Highlights
- ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल में 6% से ज्यादा की तेजी
- सोना, चांदी और गोल्ड ETF में जोरदार गिरावट
- एक्सपर्ट्स बोले- पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा तो तेल और महंगा हो सकता है
- MCX पर भी गोल्ड और सिल्वर दबाव में, क्रूड का रुख मजबूत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में जबरदस्त हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर (अंतरिम शांति समझौता) अब समाप्त हो चुका है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई, जिसका सीधा असर कच्चे तेल, सोना और चांदी की कीमतों पर देखने को मिला।
जहां एक ओर कच्चे तेल की कीमतों में 6% से अधिक की तेजी दर्ज की गई, वहीं सोना, चांदी और गोल्ड ETF में तेज गिरावट देखने को मिली। अब निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आने वाले दिनों में इन तीनों कमोडिटी का रुख कैसा रहेगा।
कच्चे तेल में 6% से ज्यादा की उछाल
ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 6% उछलकर 78.56 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड में भी मजबूत तेजी देखने को मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर जोखिम बढ़ सकता है। दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों की बड़ी मात्रा में सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से होती है।
सोना और चांदी में क्यों आई गिरावट?
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग रही।
तेल की कीमतों में तेज उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। यदि महंगाई ऊंची रहती है तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है या जरूरत पड़ने पर उन्हें और बढ़ा भी सकता है।
ऊंची ब्याज दरें सोने जैसे ऐसेट पर दबाव डालती हैं क्योंकि इनमें कोई ब्याज नहीं मिलता। इसी वजह से:
- स्पॉट गोल्ड करीब 1.4% टूटा।
- अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में लगभग 2.3% की गिरावट आई।
- स्पॉट सिल्वर 2.6% गिरा।
- प्लैटिनम 4.1% और पैलेडियम 4.9% तक लुढ़क गए।
- MCX पर गोल्ड करीब 1.40% और सिल्वर लगभग 3% कमजोर हुआ।
एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
Esquire Capital Investment Advisors के CEO सम्राट दासगुप्ता का कहना है कि फिलहाल बाजार में घबराहट के कारण बिकवाली देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भारत, यूरोप और अमेरिका समेत वैश्विक बाजारों पर दबाव बना रहा है।
हालांकि, उनका मानना है कि यह शुरुआती प्रतिक्रिया हो सकती है। आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार कुछ स्थिर हो सकता है। निवेशकों की नजर अब ईरान से जुड़े घटनाक्रम, कंपनियों के तिमाही नतीजों और प्रबंधन की टिप्पणियों पर रहेगी।
गोल्ड, सिल्वर और क्रूड का आउटलुक
Choice Broking के कमोडिटी एवं करेंसी एनालिस्ट आमिर मकदा के अनुसार, सोना लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोरी दिखा रहा है। गोल्ड फिलहाल अपने 20, 50 और 100 EMA के नीचे कारोबार कर रहा है। साथ ही ओपन इंटरेस्ट में बढ़ोतरी शॉर्ट बिल्डअप का संकेत दे रही है।
उनके अनुसार:
- MCX गोल्ड के लिए 1,41,826 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
- MCX सिल्वर के लिए 2,23,307 रुपये का सपोर्ट अहम है। इसके नीचे फिसलने पर और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
- MCX क्रूड ऑयल जुलाई कॉन्ट्रैक्ट में लॉन्ग बिल्डअप दिखाई दे रहा है। RSI और MACD जैसे तकनीकी संकेतक भी तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं। यदि पश्चिम एशिया में तनाव बना रहता है तो कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी जारी रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल कमोडिटी बाजार पूरी तरह भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर दिखाई दे रहा है। यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल में तेजी जारी रह सकती है, जबकि ऊंची ब्याज दरों की आशंका सोना और चांदी पर दबाव बनाए रख सकती है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय वैश्विक घटनाक्रम और बाजार संकेतकों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार संबंधित एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्मों के हैं। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


