Gold Silver Price Today: अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की 29 जुलाई 2026 की अहम बैठक से पहले सोने और चांदी के बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों की नजर अब पूरी तरह फेड के ब्याज दर (Interest Rate) फैसले पर टिकी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फेड के फैसले के बाद गोल्ड और सिल्वर में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए सही रणनीति अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।
Highlights
- फेड बैठक से पहले सोने-चांदी बाजार में बढ़ी अस्थिरता।
- एक्सपर्ट ने फेड फैसले के बाद ही नई खरीदारी की सलाह दी।
- ब्याज दरों में बदलाव के अनुसार गोल्ड-सिल्वर की दिशा तय होगी।
- MCX और COMEX के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल जारी।
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने को मिल रहा मजबूत सपोर्ट।
Fed Meeting से पहले क्यों बढ़ी बेचैनी?
RMoney की रिसर्च मैनेजर और कमोडिटी एक्सपर्ट मोमिता सामंता के अनुसार, फेडरल रिजर्व की बैठकें हमेशा से सोने और चांदी के लिए सबसे बड़े ट्रिगर रही हैं। मई 2026 में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श द्वारा संभावित तीन रेट हाइक के संकेत के बाद सोने में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। यही वजह है कि इस बार भी निवेशक पहले से ही अपनी पोजीशन कम कर रहे हैं ताकि बैठक के बाद आने वाली तेज वोलैटिलिटी से बच सकें।
फेड के फैसले के बाद क्या हो सकते हैं दो बड़े परिदृश्य?
1. ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
अगर फेड ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखता है, जिसकी संभावना करीब 67% मानी जा रही है, तो सोने और चांदी में शुरुआती तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, पहले से बनी उम्मीदों के कारण मुनाफावसूली भी बाजार पर दबाव डाल सकती है।
2. 25 बेसिस पॉइंट की रेट हाइक
यदि फेड 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करता है, तो कीमती धातुओं में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार ऐसी स्थिति में:
- सोना COMEX पर $3,980 तक फिसल सकता है।
- चांदी $55 के स्तर तक आ सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
मोमिता सामंता का कहना है कि आम निवेशकों को “Sell the News Trap” से बचना चाहिए। उनका सुझाव है कि फेड के फैसले से पहले नई खरीदारी करने के बजाय 24 से 48 घंटे इंतजार करें। फैसले के बाद बाजार की दिशा स्पष्ट होने पर ही नई पोजीशन बनाना अधिक सुरक्षित रहेगा।
उनके मुताबिक एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग और तेज वोलैटिलिटी के कारण खासकर चांदी में कुछ ही सेकंड में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।
बदल रहा है गोल्ड का ट्रेडिंग पैटर्न
एक्सपर्ट के अनुसार, पहले सोने और बॉन्ड यील्ड के बीच उल्टा संबंध माना जाता था, लेकिन अब यह समीकरण बदलता दिखाई दे रहा है। ऊंची ब्याज दरों और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बावजूद सोना मजबूत बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी है।
साथ ही, अब गोल्ड का इक्विटी बाजार से भी पहले जैसा सीधा संबंध नहीं रह गया है। यही कारण है कि निवेशक इसे एक स्वतंत्र हेज एसेट के रूप में देख रहे हैं।
MCX और COMEX पर सोने के अहम लेवल
MCX Gold
- सपोर्ट: ₹1,40,500
- इसके नीचे गिरने पर लक्ष्य: ₹1,37,550
- तेजी के लिए जरूरी स्तर: ₹1,45,500
- इसके ऊपर संभावित लक्ष्य: ₹1,48,000 से ₹1,50,000
COMEX Gold
- सपोर्ट: $4,020
- इसके नीचे लक्ष्य: $3,980-$3,960
- तेजी के लिए: $4,080-$4,100
- बड़ी तेजी: $4,350 के ऊपर
MCX और COMEX पर चांदी के अहम लेवल
MCX Silver
- प्रमुख सपोर्ट: ₹2,19,000
- इसके नीचे लक्ष्य: ₹2,14,000-₹2,10,000
- लॉन्ग टर्म सपोर्ट: ₹1,98,000
- मजबूत तेजी: ₹2,37,000 के ऊपर
COMEX Silver
- प्रमुख सपोर्ट: $55
- ऊपर रहने पर अगला लक्ष्य: $57
- $61-$64 के ऊपर बड़ी तेजी की संभावना, जहां से $70 तक का रास्ता खुल सकता है।
- $55 टूटने पर कीमत $48 तक फिसल सकती है।
क्या करें निवेशक?
फेड की बैठक के बाद बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में जल्दबाजी में खरीदारी या बिक्री करने के बजाय बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है। जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, वे सपोर्ट लेवल पर नजर रखते हुए चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपना सकते हैं, जबकि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को जोखिम प्रबंधन (Risk Management) का विशेष ध्यान रखना चाहिए।


