भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र गिरावट देखने को मिली। हालांकि बड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी रही, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने मजबूती दिखाते हुए बाजार को कुछ सहारा दिया। अब निवेशकों की नजर 22 जुलाई के कारोबार पर है, जहां पहली तिमाही (Q1) के नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार सीमित दायरे (Range Bound) में रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी।
लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार
21 जुलाई के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31% टूटकर 77,470.11 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 50.80 अंक (0.21%) की गिरावट के साथ 24,187.70 के स्तर पर बंद हुआ।
मार्केट ब्रेड्थ संतुलित रही। बीएसई पर करीब 2,087 शेयरों में तेजी, 1,942 शेयरों में गिरावट और 180 शेयर बिना बदलाव के बंद हुए।
इन शेयरों ने बढ़ाया और घटाया बाजार का मूड
निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल रहे—
- HDFC Bank
- TCS
- Reliance Industries
- SBI
- Dr. Reddy’s Laboratories
वहीं बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयर रहे—
- Shriram Finance
- Bajaj Finserv
- HCL Technologies
- Eicher Motors
- UltraTech Cement
दिलचस्प बात यह रही कि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% की बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे व्यापक बाजार में खरीदारी बनी रही।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
गिरावट वाले सेक्टर
- FMCG
- IT
- Oil & Gas
- PSU Bank
तेजी वाले सेक्टर
- Auto
- Metal
- Realty
ऑटो, मेटल और रियल्टी शेयरों में 0.6% से 1% तक की मजबूती दर्ज की गई।
मिडकैप शेयरों पर क्यों बनी हुई है उम्मीद?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों और मांग आधारित बिजनेस अपडेट्स की वजह से मिडकैप कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मिडकैप शेयरों का वैल्यूएशन अब काफी महंगा हो चुका है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। उनका मानना है कि यदि इनपुट कॉस्ट नियंत्रित रहती है तो वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक इन कंपनियों की कारोबारी स्थिति मजबूत रह सकती है।
22 जुलाई के लिए निफ्टी आउटलुक
SBI सिक्योरिटीज की राय
SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के अनुसार निफ्टी लगातार दूसरे दिन बेहद सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। डेली चार्ट पर बनी छोटी बॉडी वाली कैंडल बाजार में अनिश्चितता का संकेत दे रही है।
महत्वपूर्ण स्तर
- रेजिस्टेंस: 24,270–24,300
- अगला लक्ष्य: 24,450
- सपोर्ट: 24,100–24,050 (20-Day EMA)
यदि निफ्टी 24,300 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में शॉर्ट टर्म तेजी देखने को मिल सकती है।
क्या रहेगा बाजार का अगला ट्रिगर?
बोनान्जा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि फिलहाल बाजार रेंज बाउंड रह सकता है। Q1 रिजल्ट, मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेंगी।
वहीं, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका के अनुसार निम्नलिखित फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे—
- पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव
- ब्रेंट क्रूड की चाल
- रुपये की कमजोरी
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली
- वैश्विक बाजारों के संकेत
हालांकि अच्छी तिमाही नतीजों वाले शेयरों में स्टॉक-विशिष्ट तेजी देखने को मिल सकती है।
निफ्टी के लिए बड़ी ट्रेडिंग रेंज
ग्लोब कैपिटल मार्केट के विपिन कुमार के मुताबिक जुलाई में निफ्टी अभी तक 23,800 से 24,530 के दायरे में कारोबार कर रहा है।
उनके अनुसार—
- 24,430 के ऊपर जाने पर 24,530–24,600 तक तेजी संभव।
- 24,000 के नीचे फिसलने पर 23,800 तक कमजोरी आ सकती है।
- बड़ी तेजी के लिए 24,600 के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
बैंक निफ्टी आउटलुक
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल 57,300–58,500 की कंसोलिडेशन रेंज में बना हुआ है।
हालांकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिससे लंबी अवधि का ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है।
बैंक निफ्टी के प्रमुख स्तर
- सपोर्ट: 57,500–57,300
- रेजिस्टेंस: 58,500
RSI न्यूट्रल जोन में है, जो कमजोर मोमेंटम की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक सपोर्ट के पास खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास मुनाफावसूली की रणनीति अपनानी चाहिए।
22 जुलाई के लिए निवेशकों की रणनीति
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अगले कारोबारी सत्र में इन बातों पर खास नजर रखें—
- Q1 रिजल्ट घोषित करने वाली कंपनियां
- ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत
- विदेशी निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री
- वैश्विक बाजारों के संकेत
- निफ्टी का 24,300 और 24,100 का स्तर
- बैंक निफ्टी का 58,500 और 57,300 का स्तर
यदि बाजार इन महत्वपूर्ण स्तरों को पार करता है तो शॉर्ट टर्म में नई दिशा देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दिए गए बाजार संबंधी विचार विभिन्न मार्केट एक्सपर्ट्स के निजी विचार हैं। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय की जिम्मेदारी नहीं लेता। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


