आज के समय में जहां अधिकांश युवा 25 साल की उम्र में नौकरी की तलाश या करियर की शुरुआत कर रहे होते हैं, वहीं कुछ लोग अपनी सोच, मेहनत और सही रणनीति के दम पर करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर रहे हैं। ऐसे ही एक युवा उद्यमी हैं जैद खान, जिन्होंने महज 25 साल की उम्र में करीब ₹5 करोड़ की नेटवर्थ बना ली है। डॉक्टर बनने का सपना छोड़कर उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग की दुनिया में कदम रखा और आज अपनी कंपनी के जरिए देश-विदेश के कई क्लाइंट्स के साथ काम कर रहे हैं।
हाल ही में जैद खान ने एक पॉडकास्ट में अपनी सफलता की कहानी साझा की और बताया कि आखिर कैसे उन्होंने कम उम्र में करोड़पति बनने का सपना पूरा किया। साथ ही उन्होंने नए उद्यमियों के लिए सफलता का एक बेहद आसान लेकिन प्रभावशाली फॉर्मूला भी बताया।
25 साल की उम्र में बना ली ₹5 करोड़ की संपत्ति
जैद खान डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग कंपनी Zedital Media Private Limited के संस्थापक हैं। उनकी कंपनी ब्रांडिंग, मीडिया विज्ञापन, सोशल मीडिया मार्केटिंग, कंटेंट प्रमोशन, ऑनलाइन रेप्युटेशन मैनेजमेंट और LinkedIn प्रोफाइल ऑप्टिमाइजेशन जैसी सेवाएं प्रदान करती है।
लगातार बढ़ते कारोबार और क्लाइंट्स के भरोसे के दम पर जैद ने कम उम्र में ही करोड़ों की संपत्ति बना ली। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में, जब उनकी उम्र सिर्फ 22 साल थी, तब उन्होंने अपना पहला ₹1 करोड़ कमाया था। इसके बाद उनका बिजनेस लगातार बढ़ता गया और आज उनकी अनुमानित नेटवर्थ करीब ₹5 करोड़ बताई जा रही है।
‘द करोड़ क्लब’ पॉडकास्ट में साझा की सफलता की कहानी
हाल ही में जैद खान लोकप्रिय पॉडकास्ट ‘द करोड़ क्लब’ में पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी उद्यमिता, बिजनेस ग्रोथ और शिक्षा से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए।
पॉडकास्ट की होस्ट श्रेया हेगड़े ने उनसे पूछा कि वह नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को क्या सलाह देना चाहेंगे। इस सवाल के जवाब में जैद ने एक ऐसी बात कही जिसे उन्होंने करोड़पति बनने का अपना सबसे बड़ा फॉर्मूला बताया।
करोड़पति बनने का फॉर्मूला सिर्फ एक लाइन में बताया
जैद खान का मानना है कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है—
“लगातार सीखते रहिए और जो सीखें, उसे तुरंत अपने काम में लागू कर दीजिए।”
उनका कहना है कि केवल ज्ञान इकट्ठा करने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि उसे व्यवहार में उतारना सबसे जरूरी होता है।
डॉक्टर बनने का था सपना
जैद खान ने बताया कि उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ, जहां माता-पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें। परिवार की उम्मीद थी कि वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी करें और डॉक्टर बनकर अपना भविष्य सुरक्षित करें।
उन्होंने बताया कि बचपन से उनके सामने डॉक्टर या इंजीनियर बनने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं थे।
उनके अनुसार,
“मैं एक मिडिल क्लास परिवार से हूं। परिवार चाहता था कि मैं डॉक्टर बनूं। मेरे सामने डॉक्टर या इंजीनियर बनने के ही विकल्प थे।”
हालांकि समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि उनकी रुचि किसी और क्षेत्र में है।
NEET छोड़ चुना जर्नलिज्म का रास्ता
डॉक्टर बनने की तैयारी छोड़ने के बाद जैद ने डिजिटल कंटेंट की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत में उन्होंने कई यूट्यूब चैनलों के साथ काम किया और फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स लेने शुरू किए।
उन्होंने अमेरिका के कैलिफोर्निया के एक कंटेंट क्रिएटर के साथ भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई करने का फैसला लिया।
उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उनके फैसले पर भरोसा किया और कॉलेज में एडमिशन दिलाने में पूरा सहयोग दिया।
Canon 80D कैमरे से शुरू हुआ सफर
जैद खान ने बताया कि उनके प्रोफेशनल सफर की शुरुआत एक Canon 80D कैमरे से हुई थी। इसी कैमरे के जरिए उन्होंने वीडियो शूटिंग और कंटेंट प्रोडक्शन का काम शुरू किया।
कुछ समय बाद उन्होंने अपना एक प्रोडक्शन हाउस शुरू किया और फिर धीरे-धीरे डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग के क्षेत्र में अपनी कंपनी खड़ी कर दी।
आज उनकी कंपनी कई ब्रांड्स और बिजनेस की ऑनलाइन पहचान मजबूत करने का काम कर रही है।
IIM बेंगलुरु में क्यों कर रहे हैं पढ़ाई?
सफल बिजनेस होने के बावजूद जैद खान फिलहाल IIM बेंगलुरु में पढ़ाई भी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उन्हें महसूस हुआ कि बिजनेस तो अच्छा चल रहा है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में वह कुछ पीछे रह गए थे। इसलिए अब वह बिजनेस मैनेजमेंट और नई रणनीतियां सीख रहे हैं ताकि उन्हें अपने कारोबार में लागू कर सकें।
उनका मानना है कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती और एक सफल उद्यमी को हमेशा नई चीजें सीखते रहना चाहिए।
युवाओं के लिए क्या है सबसे बड़ी सीख?
जैद खान की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो पारंपरिक करियर से हटकर कुछ नया करना चाहते हैं। उनका सफर यह दिखाता है कि यदि सही दिशा, मेहनत और लगातार सीखने की आदत हो तो कम उम्र में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि सफलता रातोंरात नहीं मिलती, बल्कि छोटे-छोटे कदम, लगातार मेहनत और खुद पर विश्वास ही लंबे समय में बड़ा परिणाम देते हैं।


