Kusumgar IPO Day 1: टेक्सटाइल और इंजीनियर्ड फैब्रिक्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी कुसुमगार लिमिटेड का ₹650 करोड़ का आईपीओ पहले ही दिन निवेशकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बन गया। बुधवार (8 जुलाई) को खुला यह आईपीओ कुछ ही घंटों में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया और दिन समाप्त होने तक इसे करीब 3.5 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिल चुका था। मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP), बड़े एंकर निवेशकों की भागीदारी और ब्रोकरेज की सकारात्मक राय ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
पहले दिन मिला शानदार रिस्पॉन्स
NSE के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन निवेशकों ने इस आईपीओ को हाथों-हाथ लिया। कुल 1.14 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 3.85 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए आवेदन आए, जिससे यह लगभग 3.5 गुना सब्सक्राइब हो गया।
अलग-अलग कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन
- NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स): 7.46 गुना
- रिटेल इनवेस्टर्स (RII): 3.62 गुना
- कर्मचारी कोटा: 1.76 गुना
सबसे ज्यादा उत्साह हाई नेटवर्थ निवेशकों (NII) की ओर से देखने को मिला।
IPO की अहम जानकारी
- इश्यू साइज: ₹650 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹398–₹419 प्रति शेयर
- लॉट साइज: 35 शेयर
- न्यूनतम निवेश: ₹14,665
- सब्सक्रिप्शन अवधि: 8 जुलाई से 10 जुलाई
- संभावित लिस्टिंग: 15 जुलाई
- इश्यू का प्रकार: पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS)
चूंकि यह पूरा OFS है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली राशि कंपनी के बजाय मौजूदा प्रमोटर्स और शेयरधारकों को जाएगी।
एंकर निवेशकों का मजबूत भरोसा
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने ₹193.9 करोड़ एंकर निवेशकों से जुटाए। इनमें ब्लैकरॉक ग्लोबल फंड्स, गोल्डमैन सैक्स, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी रही।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में कारोबार और मुनाफे में अच्छी वृद्धि दर्ज की है।
- वित्त वर्ष 2024 में रेवेन्यू ₹467.9 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर ₹692 करोड़ पहुंच गया।
- नेट प्रॉफिट ₹84.3 करोड़ से बढ़कर ₹98.2 करोड़ रहा।
- हालांकि, हालिया सालाना आधार पर कंपनी के राजस्व और मुनाफे में क्रमशः 11.2% और 12.3% की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण रक्षा क्षेत्र के ऑर्डर्स में देरी और अमेरिकी टैरिफ का असर बताया गया है।
एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
मास्टर कैपिटल ने इस आईपीओ को लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से आकर्षक बताया है। ब्रोकरेज का मानना है कि इंजीनियर्ड फैब्रिक्स इंडस्ट्री में आने वाले वर्षों में तेज ग्रोथ देखने को मिलेगी। वैश्विक बाजार 2030 तक करीब 112.2 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि भारत में यह बाजार वित्त वर्ष 2031 तक लगभग दोगुना होने का अनुमान है। कंपनी को डिफेंस मॉडर्नाइजेशन और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी सरकारी पहलों का भी लाभ मिल सकता है।
वहीं जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी आईपीओ को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) और निर्यात के बढ़ते अवसर कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, यह सलाह मुख्य रूप से शॉर्ट से मीडियम टर्म निवेशकों के लिए दी गई है।
GMP क्या संकेत दे रहा है?
ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त उत्साह है। बाजार सूत्रों के मुताबिक 8 जुलाई को ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹168 प्रति शेयर चल रहा था। यदि यह स्तर लिस्टिंग तक बना रहता है तो अपर प्राइस बैंड ₹419 के मुकाबले निवेशकों को लगभग 40% तक का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि GMP केवल अनौपचारिक बाजार का संकेत होता है और वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
निवेशकों के लिए क्या है निष्कर्ष?
पहले दिन का मजबूत सब्सक्रिप्शन, प्रतिष्ठित एंकर निवेशकों की भागीदारी, सकारात्मक ब्रोकरेज रिपोर्ट और मजबूत GMP इस आईपीओ के पक्ष में दिखाई देते हैं। हालांकि, चूंकि यह पूरी तरह OFS इश्यू है और कंपनी को इससे नई पूंजी नहीं मिलेगी, इसलिए निवेश से पहले कंपनी के बिजनेस, वैल्यूएशन और अपने निवेश लक्ष्य का आकलन जरूर करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।


