Jio Financial Share Price: रिलायंस समूह की वित्तीय सेवा कंपनी Jio Financial Services के शेयरों में जून तिमाही (Q1FY27) के शानदार नतीजों के बाद जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुक्रवार, 17 जुलाई को शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 6% तक चढ़ा, जबकि बाद में लगभग 4% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। मजबूत मुनाफा, तेज़ी से बढ़ता AUM और क्रेडिट बिजनेस के विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके बाद अब सवाल यह है कि मौजूदा स्तर पर इस शेयर को खरीदना चाहिए, होल्ड करना चाहिए या मुनाफावसूली करनी चाहिए।
Q1 में 156% बढ़ा मुनाफा, हर प्रमुख आंकड़े में दमदार प्रदर्शन
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ ने जून तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) सालाना आधार पर 156% बढ़कर ₹830 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹325 करोड़ था। वहीं पिछली तिमाही के ₹272 करोड़ की तुलना में यह करीब 205% की बढ़ोतरी है।
कंपनी की प्री-प्रोविज़निंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) भी मजबूत रही और यह ₹505 करोड़ पर पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 38% और तिमाही आधार पर 54% अधिक है।
नेट इंटरेस्ट इनकम दोगुनी से ज्यादा
जियो फाइनेंशियल की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) पहली तिमाही में बढ़कर ₹544 करोड़ हो गई। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹264 करोड़ की तुलना में 106% अधिक है। वहीं मार्च तिमाही के ₹345 करोड़ से इसमें 58% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह आंकड़ा दिखाता है कि कंपनी का कोर लेंडिंग बिजनेस लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में आय बढ़ाने की क्षमता भी बेहतर हुई है।
AUM ₹30,000 करोड़ के पार, क्रेडिट बिजनेस में तेज़ विस्तार
जून तिमाही में कंपनी के NBFC बिजनेस का ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 163% बढ़कर ₹30,667 करोड़ हो गया। इसके अलावा तिमाही के दौरान ₹11,250 करोड़ से अधिक का डिस्बर्समेंट किया गया।
AUM में यह तेज़ वृद्धि बताती है कि कंपनी का लोन पोर्टफोलियो तेजी से विस्तार कर रहा है और डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज़ में इसकी पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।
ब्रोकरेज की राय: शेयर में अभी भी दिख रहा है दम
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ पर “Buy” रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹315 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 34% तक की संभावित बढ़त का संकेत देता है।
ब्रोकरेज के अनुसार,
- जियो क्रेडिट बिजनेस लगातार मजबूत हो रहा है।
- AUM पहली बार ₹30,000 करोड़ के पार पहुंच गया है।
- पेमेंट्स बिजनेस में प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार देखने को मिला।
- इंश्योरेंस और AMC बिजनेस लगातार विस्तार कर रहे हैं।
- कंपनी नए बिजनेस वर्टिकल्स में भी तेजी से निवेश कर रही है।
ऑपरेटिंग खर्च बना चिंता का विषय
हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि नए बिजनेस को विकसित करने और मौजूदा ऑपरेशंस के विस्तार के लिए कंपनी का ऑपरेटिंग खर्च (Opex) फिलहाल ऊंचा बना हुआ है।
इसी वजह से मोतीलाल ओसवाल ने FY27 और FY28 के EPS अनुमान में क्रमशः 4% और 6% की कटौती की है। हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि ये खर्च भविष्य की ग्रोथ को देखते हुए किए जा रहे निवेश हैं।
अगले दो वर्षों में तेज़ कमाई की उम्मीद
ब्रोकरेज के मुताबिक, जियो फाइनेंशियल FY26 से FY28 के बीच कंसोलिडेटेड PAT में लगभग 46% CAGR दर्ज कर सकती है। वर्तमान में शेयर FY27 की अनुमानित प्राइस-टू-बुक (P/B) वैल्यू के लगभग 1 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जिसे आकर्षक वैल्यूएशन माना जा रहा है।
इसके अलावा, ब्रोकरेज का कहना है कि उसके वैल्यूएशन में अभी भी इंश्योरेंस, वेल्थ मैनेजमेंट, ब्रोकिंग और मार्केटप्लेस जैसे उभरते बिजनेस की संभावित वैल्यू शामिल नहीं की गई है। जैसे-जैसे ये बिजनेस परिपक्व होंगे, कंपनी के वैल्यूएशन को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
जून तिमाही के नतीजे बताते हैं कि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ अपने कोर बिजनेस में मजबूत ग्रोथ दिखा रही है। तेजी से बढ़ता AUM, दोगुनी से अधिक NII और रिकॉर्ड मुनाफा कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल प्रगति को दर्शाते हैं। हालांकि निकट अवधि में ऊंचे ऑपरेटिंग खर्च मुनाफे पर दबाव बना सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ब्रोकरेज अभी भी इस शेयर में अच्छी संभावनाएं देख रहे हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


