नई दिल्ली: गुरुवार 23 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन कारोबार काफी उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है। सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 23,865 के स्तर पर 96.5 अंक (0.40%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि निफ्टी 50 अपने पिछले बंद स्तर 23,996.25 से नीचे खुल सकता है।
यह संकेत ऐसे समय आए हैं जब घरेलू बाजार लगातार तीन कारोबारी सत्रों से दबाव में हैं और निवेशकों की नजर वीकली एक्सपायरी के साथ-साथ वैश्विक संकेतों पर भी टिकी हुई है।
GIFT Nifty क्या बता रहा है?
GIFT Nifty की कमजोरी यह इशारा कर रही है कि गुरुवार को भारतीय बाजार की शुरुआत नकारात्मक रह सकती है। बुधवार को भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला था और बाजार प्रमुख सपोर्ट लेवल के नीचे फिसल गया।
- GIFT Nifty: 23,865 (-96.5 अंक)
- संभावित निफ्टी ओपनिंग: पिछले बंद स्तर से नीचे
- सेंसेक्स वीकली एक्सपायरी: बढ़ सकती है वोलैटिलिटी
ऐसे में एक्सपायरी डे पर बुल्स और बीयर्स के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिल सकता है।
बुधवार को क्यों टूटा बाजार?
बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
- सेंसेक्स 715.06 अंक (0.92%) गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 191.45 अंक (0.79%) टूटकर 23,996.25 पर बंद हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार बाजार पर तीन प्रमुख कारणों का दबाव रहा—
- कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी
- रुपये में कमजोरी
- बड़े शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग
इन वजहों से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है।
एशियाई बाजारों से मिला मिला-जुला संकेत
हालांकि भारतीय बाजार के लिए GIFT Nifty कमजोर संकेत दे रहा है, लेकिन एशियाई बाजारों में खरीदारी देखने को मिली।
- जापान के बाहर MSCI Asia Pacific Index करीब 1% मजबूत हुआ।
- दक्षिण कोरिया का Kospi 3% से अधिक चढ़ा।
- जापान का Nikkei लगभग 1% मजबूत रहा।
इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिकी टेक कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने की घोषणा रही, जिससे सेमीकंडक्टर कंपनियों में खरीदारी देखने को मिली।
अमेरिकी बाजार का प्रदर्शन
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार मिला-जुला बंद हुआ।
- Dow Jones: लगभग सपाट (-0.01%)
- S&P 500: -0.14%
- Nasdaq Composite: -0.57%
बड़ी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों और AI निवेश को लेकर निवेशकों में सतर्कता बनी रही, जिसका असर नैस्डैक पर सबसे ज्यादा देखने को मिला।
छह सप्ताह की ऊंचाई पर पहुंचा कच्चा तेल
वैश्विक बाजारों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतें हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और लाल सागर में तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंताओं के चलते ब्रेंट क्रूड छह सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
- Brent Crude: करीब 96 डॉलर प्रति बैरल
- WTI Crude: 88.27 डॉलर प्रति बैरल
भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई, चालू खाते के घाटे (CAD) और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव बढ़ा सकता है।
निफ्टी पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा के अनुसार निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट के नीचे फिसल चुका है।
उनका मानना है कि यदि कमजोरी जारी रहती है तो इंडेक्स 23,650 से 23,800 के दायरे का दोबारा परीक्षण कर सकता है।
वहीं किसी भी रिकवरी की स्थिति में 24,150 से 24,300 का क्षेत्र मजबूत रेजिस्टेंस रहेगा।
बैंक निफ्टी पर नजर रखें ये लेवल
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार बैंक निफ्टी फिलहाल कमजोर तकनीकी स्थिति में है।
महत्वपूर्ण सपोर्ट
- 57,000
- 56,800–56,700
रेजिस्टेंस
- 57,500–57,600
- इसके ऊपर 57,900–58,000
यदि बैंक निफ्टी 57,000 के नीचे टिकता है तो बिकवाली और तेज हो सकती है। वहीं 58,000 के ऊपर मजबूती मिलने पर तेजी लौटने की संभावना बढ़ेगी।
आज किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
- GIFT Nifty की शुरुआती चाल
- सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी
- कच्चे तेल की कीमतें
- मिडिल ईस्ट का भू-राजनीतिक तनाव
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां
- निफ्टी का 24,000 और बैंक निफ्टी का 57,000 स्तर
निष्कर्ष
सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ सकता है। GIFT Nifty फिलहाल कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है, जबकि वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों के लिए मिश्रित तस्वीर पेश कर रही हैं। ऐसे में निवेशकों को प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर विशेष नजर रखते हुए सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


