Gold Price Prediction: सोने में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है। वेस्ट पॉइंट गोल्ड के सीईओ डेरेक मैकफर्सन का मानना है कि आने वाले वर्षों में सोने की कीमतें पहले 6,000 डॉलर प्रति औंस और अनुकूल परिस्थितियों में अपने शिखर पर 8,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। हालांकि यह एक विशेषज्ञ का अनुमान है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं। उनके अनुसार, सोने की लंबी अवधि की तेजी को समर्थन देने वाले कई मजबूत वैश्विक कारक अभी भी बने हुए हैं।
Highlights
- एक्सपर्ट ने सोने के $8,000 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई।
- केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी तेजी का बड़ा कारण।
- वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता से बढ़ रही है सुरक्षित निवेश की मांग।
- ऊंचे दामों से गोल्ड माइनिंग कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा।
सोने में अभी खत्म नहीं हुई तेजी!
हाल के दिनों में सोने की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है, लेकिन डेरेक मैकफर्सन का मानना है कि यह केवल एक अस्थायी ठहराव है। उनके अनुसार, लॉन्ग-टर्म बुलिश ट्रेंड अभी भी बरकरार है और आने वाले वर्षों में सोना नई रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू सकता है।
उनका कहना है कि यदि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां बनी रहती हैं तो सोना पहले 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है और अनुकूल माहौल में 8,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर भी देखने को मिल सकता है।
सोने में बड़ी तेजी की 3 प्रमुख वजहें
1. केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी
दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम कर रहे हैं। इसकी जगह वे लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है।
2. सरकारों का बढ़ता खर्च और लिक्विडिटी
मैकफर्सन के अनुसार, दुनिया भर की सरकारें बड़े पैमाने पर खर्च कर रही हैं। इससे वित्तीय प्रणाली में नकदी का प्रवाह बढ़ता है और महंगाई का दबाव भी बन सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं।
3. सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग
भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ता है। सोना लंबे समय से ऐसे दौर में सबसे पसंदीदा निवेश विकल्प माना जाता रहा है।
गोल्ड माइनिंग कंपनियों को होगा फायदा
यदि सोने की कीमतों में लंबी अवधि तक तेजी बनी रहती है तो इसका सबसे बड़ा लाभ गोल्ड माइनिंग कंपनियों को मिल सकता है। ऊंचे दामों से इन कंपनियों का कैश फ्लो बेहतर होगा और उनकी लाभप्रदता बढ़ सकती है।
मैकफर्सन का कहना है कि बड़ी माइनिंग कंपनियों के पास पर्याप्त नकदी मौजूद है। ऐसे में आने वाले समय में विलय और अधिग्रहण (M&A) गतिविधियां तेज हो सकती हैं। अच्छी गुणवत्ता वाली परियोजनाओं वाली छोटी कंपनियां बड़ी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सोने की कीमतों में तेजी ही नहीं, बल्कि मजबूत और गुणवत्ता वाली माइनिंग परियोजनाओं में भी लंबी अवधि का निवेश अवसर मौजूद हो सकता है। हालांकि, बाजार की दिशा कई वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर करेगी।
Disclaimer
यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। इसमें व्यक्त कीमतों के अनुमान संबंधित विशेषज्ञ की राय पर आधारित हैं और इन्हें निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। कमोडिटी और वित्तीय बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
लेटेस्ट रेट्स और बाजार अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, चांदी का भाव, पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट, LPG, CNG और PNG की कीमतें, कच्चे तेल (Crude Oil) का भाव, डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट और IPO GMP Today की लाइव जानकारी देखें।


