Infosys Share Price: आईटी सेक्टर में लौटती खरीदारी के बीच इंफोसिस के शेयरों ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में शानदार तेजी दर्ज की है। महज तीन दिनों में शेयर करीब 11% चढ़ चुका है। वैश्विक निवेशकों का रुझान अब महंगे एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों से हटकर आकर्षक वैल्यूएशन वाले आईटी स्टॉक्स की ओर बढ़ता दिख रहा है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि मौजूदा तेजी के बाद इंफोसिस के शेयर खरीदने चाहिए, होल्ड करने चाहिए या मुनाफावसूली करनी चाहिए।
लगातार तीसरे दिन दौड़ा इंफोसिस का शेयर
29 जुलाई को इंफोसिस का शेयर 4.32% की तेजी के साथ ₹1,153.50 पर बंद हुआ। पिछले तीन कारोबारी दिनों में इसमें करीब 11% की उछाल दर्ज की गई है। लंबे समय तक दबाव में रहने के बाद आईटी सेक्टर में आई इस तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ाया है।
हालांकि साल 2026 में अब तक इंफोसिस का शेयर 29% से अधिक टूट चुका है, जबकि पिछले एक साल में इसमें करीब 24% की गिरावट दर्ज हुई है। ऐसे में मौजूदा रिकवरी को निवेशक नए ट्रेंड की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।
एआई स्टॉक्स से निकलकर आईटी शेयरों में आ रहा पैसा
हाल के दिनों में वैश्विक बाजारों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली है। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई गिरावट में भी चिप कंपनियों की बड़ी भूमिका रही, जबकि अमेरिकी चिप कंपनियां भी दबाव में रहीं।
दूसरी ओर, अपेक्षाकृत सस्ते वैल्यूएशन पर उपलब्ध भारतीय आईटी कंपनियों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। इसी वजह से 29 जुलाई के कारोबार में भारतीय बाजार में सबसे मजबूत प्रदर्शन निफ्टी आईटी इंडेक्स का रहा।
एआई से भारतीय आईटी कंपनियों को मिलेगा बड़ा फायदा
Enrich Money के संस्थापक और सीईओ पोनमुदी आर का मानना है कि निवेशक अब अधिक वैल्यूएशन वाले एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर आईटी कंपनियों में निवेश कर रहे हैं।
उनके अनुसार भारतीय आईटी कंपनियां खुद एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के बजाय AI Implementation Partners की भूमिका निभा रही हैं। इसका फायदा यह है कि उन्हें भारी पूंजी निवेश किए बिना ही एआई टेक्नोलॉजी से बेहतर कमाई का अवसर मिल सकता है।
क्या आईटी शेयरों ने बना लिया है बॉटम?
पोनमुदी आर का कहना है कि करीब 35-40% की गिरावट के बाद अधिकांश आईटी शेयर मीडियम टर्म बॉटम बना चुके हैं। मौजूदा तेजी के पीछे कई वजहें हैं—
- आकर्षक वैल्यूएशन पर खरीदारी
- संस्थागत निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी
- शॉर्ट कवरिंग
हालांकि उनका मानना है कि तेज उछाल के बाद कुछ समय का कंसॉलिडेशन बाजार के लिए बेहतर और स्वस्थ रहेगा।
हाई वैल्यूएशन का जोखिम कम
Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियों में अभी शुद्ध एआई बिजनेस मॉडल नहीं है। यही कारण है कि इन कंपनियों को अत्यधिक वैल्यूएशन का जोखिम नहीं झेलना पड़ा।
उनका मानना है कि आने वाले समय में आईटी सेक्टर की दिशा काफी हद तक अमेरिका और पश्चिमी देशों की आर्थिक स्थिति, कॉरपोरेट आईटी खर्च और वैश्विक मांग पर निर्भर करेगी।
एक महीने में शानदार रिकवरी
हालांकि सालभर के प्रदर्शन में इंफोसिस अभी भी कमजोर दिखता है, लेकिन पिछले एक महीने में तस्वीर तेजी से बदली है।
- इस साल अब तक शेयर में करीब 29% गिरावट
- पिछले 1 साल में करीब 24% कमजोरी
- पिछले 1 महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स 14.29% चढ़ा
यह संकेत देता है कि निवेशकों की धारणा धीरे-धीरे आईटी सेक्टर के पक्ष में बदल रही है।
खरीदें, होल्ड करें या बेचें?
मौजूदा संकेतों के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी सेक्टर में रिकवरी की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन हालिया तेज उछाल के बाद निकट अवधि में कुछ कंसॉलिडेशन देखने को मिल सकता है।
- लॉन्ग टर्म निवेशक मौजूदा होल्डिंग बनाए रख सकते हैं।
- नई खरीदारी चरणबद्ध (स्टैगर्ड) तरीके से करना अधिक सुरक्षित माना जा रहा है।
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें।
यदि वैश्विक आर्थिक माहौल बेहतर रहता है और आईटी कंपनियों को एआई आधारित प्रोजेक्ट्स से नए ऑर्डर मिलते हैं, तो इंफोसिस सहित पूरे आईटी सेक्टर में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।


