Bank Nifty Outlook: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों पर रहा, जिसके चलते बैंक निफ्टी 2 फीसदी से अधिक टूटकर 57,000 के स्तर के नीचे पहुंच गया। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद बैंक निफ्टी का लॉन्ग टर्म टेक्निकल ट्रेंड अभी भी सकारात्मक बना हुआ है।
ट्रंप के बयान के बाद बाजार में बढ़ी घबराहट
बुधवार दोपहर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयान ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी। ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त हो चुका है। इसके बाद निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी और भारतीय शेयर बाजार में भी तेज बिकवाली देखने को मिली।
दोपहर के कारोबार में बैंक निफ्टी 2.10% गिरकर 56,977 के करीब पहुंच गया। वहीं निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 2.30% और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2.08% तक टूट गया।
पूरे बाजार पर दबाव साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स 1,514 अंक टूटकर 76,666.59 पर और निफ्टी 462 अंक गिरकर 23,936.30 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसी दौरान India VIX में 25 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है।
बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
बैंकिंग सेक्टर के लगभग सभी प्रमुख शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
| बैंक का नाम | अनुमानित गिरावट |
|---|---|
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 3.4% |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 2% से अधिक |
| पंजाब नेशनल बैंक | 2% से अधिक |
| कोटक महिंद्रा बैंक | 2% से अधिक |
| ICICI बैंक | 1-2% |
| HDFC बैंक | 1-2% |
| स्टेट बैंक ऑफ इंडिया | 1-2% |
| एक्सिस बैंक | 1-2% |
| इंडसइंड बैंक | 1-2% |
| केनरा बैंक | 1-2% |
| IDFC First Bank | 1-2% |
| AU स्मॉल फाइनेंस बैंक | 1-2% |
| यस बैंक | 1-2% |
बैंक निफ्टी पर क्या है टेक्निकल व्यू?
भारी गिरावट के बावजूद तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि बैंक निफ्टी का बड़ा ट्रेंड अभी भी सकारात्मक बना हुआ है।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, बैंक निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। उनके मुताबिक 58,600-58,700 का स्तर सबसे अहम रेजिस्टेंस है। यदि इंडेक्स इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो अगले चरण में 59,000 से 60,000 तक की तेजी देखने को मिल सकती है।
सपोर्ट लेवल पर रखें नजर
दूसरी ओर, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 57,800-57,500 का दायरा निकट अवधि का महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है।
वहीं बजाज ब्रोकिंग के अनुसार 57,000-56,800 का स्तर मजबूत डिमांड जोन है, जहां पिछले तीन सप्ताह से लगातार खरीदारी देखने को मिली है। यदि यह सपोर्ट कायम रहता है तो मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत बैंकिंग शेयरों में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने का अवसर बन सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक संकेतों के कारण उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में बड़े निवेश की बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले बैंकिंग शेयरों में चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। वहीं ट्रेडर्स को 58,700 के रेजिस्टेंस और 56,800 के सपोर्ट लेवल पर खास नजर रखनी चाहिए।
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