अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सख्त रुख का प्रदर्शन करते हुए यूरोपीय देश स्पेन के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप ने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को निर्देश दिया है कि स्पेन के साथ सभी तरह के व्यापारिक संबंध तुरंत समाप्त किए जाएं। ट्रंप ने स्पेन को NATO का “बहुत खराब पार्टनर” बताते हुए आरोप लगाया कि उसने रक्षा खर्च बढ़ाने और ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका का साथ देने से इनकार किया।
ट्रंप ने दिया ट्रेड तुरंत रोकने का आदेश
NATO शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से स्पेन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्पेन गठबंधन के महत्वपूर्ण फैसलों पर सहयोग नहीं करता और अमेरिका को ऐसे देश के साथ व्यापार जारी रखने की जरूरत नहीं है।
ट्रंप ने ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की ओर देखते हुए कहा, “मैं स्पेन के साथ कोई व्यापार नहीं करना चाहता। इसे तुरंत लागू करो। उनसे बात भी मत करो। वे हमारे लिए अच्छे पार्टनर नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्पेन अमेरिका से भारी आर्थिक लाभ उठाता है, जबकि बदले में सहयोग नहीं करता।
स्पेन से क्यों नाराज हैं ट्रंप?
ट्रंप की नाराजगी के पीछे दो प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं।
1. NATO रक्षा खर्च पर असहमति
NATO ने सदस्य देशों से अपनी जीडीपी का 5 प्रतिशत रक्षा बजट पर खर्च करने का नया लक्ष्य रखा है। स्पेन की सरकार ने इस लक्ष्य को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिससे अमेरिका और स्पेन के बीच मतभेद बढ़ गए।
2. ईरान युद्ध में सहयोग से इनकार
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ बढ़े तनाव के दौरान स्पेन ने अमेरिका को अपने एयरस्पेस और सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी। इस फैसले को लेकर ट्रंप प्रशासन पहले से ही नाराज था और अब यह विवाद खुलकर सामने आ गया है।
NATO समिट में भी दिखा तनाव
अंकारा में आयोजित NATO समिट के दौरान ट्रंप ने NATO महासचिव मार्क रुटे के सामने भी स्पेन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो देश गठबंधन की सामूहिक सुरक्षा जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करना चाहते, उन्हें विशेष आर्थिक लाभ नहीं मिलना चाहिए।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका भविष्य में ऐसे देशों के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों की समीक्षा करेगा।
क्या होगा असर?
यदि अमेरिका वास्तव में स्पेन के साथ व्यापारिक संबंधों को सीमित करता है, तो इसका असर दोनों देशों के कारोबारी संबंधों पर पड़ सकता है। हालांकि, इस फैसले को लागू करने के लिए औपचारिक सरकारी प्रक्रियाएं और कानूनी कदम भी जरूरी होंगे।
स्पेन यूरोपीय संघ और NATO का महत्वपूर्ण सदस्य है। ऐसे में यह विवाद अमेरिका-यूरोप संबंधों और NATO के भीतर एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है।
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला दिखाता है कि उनकी विदेश नीति में रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। NATO रक्षा खर्च और ईरान युद्ध को लेकर स्पेन के रुख से नाराज ट्रंप ने सीधे व्यापारिक रिश्ते खत्म करने की बात कहकर यूरोपीय सहयोगियों को भी स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।


