नई दिल्ली: मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) के संस्थापक और अरबपति कारोबारी पावेल डुरोव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने उन पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को नहीं हटाने का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी करने का दावा किया है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब डुरोव पहले से ही फ्रांस में कानूनी जांच का सामना कर रहे हैं।
रूस ने क्यों जारी किया गिरफ्तारी वारंट?
एफएसबी के अनुसार, टेलीग्राम पर मौजूद कुछ चैनलों और कंटेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर रूस के भीतर आतंकवादी गतिविधियों, तोड़फोड़, साइबर धोखाधड़ी और हिंसक घटनाओं की योजना बनाने तथा उनके समन्वय के लिए किया जा रहा था।
रूसी एजेंसी का आरोप है कि टेलीग्राम ने ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। इसी आधार पर पावेल डुरोव के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक न तो डुरोव और न ही टेलीग्राम की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
63 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति, फिर भी नहीं खरीदा अपना घर
फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर सूची के अनुसार पावेल डुरोव की कुल संपत्ति करीब 6.6 बिलियन डॉलर (लगभग ₹63 हजार करोड़) है।
दिलचस्प बात यह है कि इतनी बड़ी संपत्ति होने के बावजूद डुरोव के पास न तो अपना घर है, न कोई जमीन और न ही लग्जरी कारों का बड़ा कलेक्शन। वह किराए के घरों में रहना पसंद करते हैं और खुद को “मोबाइल लाइफस्टाइल” अपनाने वाला व्यक्ति बताते हैं। वर्तमान में वह दुबई में किराए के एक आलीशान विला में रहते हैं।
2013 में शुरू किया था टेलीग्राम
पावेल डुरोव ने वर्ष 2013 में टेलीग्राम की शुरुआत की थी। आज यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है, जिसके 1 अरब से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सूचना साझा करने और संवाद के लिए टेलीग्राम का व्यापक उपयोग हुआ। यही वजह है कि यह प्लेटफॉर्म कई देशों की सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में भी रहा है।
रूस से विवादों का पुराना रिश्ता
टेलीग्राम लॉन्च करने से पहले डुरोव ने रूस की लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट वीकॉन्टाक्टे (VKontakte) की स्थापना की थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी सुरक्षा एजेंसियों को यूजर्स का एन्क्रिप्टेड डेटा उपलब्ध कराने से इनकार करने के बाद उन्होंने वर्ष 2014 में कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेच दी और रूस छोड़ दिया। बाद में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और फ्रांस की नागरिकता भी हासिल कर ली।
रूस ने वर्ष 2018 से 2021 के बीच टेलीग्राम पर प्रतिबंध भी लगाया था, हालांकि बाद में यह प्रतिबंध हटा लिया गया।
फ्रांस में भी चल रही है जांच
रूस के अलावा फ्रांस में भी पावेल डुरोव अलग कानूनी जांच का सामना कर रहे हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों का आरोप है कि टेलीग्राम ने अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
हालांकि, पावेल डुरोव इन सभी आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
रूस का कहना है कि टेलीग्राम पर मौजूद कुछ कंटेंट का इस्तेमाल आतंकवादी और उग्रवादी संगठनों द्वारा किया जा रहा था, जबकि डुरोव लंबे समय से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और यूजर्स की गोपनीयता का समर्थन करते रहे हैं। ऐसे में यह मामला केवल एक कारोबारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी, एन्क्रिप्शन और सरकारी नियंत्रण के बीच बढ़ते टकराव का भी प्रतीक माना जा रहा है।


