नई दिल्ली: अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा अब केवल टैरिफ और व्यापार तक सीमित नहीं रह गई है। दुनिया की हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम रेयर अर्थ (Rare Earth) को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। चीन ने अमेरिका को रेयर अर्थ मैग्नेट का निर्यात कम कर दिया है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन (EV), रक्षा उपकरण, सेमीकंडक्टर और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे कई अहम क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे समय में जब अमेरिका ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों से भी जूझ रहा है, चीन की यह रणनीति उसकी सप्लाई चेन के लिए बड़ी चुनौती बनती दिख रही है।
रेयर अर्थ इंडस्ट्री में चीन का दबदबा
चीन लंबे समय से वैश्विक रेयर अर्थ उद्योग का सबसे बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है। दुनिया में होने वाली रेयर अर्थ माइनिंग का लगभग दो-तिहाई हिस्सा चीन से आता है, जबकि इसकी रिफाइनिंग क्षमता 90% से अधिक मानी जाती है। यही कारण है कि दुनिया भर के इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा और ग्रीन एनर्जी सेक्टर चीन पर काफी हद तक निर्भर हैं।
साल 2024 में चीन ने लगभग 2.70 लाख मीट्रिक टन रेयर अर्थ का उत्पादन किया, जो वैश्विक उत्पादन का करीब 69 प्रतिशत था। इसके मुकाबले अमेरिका का उत्पादन लगभग 45,000 मीट्रिक टन और म्यांमार का 31,000 मीट्रिक टन रहा। अमेरिका की वैश्विक हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत और म्यांमार की 8 प्रतिशत है। ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड और नाइजीरिया जैसे देश भी उत्पादन करते हैं, लेकिन उनका योगदान चीन के मुकाबले काफी कम है।
अमेरिका को घटी रेयर अर्थ मैग्नेट की सप्लाई
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में अमेरिका को चीन से रेयर अर्थ मैग्नेट का औसत मासिक निर्यात 479 टन रहा। यह 2021 के बाद का सबसे निचला वार्षिक मासिक औसत माना जा रहा है।
इसके विपरीत, 2022 से 2024 के बीच यह औसत 586 टन प्रति माह था। यानी मौजूदा निर्यात पहले के मुकाबले लगभग 22 प्रतिशत कम हो गया है। यह गिरावट अमेरिकी उद्योगों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि इन मैग्नेट का उपयोग कई अत्याधुनिक तकनीकों में होता है।
किन उद्योगों पर पड़ सकता है असर?
रेयर अर्थ मैग्नेट आधुनिक उद्योगों की रीढ़ माने जाते हैं। इनका इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मोटर
- विंड टर्बाइन
- रोबोटिक्स और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन
- सेमीकंडक्टर उपकरण
- मिसाइल और रक्षा प्रणाली
- फाइटर जेट और सैन्य तकनीक
- मेडिकल उपकरण
- स्मार्टफोन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स
यदि इनकी आपूर्ति लगातार प्रभावित होती है तो अमेरिका के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की उत्पादन लागत बढ़ सकती है और कई कंपनियों को सप्लाई चेन बाधित होने का सामना करना पड़ सकता है।
चीन पर वादाखिलाफी का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत ट्रेड वॉर को कम करने की दिशा में चीन ने रेयर अर्थ मैग्नेट की सप्लाई जारी रखने का भरोसा दिया था।
हालांकि अब अमेरिका का आरोप है कि चीन उस प्रतिबद्धता के अनुरूप निर्यात नहीं कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान संकट के बीच अमेरिका की चुनौती
अमेरिका पहले से ही पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में यदि रेयर अर्थ जैसे रणनीतिक संसाधनों की सप्लाई प्रभावित होती है तो रक्षा उत्पादन, सैन्य उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक इंडस्ट्री पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अपनी रेयर अर्थ क्षमता का इस्तेमाल केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक हथियार के रूप में भी कर सकता है।
अमेरिका क्या कर रहा है?
चीन पर निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका पिछले कुछ वर्षों से घरेलू रेयर अर्थ उत्पादन बढ़ाने, नई खदानों के विकास और वैकल्पिक सप्लाई चेन तैयार करने पर काम कर रहा है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अन्य सहयोगी देशों के साथ साझेदारी भी मजबूत की जा रही है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल खनन बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। सबसे बड़ी चुनौती रेयर अर्थ की प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता विकसित करना है, जहां फिलहाल चीन की मजबूत पकड़ बनी हुई है।
आगे क्या?
यदि चीन रेयर अर्थ निर्यात पर सख्ती जारी रखता है तो अमेरिका की हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग और रक्षा उत्पादन पर इसका असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, यह स्थिति अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को वैकल्पिक सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम उठाने के लिए भी प्रेरित कर सकती है।
नोट: चीन द्वारा अमेरिका को रेयर अर्थ निर्यात में कमी की खबरें सामने आई हैं, लेकिन यह कहना कि “अमेरिका घुटनों पर आ जाएगा” या “इंडस्ट्री का इंजन पूरी तरह थम जाएगा” एक अनुमानात्मक दावा है। वास्तविक प्रभाव कई आर्थिक, रणनीतिक और आपूर्ति संबंधी कारकों पर निर्भर करेगा।


