नई दिल्ली। भारत में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए निवेश करने वालों की संख्या हर महीने नए रिकॉर्ड बना रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि SIP छोटे निवेशकों को भी लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का मौका देती है।
हालांकि, जब कोई निवेशक नई SIP शुरू करने का फैसला करता है तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर किस म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाए। बाजार में सैकड़ों म्यूचुअल फंड मौजूद हैं, लेकिन सभी फंड समान प्रदर्शन नहीं करते। ऐसे में उन फंड्स पर नजर डालना जरूरी हो जाता है जिन्होंने लंबे समय में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया हो और निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया हो।
अगर पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन को देखा जाए तो कुछ ऐसे म्यूचुअल फंड सामने आते हैं जिन्होंने 15 प्रतिशत से लेकर 23 प्रतिशत तक का CAGR रिटर्न दिया है। इनमें फ्लेक्सी कैप, मिड कैप, बैलेंस्ड एडवांटेज और हाइब्रिड कैटेगरी के फंड शामिल हैं। आइए जानते हैं ऐसे पांच फंड्स के बारे में जो जून 2026 में SIP शुरू करने वाले निवेशकों के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
जून 2026 में SIP शुरू करने वालों के लिए टॉप 5 म्यूचुअल फंड
1. पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड
फ्लेक्सी कैप कैटेगरी में पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड का नाम सबसे लोकप्रिय फंड्स में लिया जाता है। इस फंड की खासियत यह है कि फंड मैनेजर बाजार की स्थिति के अनुसार लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश कर सकता है। यही वजह है कि यह फंड लंबे समय के निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय बना हुआ है।
इस फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 1.40 लाख करोड़ रुपये है। पिछले तीन वर्षों में इसने लगभग 15.58 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है। इसका एक्सपेंस रेशियो लगभग 0.53 प्रतिशत है, जो बड़े फंड्स की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी माना जाता है।
जो निवेशक लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण करना चाहते हैं और जोखिम को संतुलित रखना चाहते हैं, उनके लिए यह फंड एक मजबूत विकल्प माना जाता है।
2. एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड
यदि कोई निवेशक इक्विटी बाजार में निवेश करना चाहता है लेकिन पूरी तरह शेयर बाजार के जोखिम से बचना भी चाहता है, तो एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड उसके लिए उपयुक्त विकल्प हो सकता है।
इस फंड का AUM लगभग 1,05,377 करोड़ रुपये है। पिछले तीन वर्षों में इसने करीब 14.96 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है। यह फंड बाजार की परिस्थितियों के अनुसार इक्विटी और डेट निवेश के अनुपात को बदलता रहता है, जिससे गिरावट के दौर में जोखिम कम करने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए निवेशकों और मध्यम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए यह फंड लंबी अवधि में बेहतर संतुलन प्रदान कर सकता है।
3. एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड
एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रदर्शन किया है। लगभग 1,00,479 करोड़ रुपये के AUM वाला यह फंड विभिन्न मार्केट कैप वाली कंपनियों में निवेश करता है।
इस फंड ने पिछले तीन वर्षों में लगभग 18.32 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है। इसका एक्सपेंस रेशियो करीब 0.67 प्रतिशत है। बाजार में तेजी और गिरावट दोनों परिस्थितियों में इस फंड ने अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन दिखाया है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर हो सकता है जो इक्विटी में निवेश करके लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की तलाश कर रहे हैं।
4. एचडीएफसी मिड कैप फंड
इस सूची में सबसे अधिक रिटर्न देने वाला फंड एचडीएफसी मिड कैप फंड है। मिड कैप कैटेगरी के इस फंड ने पिछले तीन वर्षों में करीब 23.21 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है।
फंड का कुल AUM लगभग 85,357 करोड़ रुपये है। मिड कैप कंपनियों में निवेश होने के कारण इसमें उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है, लेकिन लंबी अवधि में उच्च रिटर्न की संभावना भी अधिक रहती है।
जो निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं और थोड़ा अतिरिक्त जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, उनके लिए यह फंड आकर्षक विकल्प माना जा सकता है।
हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मिड कैप फंड में निवेश करते समय कम से कम 7 से 10 वर्षों का निवेश क्षितिज रखना चाहिए।
5. एसबीआई इक्विटी हाइब्रिड फंड
एसबीआई इक्विटी हाइब्रिड फंड उन निवेशकों के लिए बनाया गया है जो इक्विटी की ग्रोथ और डेट की स्थिरता दोनों का लाभ लेना चाहते हैं।
करीब 83,353 करोड़ रुपये के AUM वाला यह फंड पिछले तीन वर्षों में लगभग 14.39 प्रतिशत CAGR रिटर्न देने में सफल रहा है। इसका एक्सपेंस रेशियो लगभग 0.71 प्रतिशत है।
यह फंड विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जाता है जो पहली बार SIP शुरू कर रहे हैं या जो बाजार की अधिक अस्थिरता से बचना चाहते हैं।
केवल रिटर्न देखकर निवेश करना क्यों सही नहीं?
अधिकांश निवेशक किसी फंड का चयन केवल पिछले रिटर्न को देखकर करते हैं, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञ इसे सही रणनीति नहीं मानते। किसी भी म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन समय के साथ बदल सकता है। इसलिए निवेश से पहले फंड की निवेश रणनीति, जोखिम स्तर, फंड मैनेजर का रिकॉर्ड और पोर्टफोलियो की गुणवत्ता को भी समझना जरूरी होता है।
उदाहरण के तौर पर, मिड कैप फंड उच्च रिटर्न दे सकते हैं लेकिन इनमें जोखिम भी अधिक होता है। वहीं हाइब्रिड और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड अपेक्षाकृत स्थिर रिटर्न देने का प्रयास करते हैं।
SIP निवेशकों को क्या फायदा मिलता है?
SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशक को बाजार का सही समय चुनने की जरूरत नहीं पड़ती। हर महीने निश्चित राशि निवेश करने से रुपये की लागत औसत (Rupee Cost Averaging) का लाभ मिलता है।
जब बाजार गिरता है तो निवेशक को अधिक यूनिट मिलती हैं और जब बाजार बढ़ता है तो कम यूनिट मिलती हैं। लंबी अवधि में यही रणनीति बेहतर रिटर्न देने में मदद करती है।
इसके अलावा SIP निवेशकों में नियमित निवेश की आदत विकसित करती है, जो धन निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
किस निवेशक के लिए कौन सा फंड बेहतर हो सकता है?
यदि आप कम जोखिम चाहते हैं तो एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड और एसबीआई इक्विटी हाइब्रिड फंड पर विचार कर सकते हैं।
यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि का संपत्ति निर्माण है तो पराग पारिख फ्लेक्सी कैप और एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
वहीं अगर आप अधिक जोखिम लेकर ऊंचे रिटर्न की तलाश में हैं तो एचडीएफसी मिड कैप फंड पर नजर डाल सकते हैं।
निष्कर्ष
जून 2026 में SIP शुरू करने की योजना बना रहे निवेशकों के लिए पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड, एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड, एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड, एचडीएफसी मिड कैप फंड और एसबीआई इक्विटी हाइब्रिड फंड मजबूत विकल्पों के रूप में उभरकर सामने आते हैं। इन फंड्स ने पिछले तीन वर्षों में 14 प्रतिशत से 23 प्रतिशत तक का CAGR रिटर्न दिया है।
हालांकि, किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और वित्तीय लक्ष्यों का आकलन जरूर करें। सही फंड का चयन और लंबे समय तक निवेश बनाए रखना ही SIP के जरिए संपत्ति निर्माण का सबसे बड़ा मंत्र माना जाता है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश करने से पहले योजना से जुड़े सभी दस्तावेज ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)


