HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में बड़ा झटका लगा है। कंपनी इस दौरान ₹11,526.4 करोड़ के कंसोलिडेटेड घाटे में पहुंच गई, जबकि पिछली मार्च तिमाही में उसने ₹4,901.5 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर मार्केटिंग मार्जिन और विदेशी मुद्रा नुकसान का असर कंपनी के प्रदर्शन पर साफ दिखाई दिया। हालांकि, रेवेन्यू और रिफाइनिंग मार्जिन में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली। अब निवेशकों की नजर गुरुवार को शेयर की चाल पर रहेगी।
जून तिमाही में घाटे में पहुंची HPCL
HPCL द्वारा जारी वित्तीय नतीजों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को ₹11,526.4 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ। इससे पहले जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹4,901.5 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था।
कंपनी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर घटते मार्केटिंग मार्जिन ने उसके मुनाफे को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
रेवेन्यू में 22% से ज्यादा की बढ़ोतरी
हालांकि कंपनी के कारोबार में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। जून तिमाही में HPCL का कुल रेवेन्यू 22.3% बढ़कर ₹1.41 लाख करोड़ हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹1.15 लाख करोड़ था।
इससे साफ है कि बिक्री में मजबूती बनी रही, लेकिन बढ़ती लागत और कमजोर मार्केटिंग मार्जिन के कारण कंपनी इस बढ़े हुए रेवेन्यू को मुनाफे में नहीं बदल सकी।
EBITDA भी भारी घाटे में
कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी कमजोर रहा। जून तिमाही में HPCL का EBITDA ₹16,141 करोड़ के घाटे में रहा, जबकि पिछली तिमाही में कंपनी ने ₹8,979 करोड़ का सकारात्मक EBITDA दर्ज किया था।
यह गिरावट बताती है कि परिचालन स्तर पर भी कंपनी पर दबाव बना रहा।
GRM में जबरदस्त उछाल, फिर भी क्यों हुआ नुकसान?
आमतौर पर किसी तेल कंपनी के लिए ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) बढ़ना सकारात्मक माना जाता है। HPCL का GRM जून तिमाही में बढ़कर 23.80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह केवल 3.08 डॉलर प्रति बैरल था।
इसके बावजूद कंपनी को घाटा उठाना पड़ा। इसकी सबसे बड़ी वजह मार्केटिंग मार्जिन में भारी गिरावट रही। कंपनी ने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा बिक्री पर मिलने वाला मार्जिन काफी कमजोर रहा, जिससे रिफाइनिंग कारोबार से हुई बेहतर कमाई भी कुल मुनाफे को संभाल नहीं सकी।
इसके अलावा कंपनी को इस अवधि में ₹15.21 करोड़ का विदेशी मुद्रा (Forex) नुकसान भी उठाना पड़ा।
पेट्रोल और डीजल की बिक्री में बढ़ोतरी
जून तिमाही के दौरान HPCL की कुल बिक्री (निर्यात सहित) 0.6% बढ़कर 13.12 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) रही।
घरेलू बिक्री लगभग स्थिर रही और इसमें 0.1% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, पेट्रोल और डीजल की संयुक्त बिक्री 8.1% बढ़कर 8.8 MMT पहुंच गई, जो उपभोक्ता मांग में मजबूती का संकेत देती है।
कंपनी ने इस दौरान:
- 17.29 लाख टन LPG की बिक्री की।
- पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए 6.61 MMT पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर जारी है निवेश
HPCL ने भविष्य की विकास योजनाओं पर भी निवेश जारी रखा। जून तिमाही में कंपनी ने ₹1,734 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया।
यह निवेश मुख्य रूप से:
- रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने,
- मार्केटिंग नेटवर्क मजबूत करने,
- नई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं,
- और अन्य ऊर्जा कारोबार के विस्तार पर किया गया।
इसके अलावा कंपनी को HPLNG छारा टर्मिनल पर हर मौसम में परिचालन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल गई है, जिससे भविष्य में LNG कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
HPCL का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा
30 जून 2026 तक HPCL के पास:
- 25,160 रिटेल पेट्रोल पंप
- 6,391 LPG डिस्ट्रीब्यूटर
- 54,586 PNG कनेक्शन
मौजूद थे। इससे साफ है कि कंपनी देशभर में अपने वितरण नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है।
शेयर पर रहेगी निवेशकों की नजर
जून तिमाही के कमजोर नतीजों से पहले ही बाजार में दबाव देखने को मिला। बुधवार को HPCL का शेयर 3.1% गिरकर ₹394.35 पर बंद हुआ।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कमजोर तिमाही नतीजों के बाद शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक की चाल कैसी रहती है। यदि आने वाली तिमाहियों में मार्केटिंग मार्जिन में सुधार होता है और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है, तो कंपनी की लाभप्रदता में सुधार देखने को मिल सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


