Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने से जुड़े बयान के बाद वैश्विक बाजारों में बढ़ी चिंता का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखा। सेंसेक्स 1677 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,882 के स्तर पर आ गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों की करीब ₹8.24 लाख करोड़ की पूंजी एक ही दिन में साफ हो गई।
बाजार में मचा कोहराम
सप्ताह की एक्सपायरी से एक दिन पहले बाजार में जबरदस्त दबाव देखने को मिला। सुबह से शुरू हुई बिकवाली दोपहर बाद और तेज हो गई।
- BSE Sensex: 1,677.12 अंक (2.15%) टूटकर 76,503.60 पर बंद
- NSE Nifty 50: 516.65 अंक (2.12%) गिरकर 23,882.04 पर बंद
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 1,921.69 अंक तक फिसलकर 76,259.03 और निफ्टी 593.55 अंक गिरकर 23,805.20 तक पहुंच गया।
₹8.24 लाख करोड़ घट गई निवेशकों की दौलत
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा।
| तारीख | BSE मार्केट कैप |
|---|---|
| 07 जुलाई 2026 | ₹4,79,67,747.45 करोड़ |
| 08 जुलाई 2026 | ₹4,71,43,106.56 करोड़ |
एक दिन में कुल गिरावट: ₹8,24,640.89 करोड़
सभी सेक्टर लाल निशान में बंद
आज बाजार में किसी भी सेक्टर ने राहत नहीं दी। सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
सबसे ज्यादा दबाव इन सेक्टर्स पर रहा
- बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली
- PSU बैंक इंडेक्स 2.5% से अधिक टूटा
- प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी 2.5% से ज्यादा गिरा
- FMCG इंडेक्स करीब 2.5% कमजोर
- ऑटो इंडेक्स 2% से अधिक टूटा
- IT इंडेक्स 1% से ज्यादा फिसला
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली
Sensex के सभी 30 शेयर लाल निशान में

आज सेंसेक्स का कोई भी शेयर हरे निशान में बंद नहीं हुआ। सबसे अधिक गिरावट इन शेयरों में दर्ज की गई—
- इंडिगो
- मारुति सुजुकी
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL)
बाजार की चौड़ाई भी रही बेहद कमजोर

BSE पर कारोबार करने वाले शेयरों की तस्वीर भी बाजार की कमजोरी दिखाती है।
- कुल ट्रेड हुए शेयर: 4,454
- बढ़ने वाले शेयर: 1,070
- गिरने वाले शेयर: 3,211
- बिना बदलाव वाले शेयर: 173
- 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर: 116 शेयर
- 52 सप्ताह के निचले स्तर पर: 104 शेयर
- अपर सर्किट: 11 शेयर
- लोअर सर्किट: 8 शेयर
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही?
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार पर कई नकारात्मक संकेतों का दबाव रहा। इनमें प्रमुख वजहें रहीं—
- अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
- वैश्विक बाजारों में कमजोर सेंटीमेंट
- बैंकिंग और FMCG शेयरों में तेज बिकवाली
- एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स की आक्रामक प्रॉफिट बुकिंग
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी व्यापक बिकवाली
डिस्क्लेमर
शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए।


