NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    income-tax-notice-bank-cash-deposit-rs-1-28-crore-itat-relief-case
    Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत
    7 जून 2026
    8th-pay-commission-fitment-factor-government-financial-burden
    8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो सरकारी खजाने पर पड़ेगा भारी बोझ, पेंशन खर्च को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी
    7 जून 2026
    silver-hallmarking-challenges-bis-huid-silver-jewellery
    Silver Hallmarking: चांदी के गहनों पर कब होगी अनिवार्य हॉलमार्किंग? BIS ने बताईं बड़ी चुनौतियां
    7 जून 2026
    world-top-10-strongest-currencies-kuwait-dinar-dollar-rankings
    दुनिया की 10 सबसे ताकतवर करेंसी: अमेरिका का नाम टॉप-5 में भी नहीं, इन मुस्लिम देशों ने बनाई बादशाहत
    7 जून 2026
    edelman-trust-index-2026-india-third-most-trusted-country
    Edelman Trust Index 2026: भारत ने भरोसे की वैश्विक रैंकिंग में दिखाई ताकत, जानिए यह इंडेक्स क्यों है महत्वपूर्ण
    7 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-diesel-rate-today-7-june-2026-crude-oil-price-fall-no-relief
    Petrol Diesel Rate Today: क्रूड 93 डॉलर पर आया, फिर भी नहीं मिली राहत; जानिए क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
    7 जून 2026
    gold-silver-price-today-6-june-2026-city-wise-gold-silver-rate
    Gold-Silver Price: सोना-चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें आपके शहर में क्या है लेटेस्ट रेट
    6 जून 2026
    gold-silver-price-crash-us-nfp-data-gold-silver-fall
    Gold Silver Price Crash: US Jobs Data के बाद सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, एक दिन में ₹15,000 तक टूटे दाम; आगे क्या होगा?
    5 जून 2026
    petrol-diesel-price-today-5-june-2026-latest-rate-crude-oil-price
    Petrol Diesel Price Today: क्रूड ऑयल नरम, फिर भी कोलकाता में पेट्रोल ₹113 के पार, जानिए आज आपके शहर में क्या है नया रेट
    5 जून 2026
    gold-silver-price-today-gold-rises-silver-falls-market-trend-analysis
    Gold Silver Price: सोना उछला, पर चांदी हुई धड़ाम! ₹3800 तक टूटे दाम; क्या अब बदलने वाला है गोल्ड-सिल्वर का ट्रेंड?
    4 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    next-week-stock-market-outlook-us-iran-tension-oil-price-inflation-data
    अगले हफ्ते कौन से फैक्टर्स तय करेंगे शेयर बाजार की चाल? US-ईरान तनाव, तेल के दाम और महंगाई डेटा पर रहेगी निवेशकों की नजर
    7 जून 2026
    upcoming-dividend-bonus-share-stock-split-list-8-to-12-june-2026
    Upcoming Dividend: अगले हफ्ते Adani Ports, Tata Steel समेत 40 कंपनियों में डिविडेंड-बोनस का मौका, निवेशकों के लिए अहम होगी ये तारीखें
    7 जून 2026
    top-5-stocks-gave-up-to-82-percent-return-despite-market-fall
    Share Market: बाजार गिरा लेकिन इन 5 शेयरों ने किया कमाल, एक हफ्ते में 82% तक रिटर्न; क्या अब भी है मौका?
    7 जून 2026
    vijay-kedia-invested-in-websol-energy-and-mahamaya-lifesciences-small-cap-stocks
    विजय केडिया ने इन 2 स्मॉल-कैप स्टॉक्स में लगाया दांव, एक में ₹49 करोड़ तो दूसरे में ₹17 करोड़ का निवेश, जानिए क्यों खास हैं ये कंपनियां
    7 जून 2026
    yes-bank-gst-demand-notice-rs-63-crore-share-price-impact
    YES BANK को GST विभाग से बड़ा झटका, ₹63 करोड़ से ज्यादा का टैक्स डिमांड नोटिस जारी; शेयरों में दिखेगी हलचल?
    6 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Reliance Infra ने SEBI से लगाई गुहार, शेयरों पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग; 7 लाख निवेशकों का दिया हवाला
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Reliance Infra ने SEBI से लगाई गुहार, शेयरों पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग; 7 लाख निवेशकों का दिया हवाला

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/07 at 7:22 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
reliance-infra-sebi-trading-restrictions-review-retail-investors
SHARE

नई दिल्ली। अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई नया प्रोजेक्ट या वित्तीय परिणाम नहीं, बल्कि कंपनी के शेयरों पर लागू ट्रेडिंग प्रतिबंध हैं। कंपनी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और बाजार नियामक SEBI से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि उसके शेयरों पर लागू मौजूदा प्रतिबंधों की समीक्षा की जाए।

Contents
क्या है पूरा मामला?कंपनी ने निवेशकों का मुद्दा क्यों उठाया?ASM Framework क्या होता है?NCLAT के फैसले का भी दिया हवालाहाल में कैसा रहा शेयर का प्रदर्शन?निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?आगे क्या होगा?Live Rates Today

कंपनी का दावा है कि इन प्रतिबंधों की वजह से 7 लाख से अधिक खुदरा और छोटे निवेशकों के हित प्रभावित हो रहे हैं। रिलायंस इंफ्रा का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण शेयर का वास्तविक बाजार मूल्य सामने नहीं आ पा रहा है और निवेशकों के लिए अपने निवेश का उचित प्रबंधन करना मुश्किल हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर फिलहाल विशेष निगरानी व्यवस्था के तहत सीमित ट्रेडिंग नियमों के दायरे में हैं। कंपनी के अनुसार मौजूदा नियमों के तहत उसके शेयरों में सप्ताह में केवल एक बार ट्रेडिंग की अनुमति है और कीमत में अधिकतम 5 प्रतिशत की ही बढ़त या गिरावट संभव है।

कंपनी का तर्क है कि यह व्यवस्था असामान्य परिस्थितियों में निवेशकों की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी, लेकिन अब इसके नकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगे हैं। कंपनी का कहना है कि इस तरह के प्रतिबंधों के कारण शेयर की कीमत बाजार की वास्तविक मांग और आपूर्ति के आधार पर तय नहीं हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शेयर का मूल्यांकन तभी सही तरीके से हो सकता है जब उसमें पर्याप्त ट्रेडिंग वॉल्यूम और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी हो। यदि खरीद-बिक्री सीमित हो जाए तो कीमतों का स्वाभाविक निर्धारण प्रभावित हो सकता है।

कंपनी ने निवेशकों का मुद्दा क्यों उठाया?

रिलायंस इंफ्रा ने अपने ज्ञापन में सबसे अधिक जोर खुदरा निवेशकों के हितों पर दिया है। कंपनी के अनुसार उसके 7 लाख से अधिक सार्वजनिक शेयरधारक हैं, जिनमें बड़ी संख्या छोटे निवेशकों की है।

कंपनी का कहना है कि जब शेयर लगातार लोअर सर्किट या सीमित दायरे में फंस जाता है तो निवेशकों के लिए समय पर अपने शेयर बेचना मुश्किल हो जाता है। कई बार निवेशक अपनी जरूरत के समय शेयर बेचने में सक्षम नहीं होते, क्योंकि ट्रेडिंग अवसर बहुत सीमित होते हैं।

रिलायंस इंफ्रा का तर्क है कि यदि किसी शेयर में पर्याप्त तरलता (Liquidity) नहीं होगी तो उसका उचित मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। इससे बाजार की पारदर्शिता और दक्षता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

ASM Framework क्या होता है?

कंपनी ने अपने आवेदन में अतिरिक्त निगरानी उपाय (Additional Surveillance Measure – ASM) ढांचे का भी उल्लेख किया है। ASM का उपयोग एक्सचेंज उन शेयरों पर करते हैं जिनमें असामान्य मूल्य उतार-चढ़ाव या अत्यधिक सट्टेबाजी की आशंका होती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य निवेशकों को जोखिम के प्रति सतर्क करना और अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करना होता है। हालांकि, कंपनियां कई बार यह तर्क देती हैं कि लंबे समय तक ऐसे प्रतिबंध बने रहने से शेयर की सामान्य ट्रेडिंग प्रभावित होती है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ASM जैसी व्यवस्थाएं निवेशक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन समय-समय पर उनकी समीक्षा भी जरूरी होती है ताकि किसी कंपनी के शेयर में अनावश्यक बाधाएं न बनी रहें।

NCLAT के फैसले का भी दिया हवाला

रिलायंस इंफ्रा ने अपने आवेदन में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के फैसले का भी उल्लेख किया है। कंपनी का कहना है कि NCLAT द्वारा कंपनी के खिलाफ दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) पर रोक लगाए जाने के बावजूद शेयरों पर प्रतिबंध जारी हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके संचालन का नियंत्रण अभी भी निदेशक मंडल के पास है और किसी समाधान पेशेवर (Resolution Professional) ने कंपनी का प्रबंधन अपने हाथ में नहीं लिया है। इसलिए कंपनी का मानना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रतिबंधों की समीक्षा की जानी चाहिए।

हाल में कैसा रहा शेयर का प्रदर्शन?

दिलचस्प बात यह है कि प्रतिबंधों के बावजूद रिलायंस इंफ्रा के शेयरों में हाल के दिनों में तेजी देखने को मिली है। NSE के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले सप्ताह कंपनी का शेयर 21 प्रतिशत से अधिक उछला। शुक्रवार के कारोबार में भी शेयर में अपर सर्किट लगा।

हालांकि शेयर अभी भी अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर 423.40 रुपये से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। मौजूदा स्तरों पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 3,340 करोड़ रुपये के आसपास है।

यह स्थिति बताती है कि निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर रुचि बनी हुई है, लेकिन सीमित ट्रेडिंग व्यवस्था के कारण सामान्य मूल्य खोज (Price Discovery) की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

यदि एक्सचेंज और SEBI कंपनी की मांग पर विचार करते हैं और प्रतिबंधों में ढील दी जाती है, तो शेयर में सामान्य ट्रेडिंग गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे तरलता में सुधार हो सकता है और निवेशकों को खरीद-बिक्री के अधिक अवसर मिल सकते हैं।

हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी नियामकीय निर्णय का आधार निवेशक सुरक्षा, बाजार की स्थिरता और नियमों का पालन होता है। इसलिए केवल कंपनी की मांग के आधार पर प्रतिबंध हटना तय नहीं माना जा सकता।

निवेशकों को कंपनी से जुड़े किसी भी निर्णय पर नजर रखनी चाहिए और केवल खबरों के आधार पर निवेश निर्णय लेने से बचना चाहिए।

आगे क्या होगा?

अब बाजार की नजर NSE, BSE और SEBI की प्रतिक्रिया पर रहेगी। यदि नियामक संस्थाएं कंपनी की दलीलों को उचित मानती हैं तो ट्रेडिंग नियमों में बदलाव संभव है। दूसरी ओर यदि मौजूदा जोखिमों को देखते हुए प्रतिबंध जारी रखे जाते हैं तो शेयर पर वर्तमान व्यवस्था लागू रह सकती है।

फिलहाल यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रश्न भी उठाता है कि निवेशक सुरक्षा और बाजार की तरलता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। आने वाले दिनों में इस पर होने वाला निर्णय रिलायंस इंफ्रा के लाखों निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Live Rates Today

  • Petrol Diesel Price Today
  • Gold Price Today
  • Silver Price Today
  • LPG Price Today
  • CNG Price Today
  • PNG Price Today

You Might Also Like

Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो सरकारी खजाने पर पड़ेगा भारी बोझ, पेंशन खर्च को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी

Silver Hallmarking: चांदी के गहनों पर कब होगी अनिवार्य हॉलमार्किंग? BIS ने बताईं बड़ी चुनौतियां

दुनिया की 10 सबसे ताकतवर करेंसी: अमेरिका का नाम टॉप-5 में भी नहीं, इन मुस्लिम देशों ने बनाई बादशाहत

Edelman Trust Index 2026: भारत ने भरोसे की वैश्विक रैंकिंग में दिखाई ताकत, जानिए यह इंडेक्स क्यों है महत्वपूर्ण

TAGGED: Anil Ambani, ASM Framework, BSE, NSE, Reliance Infra, Reliance Infrastructure, retail investors, SEBI, SHARE MARKET, STOCK MARKET
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article silver-hallmarking-challenges-bis-huid-silver-jewellery Silver Hallmarking: चांदी के गहनों पर कब होगी अनिवार्य हॉलमार्किंग? BIS ने बताईं बड़ी चुनौतियां
Next Article 8th-pay-commission-fitment-factor-government-financial-burden 8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो सरकारी खजाने पर पड़ेगा भारी बोझ, पेंशन खर्च को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी

Recent Posts

  • Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत
  • 8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो सरकारी खजाने पर पड़ेगा भारी बोझ, पेंशन खर्च को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी
  • Reliance Infra ने SEBI से लगाई गुहार, शेयरों पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग; 7 लाख निवेशकों का दिया हवाला
  • Silver Hallmarking: चांदी के गहनों पर कब होगी अनिवार्य हॉलमार्किंग? BIS ने बताईं बड़ी चुनौतियां
  • दुनिया की 10 सबसे ताकतवर करेंसी: अमेरिका का नाम टॉप-5 में भी नहीं, इन मुस्लिम देशों ने बनाई बादशाहत

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

Latest News

income-tax-notice-bank-cash-deposit-rs-1-28-crore-itat-relief-case
Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत
बिजनेस न्यूज़ 7 जून 2026
8th-pay-commission-fitment-factor-government-financial-burden
8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो सरकारी खजाने पर पड़ेगा भारी बोझ, पेंशन खर्च को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी
बिजनेस न्यूज़ 7 जून 2026
silver-hallmarking-challenges-bis-huid-silver-jewellery
Silver Hallmarking: चांदी के गहनों पर कब होगी अनिवार्य हॉलमार्किंग? BIS ने बताईं बड़ी चुनौतियां
बिजनेस न्यूज़ 7 जून 2026
world-top-10-strongest-currencies-kuwait-dinar-dollar-rankings
दुनिया की 10 सबसे ताकतवर करेंसी: अमेरिका का नाम टॉप-5 में भी नहीं, इन मुस्लिम देशों ने बनाई बादशाहत
बिजनेस न्यूज़ 7 जून 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?