Panipat Hospital Negligence News: हरियाणा के पानीपत में एक निजी अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। सड़क हादसे में पैर का फ्रैक्चर होने के बाद भर्ती कराई गई महिला के परिजनों का आरोप है कि उनकी अनुमति के बिना डॉक्टरों ने महिला के दिल में स्टेंट डाल दिया। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं अस्पताल की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
फ्रैक्चर के इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थीं महिला
🚨 Haryana Woman Dies After Hospital Allegedly Performs Heart Surgery Instead of Treating Broken Leg. pic.twitter.com/UGZPaXdBRk
— Gems (@gemsofbabus_) July 28, 2026 हरियाणा के पानीपत में इलाज के दौरान हुई एक महिला की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई को सड़क हादसे में घायल हुई गुड्डी देवी के पैर की हड्डी टूट गई थी। उन्हें इलाज के लिए जीटी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का कहना है कि महिला को केवल फ्रैक्चर के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही पैर का ऑपरेशन किया जाएगा। लेकिन अगले ही दिन अस्पताल में जो हुआ, उसने पूरे परिवार को हैरान कर दिया।
परिजनों का आरोप- बिना अनुमति दिल में डाल दिया स्टेंट
महिला के बेटे कुलदीप ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि अस्पताल ने परिवार को कोई जानकारी दिए बिना उनकी मां के दिल में स्टेंट डाल दिया। उनका कहना है कि न तो डॉक्टरों ने किसी गंभीर हृदय रोग की जानकारी दी और न ही इस प्रक्रिया के लिए परिवार की लिखित या मौखिक सहमति ली।
परिवार का यह भी आरोप है कि स्टेंट लगाने से जुड़े सहमति पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। उनका कहना है कि यदि वास्तव में हृदय संबंधी कोई गंभीर समस्या थी तो डॉक्टरों को पहले परिवार को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
इलाज के दौरान महिला की हुई मौत
स्टेंट डालने के बाद इलाज के दौरान गुड्डी देवी की मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही, बिना जरूरत चिकित्सा प्रक्रिया अपनाने और मरीज की जान जोखिम में डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि महिला की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उनका आरोप है कि सवाल पूछने पर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई और शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई न होने की बात कही गई।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
मामले की शिकायत मिलने के बाद पानीपत पुलिस ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने महिला की मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए हैं।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि इलाज के दौरान किसी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही हुई या नहीं, स्टेंट लगाने की चिकित्सकीय आवश्यकता थी या नहीं और क्या प्रक्रिया मरीज एवं परिजनों की सहमति के अनुरूप अपनाई गई थी।
सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
एक यूजर ने लिखा, “करप्शन खून में है, इसलिए कोई प्रोटेस्ट असली समस्या का समाधान नहीं करेगा।”
दूसरे यूजर ने कहा, “अगर यह मामला सही है तो अस्पताल और डॉक्टर का नाम सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
एक अन्य यूजर ने खबर में उपलब्ध जानकारी पर सवाल उठाते हुए लिखा, “अस्पताल का नाम, डॉक्टर का नाम और पूरी मेडिकल रिपोर्ट जैसी अहम जानकारियां सामने आनी चाहिए। तभी पता चलेगा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।”
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और पुलिस जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि महिला की मौत की असली वजह क्या थी और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।


