Jantar Mantar Boy Abhinav Bisht: NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शन ने कई नए चेहरों को सोशल मीडिया पर रातों-रात लोकप्रिय बना दिया। इन्हीं में से एक नाम है अभिनव बिष्ट, जो प्रदर्शन के दौरान लगातार लाइव अपडेट और छोटे-छोटे वीडियो शेयर कर रहे थे। अब उनके एक वायरल वीडियो और तेजी से बढ़े सोशल मीडिया फॉलोअर्स को लेकर इंटरनेट पर नई बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि क्या आंदोलन के दौरान कुछ कंटेंट क्रिएटर्स को सबसे ज्यादा फायदा मिला?
RAF जवानों के पीछे बनाया वीडियो हुआ सुपरहिट
This guy had barely 5K followers on Insta before Jantar protest. Now he has over 750k followers, just by making cringe reels in GenZ protest.
Only people who actually benefited from that protest are clout chaser social media influencers and CJP leaders who got massive funding. pic.twitter.com/It6uzcFNlF
— Bheem 🇨🇭 (@TiredBhiim) July 28, 2026 प्रदर्शन के दौरान अभिनव बिष्ट ने टिकटॉक स्टाइल में कई छोटे वीडियो और रील्स बनाई, जिन्हें युवाओं ने काफी पसंद किया। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो की हुई जिसमें वह अपने दोस्तों के साथ RAF के जवानों के पीछे खड़े होकर रील बनाते नजर आए।
दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो को 16 करोड़ से अधिक बार देखा गया, जबकि इसे 65 लाख से ज्यादा लाइक्स और 1.34 लाख से अधिक कमेंट्स मिले। वीडियो वायरल होने के बाद अभिनव बिष्ट का नाम सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड करने लगा और उनके फॉलोअर्स की संख्या भी लगातार बढ़ती गई।
5 हजार से 8 लाख फॉलोअर्स पहुंचने का दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर कई यूजर्स का दावा है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले अभिनव बिष्ट के इंस्टाग्राम पर करीब 5,000 फॉलोअर्स थे। वहीं प्रदर्शन के बाद यह संख्या बढ़कर 8 लाख से अधिक पहुंच गई।
हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन्हीं दावों को लेकर व्यापक चर्चा जारी है।
नया मोबाइल खरीदने वाला वीडियो भी हुआ वायरल
इसी बीच अभिनव बिष्ट का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह कंटेंट वायरल होने के बाद नया मोबाइल फोन खरीदते नजर आए। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई।
कुछ यूजर्स का कहना है कि वायरल कंटेंट और बढ़ते फॉलोअर्स के कारण कुछ क्रिएटर्स को आर्थिक और सोशल मीडिया स्तर पर बड़ा फायदा मिला, जबकि आंदोलन का मूल मुद्दा पीछे छूट गया।
X पर यूजर ने लगाए गंभीर आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यूजर सुनैना होली ने पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल कई कंटेंट क्रिएटर्स का उद्देश्य छात्रों के मुद्दे को उठाने से ज्यादा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को लोकप्रिय बनाना था।
उन्होंने लिखा कि कई लोगों ने CJP प्रदर्शन में लाइक्स, व्यूज़, शेयर और फॉलोअर्स बढ़ाने के मकसद से हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि अभिनव बिष्ट के फॉलोअर्स प्रदर्शन के दौरान तेजी से बढ़े और उनकी रील्स को करोड़ों व्यूज़ मिले, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी हो सकता है।
सुनैना होली ने यह भी आरोप लगाया कि अभिनव बिष्ट का शिक्षा या छात्र आंदोलनों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और वह मुख्य रूप से सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर हैं।
सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटे लोग
इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स की राय बंटी हुई है। एक वर्ग का कहना है कि यदि किसी कंटेंट क्रिएटर ने मौके से वीडियो बनाकर लोगों तक जानकारी पहुंचाई और उसके कारण वह लोकप्रिय हुआ तो इसमें गलत कुछ नहीं है।
वहीं दूसरा वर्ग मानता है कि किसी गंभीर छात्र आंदोलन के दौरान वायरल कंटेंट बनाकर व्यक्तिगत लोकप्रियता हासिल करना नैतिक रूप से उचित नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि आंदोलन का फोकस छात्रों की मांगों पर होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया प्रसिद्धि पर।
फिलहाल, अभिनव बिष्ट की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर जारी यह बहस बताती है कि डिजिटल दौर में किसी भी बड़े आंदोलन के साथ कंटेंट क्रिएशन, वायरलिटी और व्यक्तिगत ब्रांडिंग को लेकर नए सवाल लगातार उठ रहे हैं।


