Tech Mahindra Share Price: आईटी सेक्टर के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से खरीदारी का माहौल बना हुआ है, लेकिन तिमाही नतीजों ने अलग-अलग कंपनियों के शेयरों की दिशा बदल दी। जहां टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के बेहतर जून तिमाही (Q1 FY27) नतीजों और मजबूत आउटलुक के चलते शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली, वहीं अजीम प्रेमजी की Wipro कमजोर प्रदर्शन और सतर्क प्रबंधन टिप्पणी के कारण दबाव में आ गई। शुक्रवार के कारोबार में विप्रो के शेयर करीब 3% तक फिसल गए, जबकि टेक महिंद्रा निवेशकों की पसंद बना रहा।
IT सेक्टर में तेजी, लेकिन Wipro बना सबसे बड़ा लूजर
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स में मजबूती रही और टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस तथा एचसीएल टेक के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
हालांकि, विप्रो (Wipro) का शेयर लगभग 3% तक टूट गया और यह निफ्टी 50 का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला स्टॉक बन गया। बाजार की यह प्रतिक्रिया कंपनी के जून तिमाही के नतीजों और भविष्य के कमजोर बिजनेस संकेतों के कारण देखने को मिली।
कैसे रहे Wipro के Q1 FY27 नतीजे?
विप्रो ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए मिले-जुले नतीजे पेश किए।
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 3,352 करोड़ रुपये रहा।
- सालाना आधार पर मुनाफे में केवल 0.6% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
- कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये पहुंचा।
- हालांकि, यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से कम रहा।
- सबसे बड़ी चिंता कंपनी के अगले क्वार्टर के गाइडेंस को लेकर रही।
कमजोर गाइडेंस ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
विप्रो ने सितंबर तिमाही के लिए आईटी सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान -1.5% से +0.5% (कॉन्स्टेंट करेंसी आधार) के बीच रखा है।
यह गाइडेंस बाजार की उम्मीद से कमजोर माना गया। निवेशकों को उम्मीद थी कि आईटी सेक्टर में धीरे-धीरे मांग सुधरेगी, लेकिन कंपनी के सतर्क अनुमान ने शेयर पर दबाव बढ़ा दिया।
मैनेजमेंट की टिप्पणी भी बनी बिकवाली की वजह
कंपनी के प्रबंधन ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और ग्राहक गैर-जरूरी टेक्नोलॉजी खर्च को लेकर सतर्क हैं।
मैनेजमेंट के अनुसार—
- कंपनियां लागत कम करने पर जोर दे रही हैं।
- Vendor Consolidation की प्रक्रिया जारी है।
- नए बड़े टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स पर खर्च सीमित किया जा रहा है।
- डिमांड स्थिर जरूर है, लेकिन तेजी के स्पष्ट संकेत अभी नहीं दिख रहे।
इसी सतर्क टिप्पणी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
Tech Mahindra क्यों बना निवेशकों का पसंदीदा स्टॉक?
दूसरी ओर टेक महिंद्रा ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर तिमाही प्रदर्शन किया।
ब्रोकरेज हाउसों के अनुसार कंपनी के पक्ष में कई सकारात्मक संकेत रहे—
- जून तिमाही में अनुमान से बेहतर रेवेन्यू।
- बड़े और हाई-वैल्यू डील्स हासिल हुए।
- दूसरी तिमाही में भी ग्रोथ जारी रहने की संभावना।
- FY27 के लिए EBIT Margin आउटलुक बरकरार।
- मैनेजमेंट की सकारात्मक टिप्पणी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
इन्हीं कारणों से टेक महिंद्रा के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
आईटी सेक्टर के लिए आगे क्या संकेत हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय आईटी सेक्टर में लंबी अवधि की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। हालांकि, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में आईटी खर्च तथा कंपनियों के ऑर्डर बुक पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
जिन कंपनियों की डील पाइपलाइन मजबूत होगी और जो बेहतर मार्जिन बनाए रखेंगी, उन्हें बाजार आगे भी प्राथमिकता दे सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
तिमाही नतीजों के दौरान केवल मुनाफा ही नहीं, बल्कि कंपनी का भविष्य का गाइडेंस, प्रबंधन की टिप्पणी और नए ऑर्डर भी शेयर की दिशा तय करते हैं। इस बार टेक महिंद्रा ने सकारात्मक संकेत दिए, जबकि विप्रो का सतर्क आउटलुक निवेशकों को पसंद नहीं आया।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


