए जाने हैं। इस यूनिट में भी रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए ₹3.40 करोड़ का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा कंपनी करीब ₹57 लाख मौजूदा कर्ज के repayment या pre-payment के लिए इस्तेमाल करेगी। बची हुई रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी।
Behari Lal Engineering IPO GMP कितना है?
IPO से पहले ग्रे मार्केट में Behari Lal Engineering के शेयरों को लेकर भी गतिविधि देखने को मिल रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक IPO का GMP ₹25 बताया जा रहा है।
अगर ₹285 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹25 का GMP देखा जाए तो यह करीब 8.8 फीसदी बैठता है। इसी आधार पर ग्रे मार्केट संकेतित लिस्टिंग प्राइस लगभग ₹310 बनता है। हालांकि, यह केवल अनौपचारिक ग्रे मार्केट संकेत है और लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं देता।
GMP में सब्सक्रिप्शन के दौरान और लिस्टिंग तक लगातार बदलाव हो सकता है। इसलिए निवेशकों को केवल GMP देखकर IPO में पैसा लगाने के बजाय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, कारोबार, जोखिम और IPO दस्तावेजों का भी अध्ययन करना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Behari Lal Engineering IPO में निवेशकों के लिए कंपनी की बढ़ती आय और मुनाफा सकारात्मक पहलू हो सकते हैं। FY26 में PAT में 22 फीसदी की बढ़ोतरी और EBITDA में सुधार कंपनी की कमाई क्षमता में मजबूती का संकेत देते हैं।
इसके साथ ही कंपनी के पास ₹17.86 करोड़ का ऑर्डर बुक और 1,825 से ज्यादा ग्राहकों का आधार है। दूसरी तरफ, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि IPO का बड़ा हिस्सा OFS है, इसलिए इश्यू से मिलने वाली पूरी रकम कंपनी के विस्तार में इस्तेमाल नहीं होगी।
इसके अलावा कंपनी के कारोबार का प्रदर्शन स्टील और इंजीनियरिंग सेक्टर की मांग, कच्चे माल की कीमतों और औद्योगिक गतिविधियों से प्रभावित हो सकता है। इसलिए सिर्फ GMP या मौजूदा ऑर्डर बुक के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
Behari Lal Engineering IPO: एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| IPO का आकार | ₹301.62 करोड़ |
| IPO खुलने की तारीख | 12 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 14 अगस्त 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹271–₹285 |
| लॉट साइज | 52 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | ₹14,820 |
| संभावित अलॉटमेंट | 17 अगस्त 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 19 अगस्त 2026 |
| एक्सचेंज | NSE और BSE |
| FY26 PAT | ₹64.64 करोड़ |
| FY26 PAT ग्रोथ | करीब 22% |
| ऑर्डर बुक | ₹17.86 करोड़ |
| GMP | ₹25 |
| GMP प्रीमियम | करीब 8.8% |
निष्कर्ष
Behari Lal Engineering IPO 12 अगस्त 2026 से निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। ₹301.62 करोड़ के इस इश्यू में कंपनी ने ₹271-₹285 का प्राइस बैंड तय किया है। FY26 में मुनाफे में 22 फीसदी की बढ़ोतरी, ₹17.86 करोड़ का ऑर्डर बुक और 1,825 से अधिक ग्राहकों का आधार IPO की प्रमुख बातों में शामिल है।
वहीं, करीब ₹208.62 करोड़ का हिस्सा OFS होने के कारण निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि IPO की पूरी रकम कंपनी के विस्तार में नहीं जाएगी। ग्रे मार्केट में ₹25 का GMP करीब 9 फीसदी प्रीमियम का संकेत दे रहा है, लेकिन GMP अनौपचारिक होता है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।
इसलिए IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, वित्तीय स्थिति, सेक्टर से जुड़े जोखिम और आधिकारिक IPO दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांचें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों का अध्ययन करें।


