नई दिल्ली: सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि सही सोच, बेहतर आदतों और लगातार सीखने की इच्छा से मिलती है। यही वजह है कि दुनिया के कई सफल उद्यमी और लीडर्स किताबों को अपनी सफलता का सबसे बड़ा साथी मानते हैं। भारत के जाने-माने एंटरप्रेन्योर, मोटिवेशनल स्पीकर, कंटेंट क्रिएटर और ‘Do Epic Shit’ के बेस्टसेलिंग लेखक अंकुर वारिकू भी इसी विचार को मानते हैं।
हाल ही में अंकुर वारिकू ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में उन 5 किताबों के बारे में बताया, जिन्होंने उनके सोचने का तरीका बदला, बेहतर फैसले लेने में मदद की और उनके करियर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। उनका कहना है कि इन किताबों ने उन्हें केवल बिजनेस नहीं, बल्कि जीवन को समझने का भी नया नजरिया दिया।
आज के दौर में जहां लोग सफलता के शॉर्टकट तलाशते हैं, वहीं वारिकू का मानना है कि अच्छी किताबें इंसान के व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता और अनुशासन को मजबूत बनाती हैं। आइए जानते हैं वे कौन-सी पांच किताबें हैं, जिन्हें अंकुर वारिकू अपनी सफलता का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं।
1. The 7 Habits of Highly Effective People – स्टीफन आर. कोवे
यह दुनिया की सबसे लोकप्रिय सेल्फ-हेल्प किताबों में से एक मानी जाती है। अंकुर वारिकू के मुताबिक, इस किताब ने उन्हें यह सिखाया कि हर परिस्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले सोचने की आदत विकसित करनी चाहिए।
किताब में सात ऐसी आदतों के बारे में बताया गया है जो किसी भी व्यक्ति को प्रभावशाली और सफल बना सकती हैं। इसमें चरित्र, ईमानदारी, जिम्मेदारी, आत्म-अनुशासन और दीर्घकालिक सोच पर विशेष जोर दिया गया है।
इस किताब से मिलने वाली प्रमुख सीख
- प्रतिक्रिया देने से पहले सोचें।
- अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रखें।
- चरित्र और ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी है।
- दूसरों के साथ बेहतर संबंध बनाना सफलता की कुंजी है।
2. The Hard Thing About Hard Things – बेन होरोविट्ज
अगर आप स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं या बिजनेस चला रहे हैं, तो यह किताब आपके लिए बेहद उपयोगी हो सकती है।
अंकुर वारिकू बताते हैं कि इस किताब ने उन्हें समझाया कि स्टार्टअप की दुनिया केवल सफलता और ग्लैमर तक सीमित नहीं होती। असली चुनौती मुश्किल फैसले लेना, कर्मचारियों की छंटनी करना, आर्थिक संकट से निपटना और अनिश्चित परिस्थितियों में नेतृत्व करना है।
लेखक बेन होरोविट्ज ने अपने अनुभवों के आधार पर बिजनेस की उन वास्तविक चुनौतियों को साझा किया है, जिनके बारे में अक्सर बिजनेस स्कूलों में नहीं पढ़ाया जाता।
इस किताब की खास बातें
- कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व करना।
- स्टार्टअप की वास्तविक चुनौतियां।
- मुश्किल फैसले लेने का साहस।
- संकट के समय टीम को संभालने की कला।
3. Thinking, Fast and Slow – डैनियल काहनेमैन
नोबेल पुरस्कार विजेता डैनियल काहनेमैन की यह किताब मानव मस्तिष्क के काम करने के तरीके को बेहद सरल भाषा में समझाती है।
अंकुर वारिकू के अनुसार, इस किताब ने उन्हें यह समझने में मदद की कि हमारा दिमाग दो अलग-अलग सिस्टम के जरिए फैसले लेता है।
- पहला सिस्टम तेज, भावनात्मक और सहज होता है।
- दूसरा सिस्टम धीमा, विश्लेषणात्मक और तार्किक होता है।
किताब बताती है कि कैसे कई बार हमारे पूर्वाग्रह (Biases) और मानसिक गलतियां हमारे निर्णयों को प्रभावित करती हैं।
किताब से मिलने वाली सीख
- हर निर्णय भावनाओं से नहीं लेना चाहिए।
- तार्किक सोच विकसित करना जरूरी है।
- मानसिक पूर्वाग्रहों को पहचानना सीखें।
- बेहतर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
4. Atomic Habits – जेम्स क्लियर
दुनियाभर में करोड़ों प्रतियां बेच चुकी यह किताब आदतों की ताकत को बेहद प्रभावशाली तरीके से समझाती है।
अंकुर वारिकू का कहना है कि इस किताब ने उन्हें सिखाया कि जीवन बदलने के लिए बड़े बदलाव नहीं, बल्कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें काफी होती हैं।
जेम्स क्लियर बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति रोज केवल 1% सुधार करता है, तो समय के साथ उसका असर असाधारण परिणामों के रूप में सामने आता है। किताब का सबसे बड़ा संदेश है कि लक्ष्य महत्वपूर्ण हैं, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचाने वाले सिस्टम उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।
Atomic Habits की मुख्य सीख
- रोज छोटे सुधार करें।
- आदतें भविष्य तय करती हैं।
- लक्ष्य से ज्यादा सिस्टम पर ध्यान दें।
- निरंतरता ही सफलता की असली कुंजी है।
5. Poor Charlie’s Almanack – चार्ली मुंगर
दिग्गज निवेशक और वॉरेन बफेट के लंबे समय तक सहयोगी रहे चार्ली मुंगर की यह किताब निवेश, निर्णय क्षमता और जीवन दर्शन का शानदार मिश्रण है।
अंकुर वारिकू बताते हैं कि इस किताब से उन्होंने मेंटल मॉडल्स (Mental Models) की अवधारणा सीखी। यानी किसी भी समस्या को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखने और भावनाओं के बजाय तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की कला।
किताब अनुशासन, लगातार सीखते रहने और दीर्घकालिक सोच की अहमियत को भी विस्तार से समझाती है।
किताब की प्रमुख सीख
- फैसले भावनाओं से नहीं, तथ्यों से लें।
- अलग-अलग नजरियों से समस्याओं को समझें।
- जीवनभर सीखते रहें।
- अनुशासन और धैर्य सफलता की नींव हैं।
आखिर क्यों खास हैं ये पांचों किताबें?
इन पांचों किताबों का विषय अलग-अलग है, लेकिन इनका मूल संदेश एक ही है—बेहतर सोच, बेहतर आदतें और बेहतर निर्णय ही लंबे समय की सफलता का आधार बनते हैं।
अंकुर वारिकू मानते हैं कि यदि कोई व्यक्ति अपने व्यक्तित्व, करियर या बिजनेस में सकारात्मक बदलाव लाना चाहता है, तो उसे लगातार सीखते रहने की आदत विकसित करनी चाहिए। अच्छी किताबें न केवल ज्ञान बढ़ाती हैं, बल्कि सोचने का तरीका भी बदल देती हैं।
आज के युवाओं, स्टार्टअप फाउंडर्स, प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए ये पांचों किताबें प्रेरणा और व्यावहारिक सीख का बेहतरीन स्रोत साबित हो सकती हैं।


