Reliance Industries Share Price Today: मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) आज 17 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी करने जा रही है। नतीजों से पहले निवेशकों में उत्साह देखने को मिला और कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 2 प्रतिशत चढ़ गया। विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन, बेहतर पेट्रोकेमिकल कारोबार और कंपनी का विविध बिजनेस पोर्टफोलियो इस तिमाही के प्रदर्शन को मजबूती दे सकता है।
Q1 रिजल्ट से पहले शेयर में आई तेजी
शुक्रवार को बीएसई पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,323.80 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। निवेशकों की नजर आज होने वाली बोर्ड बैठक पर है, जिसमें कंपनी के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही प्रदर्शन पर भी बाजार की खास नजर रहेगी, क्योंकि ये दोनों कारोबार कंपनी की कमाई में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
EBITDA में 4% तक बढ़ोतरी का अनुमान
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तिमाही में रिलायंस का प्रदर्शन स्थिर और मजबूत रह सकता है।
अनुमान के मुताबिक:
- कंपनी की कुल आय लगभग 3.05 लाख करोड़ रुपये रह सकती है।
- तिमाही आधार पर EBITDA करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 46,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
- EBITDA मार्जिन करीब 15 प्रतिशत पर स्थिर रहने की उम्मीद है।
- रिफाइनिंग बिजनेस और पेट्रोकेमिकल सेगमेंट में सुधार का फायदा कंपनी को मिल सकता है।
- पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कंपनी का विविध कारोबार जोखिम को संतुलित करने में मदद कर सकता है।
पिछली तिमाही में कैसा रहा था प्रदर्शन?
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन मिश्रित रहा था।
- ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12.9% बढ़कर 2,98,621 करोड़ रुपये रहा था।
- कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.5% घटकर 16,971 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
- इसके बावजूद कंपनी ने रिफाइनिंग, टेलीकॉम और रिटेल कारोबार में मजबूत परिचालन प्रदर्शन बनाए रखा था।
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है RIL
रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे अधिक मार्केट वैल्यू वाली सूचीबद्ध कंपनी बनी हुई है।
मुख्य आंकड़े:
- मार्केट कैप: लगभग 17.86 लाख करोड़ रुपये
- फेस वैल्यू: 10 रुपये प्रति शेयर
- प्रमोटर हिस्सेदारी (जून 2026): 50.48%
- 2026 में अब तक शेयर का प्रदर्शन: करीब 16% की गिरावट
- 52 सप्ताह का उच्च स्तर: 1,611.20 रुपये
- 52 सप्ताह का निचला स्तर: 1,253.65 रुपये
हालांकि इस साल शेयर दबाव में रहा है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत तिमाही नतीजे आने पर शेयर में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
जियो फाइनेंशियल ने दिए दमदार नतीजे
रिलायंस समूह की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने एक दिन पहले अपने जून तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जो उम्मीद से बेहतर रहे।
कंपनी के प्रमुख आंकड़े:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 227.28% बढ़कर 2,004.47 करोड़ रुपये पहुंच गया।
- पिछले वर्ष समान तिमाही में यह 612.46 करोड़ रुपये था।
- शुद्ध मुनाफा 155.7% बढ़कर 830.25 करोड़ रुपये हो गया।
- जून 2025 तिमाही में कंपनी का मुनाफा 324.66 करोड़ रुपये था।
इन मजबूत नतीजों के बाद बाजार को उम्मीद है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का समेकित प्रदर्शन भी सकारात्मक रह सकता है।
निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?
रिलायंस के तिमाही नतीजों के दौरान निवेशक विशेष रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान देंगे:
- रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार का प्रदर्शन
- रिलायंस जियो के ग्राहक और ARPU में बदलाव
- रिलायंस रिटेल की ग्रोथ
- नई ऊर्जा (New Energy) और भविष्य की निवेश योजनाओं पर प्रबंधन की टिप्पणी
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी का आउटलुक
निष्कर्ष
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पहली तिमाही के नतीजे भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम रहने वाले हैं। मजबूत EBITDA, स्थिर मार्जिन और जियो व रिटेल कारोबार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदों ने नतीजों से पहले ही शेयर में तेजी ला दी है। यदि कंपनी बाजार की अपेक्षाओं पर खरी उतरती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में रिलायंस के शेयरों में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


