नई दिल्ली: देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) की तैयारी में जुटा है। लेकिन शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले ही कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में कमजोरी के संकेत मिले हैं। सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में एनएसई की कुल परिचालन आय, ट्रांजेक्शन चार्ज, क्लियरिंग एवं सेटलमेंट सेवाओं से होने वाली कमाई और ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट दर्ज की गई है।
3% से ज्यादा घटी परिचालन आय
डीआरएचपी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में एनएसई की कुल परिचालन आय 16,601.30 करोड़ रुपये रही, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 17,140.67 करोड़ रुपये थी। यानी सालाना आधार पर इसमें 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी की आय का सबसे बड़ा स्रोत ट्रांजेक्शन चार्ज भी दबाव में रहा। इससे होने वाली कमाई 13,635.76 करोड़ रुपये से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपये रह गई, जो करीब 4% की कमी दर्शाती है।
क्लियरिंग और सेटलमेंट से कमाई में 22% की गिरावट
एनएसई की क्लियरिंग एवं सेटलमेंट सेवाओं से होने वाली आय में भी तेज गिरावट आई। वित्त वर्ष 2025-26 में यह घटकर 251.45 करोड़ रुपये रह गई, जबकि एक साल पहले यह 321.34 करोड़ रुपये थी। यानी इस मद में लगभग 21.8% की गिरावट दर्ज हुई।
हालांकि, लिस्टिंग सेवाओं से कंपनी की आय में सुधार देखने को मिला। इस सेगमेंट से आय 313.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 352.43 करोड़ रुपये हो गई, जो लगभग 10% की वृद्धि है।
कैश मार्केट में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी घटा
एनएसई के मुख्य कारोबार पर भी दबाव साफ दिखाई दिया। वित्त वर्ष 2025-26 में कैश मार्केट का औसत दैनिक कारोबार (Average Daily Trading Volume – ADTV) 1,05,516.66 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 1,12,963.24 करोड़ रुपये था। यानी इसमें 6.59% की गिरावट दर्ज की गई।
F&O कारोबार में भी आई कमजोरी
डेरिवेटिव सेगमेंट में भी कारोबार कमजोर रहा।
- इक्विटी फ्यूचर्स ADTV घटकर 1,59,443.21 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 1,85,901.44 करोड़ रुपये था। यह 14.23% की बड़ी गिरावट है।
- वहीं इक्विटी ऑप्शंस (प्रीमियम वैल्यू) ADTV भी 62,448.66 करोड़ रुपये से घटकर 57,661.75 करोड़ रुपये रह गया, जो 7.66% की कमी दर्शाता है।
डीआरएचपी में खुद जताई चिंता
एनएसई ने अपने डीआरएचपी में स्वीकार किया है कि यदि ट्रेडिंग वॉल्यूम और लेनदेन की कुल वैल्यू में लगातार गिरावट आती है तो उसके उत्पादों की मांग प्रभावित हो सकती है। इससे कंपनी की विकास दर, वित्तीय स्थिति, कारोबार और कैश फ्लो पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।
IPO से पहले निवेशकों की नजर
एनएसई का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के सबसे चर्चित पब्लिक इश्यू में से एक माना जा रहा है। हालांकि, ताजा वित्तीय आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के मुख्य राजस्व स्रोतों पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि एनएसई आने वाले समय में कारोबार की रफ्तार कैसे बढ़ाता है और गिरते ट्रेडिंग वॉल्यूम की चुनौती से कैसे निपटता है।
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