नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए राहत देने वाला एक अहम फैसला सामने आया है। केरल के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (District Consumer Commission) ने एक इंस्टाग्राम-आधारित बुटीक को ग्राहक को ₹36,880 का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से कारोबार करने वाले विक्रेता भी Consumer Protection Act, 2019 के तहत पूरी तरह जवाबदेह हैं और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी या सेवा में कमी करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह फैसला उन लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कपड़े, ज्वेलरी और अन्य उत्पाद खरीदते हैं।
शादी के लिए ऑर्डर की थीं दो ड्रेस
मामले के अनुसार शिकायतकर्ता महिला ने फरवरी 2025 में इंस्टाग्राम पर एक बुटीक की स्टोरी देखने के बाद शादी में पहनने के लिए दो ड्रेस ऑर्डर की थीं। दोनों ड्रेस की कुल कीमत ₹3,760 थी, जिसका पूरा भुगतान महिला ने Google Pay के जरिए पहले ही कर दिया था।
बुटीक ने भरोसा दिलाया था कि दोनों ड्रेस अप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताह तक डिलीवर कर दी जाएंगी, ताकि महिला अपने रिश्तेदार की शादी में उन्हें पहन सके।
बार-बार वादा, फिर भी समय पर नहीं पहुंची ड्रेस
बाद में बुटीक ने डिलीवरी में देरी का हवाला देते हुए ड्रेस मई के पहले सप्ताह तक भेजने का आश्वासन दिया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी कोई ड्रेस नहीं पहुंची।
काफी इंतजार के बाद 14 मई को केवल एक ड्रेस भेजी गई, जबकि दूसरी ड्रेस कभी डिलीवर ही नहीं की गई। महिला लगातार बुटीक से संपर्क करती रही, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
रिफंड का वादा भी नहीं निभाया
महिला ने शिकायत में बताया कि दूसरी ड्रेस नहीं भेजे जाने के बाद बुटीक ने उसके फोन उठाने बंद कर दिए और व्हाट्सएप संदेशों का भी जवाब देना बंद कर दिया।
बुटीक ने दूसरी ड्रेस की आधी राशि 10 जून तक लौटाने का वादा किया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं किया। शिकायत के अनुसार, व्हाट्सएप कॉल के दौरान बुटीक की ओर से अभद्र व्यवहार किया गया और यहां तक कहा गया कि “जो करना है कर लो, कोर्ट चली जाओ।”
शादी नजदीक होने के कारण महिला को मजबूरी में बाजार से अधिक कीमत देकर दूसरी ड्रेस खरीदनी पड़ी।
उपभोक्ता आयोग ने क्या कहा?
मामले में बुटीक को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन नोटिस बिना प्राप्त किए वापस लौट आया। बुटीक की ओर से आयोग के समक्ष कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।
आयोग ने महिला द्वारा प्रस्तुत Google Pay भुगतान का रिकॉर्ड, WhatsApp चैट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर फैसला सुनाया।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि—
- इंस्टाग्राम या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली खरीदारी भी Consumer Protection Act, 2019 के दायरे में आती है।
- ग्राहक से पैसा लेने के बाद सामान न भेजना या रिफंड देने से इनकार करना सेवा में कमी (Deficiency in Service) और अनुचित व्यापारिक व्यवहार (Unfair Trade Practice) है।
- विक्रेता केवल इसलिए जिम्मेदारी से बच नहीं सकता क्योंकि उसका कारोबार सोशल मीडिया के जरिए संचालित होता है।
बुटीक पर लगा ₹36,880 का जुर्माना
उपभोक्ता आयोग ने बुटीक को निम्नलिखित भुगतान करने का आदेश दिया—
| मद | राशि |
|---|---|
| दूसरी ड्रेस की कीमत वापस | ₹1,880 |
| मानसिक पीड़ा और असुविधा का मुआवजा | ₹25,000 |
| मुकदमे का खर्च | ₹10,000 |
| कुल भुगतान | ₹36,880 |
आयोग ने निर्देश दिया कि यह राशि 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को अदा की जाए। यदि तय समय में भुगतान नहीं किया जाता है, तो पूरी राशि पर 9% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
सोशल मीडिया से खरीदारी करने वालों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
आज बड़ी संख्या में लोग इंस्टाग्राम और फेसबुक पर मौजूद छोटे-बड़े बुटीक से कपड़े और अन्य सामान खरीदते हैं। कई बार ग्राहक बिना किसी वेबसाइट या सुरक्षित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के सीधे ऑनलाइन भुगतान कर देते हैं। ऐसे मामलों में धोखाधड़ी या डिलीवरी में देरी होने पर ग्राहक खुद को असहाय महसूस करते हैं।
यह फैसला स्पष्ट करता है कि सोशल मीडिया पर कारोबार करने वाले विक्रेता भी कानून से बाहर नहीं हैं। यदि वे भुगतान लेने के बाद सामान नहीं भेजते, रिफंड नहीं करते या ग्राहक को गुमराह करते हैं, तो उनके खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर कानूनी राहत प्राप्त की जा सकती है।
ऑनलाइन शॉपिंग करते समय रखें ये सावधानियां
- केवल भरोसेमंद और सत्यापित विक्रेताओं से ही खरीदारी करें।
- भुगतान करने से पहले विक्रेता की रेटिंग और ग्राहक समीक्षाएं जरूर देखें।
- ऑर्डर, भुगतान और चैट का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
- डिलीवरी और रिफंड की शर्तें पहले पढ़ लें।
- सामान न मिलने या धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करें।


