Success Story of Karishma Sharma and Honey Sharma: अहमदाबाद की दो बहनों करिश्मा शर्मा और हनी शर्मा ने मुश्किल समय को अवसर में बदलकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। लंदन में नौकरी जाने के बाद करिश्मा ने अपनी बहन के साथ मिलकर ‘मिशी कंसल्टेंसी’ की शुरुआत की। आज उनकी कंपनी भारत के उद्यमियों को ब्रिटेन और दुबई में बिजनेस स्थापित करने में मदद करती है और सालाना 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रही है।
संकट बना सफलता की शुरुआत

हर सफलता की कहानी किसी न किसी चुनौती से शुरू होती है। अहमदाबाद की रहने वाली करिश्मा शर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। इंटरनेशनल बिजनेस में मास्टर्स करने के बाद वह लंदन चली गईं और वहां वीजा एवं कंसल्टेंसी सेक्टर में काम करने लगीं।
लेकिन एक दिन अचानक उनकी नौकरी चली गई। विदेश में बढ़ते खर्च और भविष्य की अनिश्चितता ने उन्हें नया रास्ता तलाशने पर मजबूर कर दिया। इसी कठिन दौर में उनकी छोटी बहन हनी शर्मा उनके साथ खड़ी हो गईं।
बहन की स्किल बनी बिजनेस की ताकत
हनी शर्मा पहले से कंटेंट क्रिएटर के रूप में काम कर रही थीं। भले ही उन्हें इमिग्रेशन या वीजा इंडस्ट्री का अनुभव नहीं था, लेकिन रिसर्च करने, जटिल जानकारी को आसान भाषा में समझाने और प्रभावी कम्युनिकेशन की उनकी क्षमता ने पूरे बिजनेस की मजबूत नींव रख दी।
जून 2024 में दोनों बहनों ने मिलकर ‘मिशी कंसल्टेंसी’ की शुरुआत की।
बिना विज्ञापन के बनाया हजारों लोगों का भरोसा

करिश्मा ने कंपनी की वेबसाइट तैयार की, जबकि हनी ने ब्रिटेन में बिजनेस शुरू करने से जुड़ी जानकारी पर आसान और भरोसेमंद वीडियो बनाना शुरू किया।
उस समय सोशल मीडिया पर इमिग्रेशन से जुड़े कई भ्रामक दावे और फर्जी जानकारी मौजूद थीं। ऐसे माहौल में दोनों बहनों ने केवल सही, पारदर्शी और तथ्य आधारित जानकारी देने पर ध्यान दिया।
यही रणनीति उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई। बिना किसी पेड विज्ञापन के उनके वीडियो वायरल होने लगे और हजारों लोग उनसे जुड़ गए। धीरे-धीरे लोग पेड कंसल्टेशन बुक करने लगे और उनका स्टार्टअप तेजी से आगे बढ़ने लगा।
माता-पिता के नाम पर रखा कंपनी का नाम
दोनों बहनों ने अपनी कंपनी का नाम ‘मिशी कंसल्टेंसी’ अपने माता-पिता मधु और ऋषि के नामों को जोड़कर रखा।
यह नाम उनके परिवार के सहयोग और विश्वास का प्रतीक बन गया।
ऐसा है कंपनी का बिजनेस मॉडल

करिश्मा और हनी ने इमिग्रेशन के बड़े बाजार में हर तरह की सेवाएं देने के बजाय सिर्फ बिजनेस सेटअप सर्विस पर फोकस किया।
शुरुआत में वे केवल वन-टू-वन कंसल्टेशन देती थीं, जिसमें ग्राहकों को इन विषयों पर सलाह दी जाती थी—
- कंपनी रजिस्ट्रेशन
- टैक्स सिस्टम
- लाइसेंसिंग
- बिजनेस बैंकिंग
- मार्केटिंग रणनीति
बाद में ग्राहकों की मांग बढ़ने पर उन्होंने एंड-टू-एंड बिजनेस सेटअप सर्विस शुरू की, जिसमें कंपनी रजिस्ट्रेशन से लेकर कानूनी प्रक्रियाओं तक पूरी जिम्मेदारी उनकी टीम संभालती है।
सालाना ₹1.5 करोड़ से ज्यादा का कारोबार
सोशल मीडिया पर करीब 40,000 ऑर्गेनिक फॉलोअर्स और 2,000 से अधिक सफल कंसल्टेशन के दम पर मिशी कंसल्टेंसी ने बेहद कम समय में शानदार सफलता हासिल की।
शुरुआती चरण में करीब 50 लाख रुपये का कारोबार करने वाली कंपनी अब 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना रेवेन्यू अर्जित कर रही है।
अब दुबई समेत कई देशों में विस्तार

ब्रिटेन में सफलता मिलने के बाद कंपनी ने दुबई (यूएई) में भी अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। वहां भी कुछ ही महीनों में उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 6,000 से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं।
अब दोनों बहनों की नजर एस्टोनिया और पुर्तगाल जैसे उद्यमी-अनुकूल देशों में अपने कारोबार का विस्तार करने पर है।
सफलता से मिलने वाली सीख
करिश्मा और हनी शर्मा की कहानी बताती है कि किसी भी संकट को अवसर में बदला जा सकता है। सही जानकारी, ईमानदारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग और परिवार का साथ किसी भी स्टार्टअप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। नौकरी छूटने जैसी चुनौती ने उन्हें निराश नहीं किया, बल्कि वही उनके करोड़ों रुपये के सफल बिजनेस की शुरुआत बन गई।


