नई दिल्ली: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड (Trent Ltd.) के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। जून तिमाही (Q1 FY27) के बिजनेस अपडेट के बाद कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार में 10% से अधिक टूट गया। बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी मजबूत ग्रोथ दिखाएगी, लेकिन रेवेन्यू और स्टोर विस्तार के आंकड़े निवेशकों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।
10% से ज्यादा क्यों टूटा ट्रेंट का शेयर?
मंगलवार सुबह ट्रेंट का शेयर करीब 3,080 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में गिरकर लगभग 2,992 रुपये तक पहुंच गया। इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी का जून तिमाही का बिजनेस अपडेट रहा, जिसे बाजार ने उम्मीद से कमजोर माना।
हालांकि कंपनी ने साल-दर-साल राजस्व में वृद्धि दर्ज की, लेकिन निवेशकों और विश्लेषकों को इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी।
Q1 में कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन?
ट्रेंट लिमिटेड ने जून तिमाही में 5,666 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 4,781 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने सालाना आधार पर अच्छी वृद्धि हासिल की।
तिमाही के अंत तक कंपनी का रिटेल नेटवर्क बढ़कर 1,312 स्टोर तक पहुंच गया। इनमें शामिल हैं—
- 301 Westside स्टोर
- 982 Zudio स्टोर
- 29 अन्य लाइफस्टाइल फॉर्मेट स्टोर
हालांकि नेटवर्क का विस्तार जारी रहा, लेकिन नए स्टोर खोलने की गति बाजार की अपेक्षा से धीमी रही।
ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि ट्रेंट का Q1 बिजनेस अपडेट उम्मीद से कमजोर रहा। प्रमुख चिंताएं इस प्रकार रहीं—
- रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान से कम रही।
- नए स्टोर खुलने की रफ्तार अपेक्षा से धीमी रही।
- प्रति स्क्वायर फुट रेवेन्यू में सालाना आधार पर 12.2% की गिरावट दर्ज की गई।
- मजबूत वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
यही वजह रही कि बाजार ने अपडेट पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली।
ब्रोकरेज की राय और टारगेट प्राइस
Q1 अपडेट के बाद अलग-अलग ब्रोकरेज हाउस ने ट्रेंट पर अपनी राय बरकरार रखी है।
| ब्रोकरेज | रेटिंग | टारगेट प्राइस |
|---|---|---|
| Bernstein | Outperform | ₹3,500 |
| Morgan Stanley | Overweight | ₹3,151 |
| Citi | Sell | ₹2,733 |
जहां Bernstein और Morgan Stanley लंबी अवधि के लिए कंपनी पर भरोसा जता रहे हैं, वहीं Citi ने कमजोर ग्रोथ और घटते प्रति स्क्वायर फुट रेवेन्यू को देखते हुए अपनी ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखी है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
ट्रेंट भारतीय रिटेल सेक्टर की सबसे तेजी से बढ़ती कंपनियों में शामिल रही है और पिछले कुछ वर्षों में इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। हालांकि, मौजूदा तिमाही के आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार पर बाजार की नजर और भी ज्यादा सख्त हो गई है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कंपनी के बिक्री प्रदर्शन, स्टोर विस्तार और मार्जिन पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई राय विभिन्न ब्रोकरेज रिपोर्टों पर आधारित है और इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


