नई दिल्ली: शेयर बाजार में अक्सर निवेशकों की सलाह होती है कि लगातार गिरते शेयरों से दूरी बनाई जाए। लेकिन दिग्गज निवेशक कई बार भीड़ से अलग रणनीति अपनाते हैं। जब अधिकांश निवेशक गिरावट से घबराकर शेयर बेच रहे होते हैं, तब अनुभवी निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश बढ़ाने का फैसला लेते हैं। ऐसा ही उदाहरण रियल एस्टेट कंपनी Valor Estates में देखने को मिला है।
पिछले एक साल में कंपनी का शेयर करीब 40% तक टूट चुका है, लेकिन इसके बावजूद जाने-माने निवेशक मुकुल अग्रवाल ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। वहीं, रेखा झुनझुनवाला भी इस कंपनी में बड़ा निवेश बनाए हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस कंपनी में ऐसी कौन-सी बात है जिस पर बड़े निवेशकों का भरोसा कायम है।
गिरते शेयर में भी Mukul Agrawal ने बढ़ाई हिस्सेदारी
Valor Estates का शेयर फिलहाल लगभग ₹114 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹6,232 करोड़ है, जबकि इसका P/E Ratio 86.09 है।
मुकुल अग्रवाल पहली बार जून 2025 की शेयरहोल्डिंग में कंपनी के निवेशक के रूप में दिखाई दिए थे। उस समय उनके पास 1.21% हिस्सेदारी थी। यह हिस्सेदारी सितंबर और दिसंबर 2025 तक बरकरार रही।
इसके बाद उन्होंने गिरते शेयर के बावजूद लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
- मार्च 2026: 1.47%
- जून 2026: 1.57%
यानी शेयर में भारी गिरावट के बावजूद उन्होंने कंपनी पर अपना भरोसा और मजबूत किया।
Rekha Jhunjhunwala का भी बड़ा निवेश
Valor Estates के शेयरधारकों में दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला भी शामिल हैं। जून 2026 तक उनकी कुल हिस्सेदारी करीब 4.34% रही, जो दो अलग-अलग होल्डिंग्स के जरिए है।
कंपनी की शेयरहोल्डिंग का स्वरूप इस प्रकार है—
- प्रमोटर हिस्सेदारी: 47.17%
- पब्लिक हिस्सेदारी: 47.65%
- FII हिस्सेदारी: 4.79%
- DII हिस्सेदारी: 0.39%
हालांकि सितंबर 2023 में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 53.82% थी, जो अब घट गई है। दूसरी ओर पब्लिक की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
पूरे साल के नतीजों में शानदार सुधार
कंपनी के वार्षिक वित्तीय प्रदर्शन में पिछले तीन वर्षों के दौरान उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
| वित्त वर्ष | बिक्री | शुद्ध लाभ/घाटा |
|---|---|---|
| FY24 | ₹357 करोड़ | ₹1,317 करोड़ लाभ |
| FY25 | ₹1,133 करोड़ | ₹118 करोड़ घाटा |
| FY26 | ₹1,593 करोड़ | ₹27 करोड़ लाभ |
FY26 में कंपनी घाटे से निकलकर दोबारा मुनाफे में लौट आई, जबकि बिक्री में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई।
तिमाही नतीजे रहे कमजोर
हालांकि हालिया मार्च 2026 तिमाही कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण रही।
- बिक्री घटकर ₹87 करोड़ रही।
- कुल खर्च ₹166 करोड़ रहा।
- ऑपरेटिंग लॉस ₹79 करोड़ दर्ज हुआ।
- ऑपरेटिंग मार्जिन -91% रहा।
- शुद्ध घाटा ₹59 करोड़ रहा।
- EPS -₹1.09 दर्ज किया गया।
रियल एस्टेट सेक्टर में प्रोजेक्ट कंप्लीशन और रेवेन्यू रिकग्निशन के कारण तिमाही नतीजों में इस तरह का उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है।
कर्ज में आई बड़ी कमी
कंपनी की बैलेंस शीट में सबसे सकारात्मक बदलाव उसके कर्ज में देखने को मिला है।
- मार्च 2025 में कुल कर्ज: ₹1,900 करोड़
- मार्च 2026 में कुल कर्ज: ₹747 करोड़
यानी कंपनी ने एक साल में अपना कर्ज काफी हद तक कम किया है। साथ ही कुल एसेट और देनदारियों का आकार भी घटा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
किसी शेयर में दिग्गज निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है, लेकिन केवल इसी आधार पर निवेश का फैसला लेना सही नहीं होगा। Valor Estates के मामले में एक तरफ कर्ज में कमी और वार्षिक प्रदर्शन में सुधार जैसे सकारात्मक पहलू हैं, तो दूसरी ओर हालिया तिमाही नतीजे कमजोर रहे हैं। इसलिए निवेशकों को कंपनी के भविष्य के प्रोजेक्ट्स, कैश फ्लो और आने वाली तिमाहियों के प्रदर्शन पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


