Kanpur Mother Dairy Plant: कानपुर में लंबे इंतजार के बाद मदर डेयरी का अत्याधुनिक मिल्क प्लांट शुरू हो गया है। इस प्लांट के शुरू होने से जहां एक ओर मदर डेयरी के उत्पाद बाजार में पहुंचने लगे हैं, वहीं जल्द ही स्थानीय लोकप्रिय ब्रैंड पराग के दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट भी दोबारा लोगों के घरों तक पहुंचेंगे। इस परियोजना से कानपुर समेत आसपास के छह जिलों के करीब 80 हजार दुग्ध उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
2019 से तैयार था प्लांट, अब शुरू हुआ संचालन
कानपुर के निराला नगर स्थित पराग दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड का अत्याधुनिक मिल्क प्लांट वर्ष 2019 से बनकर तैयार था, लेकिन कई प्रशासनिक और संचालन संबंधी समस्याओं के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका था। प्लांट के बंद रहने की वजह से पराग ब्रैंड के दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की बाजार में उपलब्धता भी प्रभावित हुई।
अब उत्तर प्रदेश सरकार ने प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मदर डेयरी को दी है। इसके लिए 10 साल का करार किया गया है। पिछले कुछ महीनों में प्लांट की मशीनों की मरम्मत और तकनीकी सुधार का काम पूरा किया गया।
रोजाना 1.5 लाख लीटर दूध की हो रही प्रोसेसिंग
प्लांट हेड विनय प्रताप सिंह के मुताबिक, फिलहाल प्लांट में प्रतिदिन करीब 1.5 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग की जा रही है। इस प्लांट की कुल क्षमता 4 लाख लीटर दूध प्रतिदिन प्रोसेस करने की है।
अभी मदर डेयरी ब्रैंड के उत्पाद बाजार में पहुंचने लगे हैं। आने वाले समय में इसी प्लांट से मदर डेयरी और पराग दोनों ब्रैंड के दूध एवं अन्य डेयरी उत्पादों की सप्लाई की जाएगी। अक्टूबर-नवंबर तक प्लांट को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने की तैयारी है।
छह जिलों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस डेयरी प्लांट के शुरू होने से कानपुर और आसपास के जिलों के हजारों किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा। प्लांट के लिए दूध की खरीद इन जिलों से की जाएगी:
- कानपुर नगर
- कानपुर देहात
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- इटावा
- औरैया
अनुमान के मुताबिक, करीब 80 हजार दुग्ध उत्पादक किसानों को इससे फायदा मिलेगा। किसानों को दूध बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
दूध के अलावा घी, पनीर और मिल्क पाउडर भी बनेगा
यह प्लांट केवल दूध प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं रहेगा। पूरी क्षमता से चलने के बाद यहां कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
प्लांट की उत्पादन क्षमता:
| उत्पाद | क्षमता |
|---|---|
| दूध प्रोसेसिंग | 4 लाख लीटर प्रतिदिन |
| घी उत्पादन | 8 टन प्रतिदिन |
| पनीर उत्पादन | 1 टन प्रतिदिन |
| मिल्क पाउडर | 20 टन प्रतिदिन |
इससे स्थानीय बाजार में दूध के साथ-साथ घी, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
ऑटोमैटिक प्लांट से मिलेगा रोजगार
मदर डेयरी का यह प्लांट पूरी तरह आधुनिक और ऑटोमैटिक तकनीक पर आधारित है। इसके संचालन के लिए करीब 150 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
इसके अलावा दूध संग्रह, परिवहन, पैकेजिंग और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े क्षेत्रों में भी अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पराग ब्रैंड की फिर होगी बाजार में वापसी
कानपुर का पराग ब्रैंड लंबे समय से स्थानीय उपभोक्ताओं के बीच पहचान रखता है। प्लांट बंद होने के बाद पराग के उत्पादों की उपलब्धता कम हो गई थी। अब नए संचालन मॉडल के तहत पराग ब्रैंड को फिर से बाजार में उतारने की तैयारी है।
मदर डेयरी के अनुभव और आधुनिक तकनीक के साथ पराग ब्रैंड को दोबारा मजबूत बनाने की योजना है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाले स्थानीय डेयरी उत्पाद मिल सकेंगे।
अक्टूबर-नवंबर तक पूरी क्षमता से चलेगा प्लांट
फिलहाल प्लांट शुरुआती चरण में काम कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले महीनों में उत्पादन क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी और अक्टूबर-नवंबर तक इसे पूरी क्षमता के साथ चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
कानपुर का यह डेयरी प्लांट न सिर्फ शहर के लिए बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए भी आर्थिक मजबूती का बड़ा केंद्र बन सकता है।


